सरिता विशेष

दिल्ली के सेंट स्टीफन कॉलेज से दर्शन शास्त्र की पढ़ाई कर चुके ‘लाइफ ऑफ पाई’,‘उमरीटा’, ‘होमलैंड’ और बॉलीवुड फिल्म ‘फिलौरी’ फेम अभिनेता सूरज शर्मा पर दर्शन शास्त्र की पढ़ाई का अच्छा खास असर है. इसी के चलते उनका जीवन दर्शन शास्त्र भी अलग है. अपने जीवन दर्शन की बात करते हुए सूरज शर्मा कहते हैं, ‘‘मेरा जीवन दर्शन यह है कि अगर आप किसी चीज पर यकीन करो, तो उसमें भी कहीं न कहीं थोड़ी जगह ऐसी छोड़ो, जहां आप उस पर भी शक कर सकें. जिससे आप आगे बढ़ सकें. बिना सोचे समझे किसी भी राह पर आगे नहीं बढ़ना चाहिए. इसलिए सवाल करना जरूरी है. मेरा मानना है कि जिंदगी में बदलाव के अलावा कुछ भी स्थिर नहीं है.’’

तो वहीं प्यार को लेकर अपने जीवन दर्शन को संदर्भ में सूरज शर्मा ने कहा,‘‘मेरे लिए पहली प्राथमिकता पारिवारिक प्यार है. उसके अलावा दोस्तो में जो प्यार मिलता है, वैसा प्यार कहीं नहीं मिलेगा. कुछ लोग प्यार के चक्कर में अपने दोस्तों को छोड़ देते हैं. कुछ समय बाद पता चलता है कि जिस प्यार के चक्कर में दोस्तों को छोड़ा था, वह प्यार भी चला गया और दोस्त भी चले गए. मेरे हिसाब से प्यार दोस्तों में है. यदि आपको किसी से प्यार होगा, तो पहले उससे आपकी दोस्ती ही होगी. रोमांस बाद में होगा. क्योंकि दोस्ती में ही कम्पेनियनशिप व कंफर्टशिप तय होती है.’’

सूरज शर्मा और स्कूल के दोस्त

सूरज शर्मा भले ही अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त अभिनेता है. मगर स्कूल व कॉलेज के उनके जो दोस्त रहे हैं, उनसे उनकी आज भी दोस्ती है. खुद सूरज शर्मा बताते हैं- ‘‘मेरे कई दोस्त हैं. मेरे कुछ दोस्त मेरी चार साल की उम्र से चले आ रहे हैं. लक्की हं. मेरे यह दोस्त अलग-अलग काम कर रहे हैं. पर यह भी है कि यह जरुरी नही है कि हम हर दिन बात करें. मैं हंसी मजाक में यकीन करता हूं. दोस्ती में हम किसी को भी ग्रांटेड मानकर नहीं चलते. हमें दोस्ती निभाने के लिए सुनना पड़ता है.’’