सरिता विशेष

हर कलाकार व सिनेकर्मी दोहराता रहता है कि कला को देश की सीमाओं में कैद नहीं किया जा सकता. अब यह कथन सच साबित होने लगा है. इन दिनों कई देशों के फिल्मकार एक साथ मिलकर फिल्मों का निर्माण कर रहे हैं. एक तरफ ‘जील’ के ‘‘जील फार युनिटी’ के मंच के तहत भारतीय व पाकिस्तानी फिल्मकार 12 फिल्में बना चुके हैं. तो दूसरी तरफ इरफान खान, बांगलादेशी फिल्मकार मुस्तफा सरवर फारूकी के संग मिलकर द्विभाषी फिल्में ‘‘नो बेड आफ रोजेस’ व ‘देबू’ का निर्माण करने वाले हैं. तो तीसरी तरफ भारत के ‘‘केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड’’ के चेयरमैन व फिल्म निर्माता पहलाज निहलानी, इरानियन फिल्मकार जावेद नोरौजबेगी के संग मिलकर एक इंडो इरानियन फिल्म ‘सलाम मुंबई’ लेकर आ रहे हैं. भारतीय और इरानियन सभ्यता व संस्कृतिक के मिश्रण वाली फिल्म ‘सलाम मुंबई’ का फिल्मांकन पूरा हो चुका है. यह फिल्म भारतीय व ईरानी फिल्म तकनीशियनों का पहला संयुक्त प्रयास है.

फिल्म ‘‘सलाम मुंबई’’ के हीरो ईरानी कलाकार मोहम्मद रजा गुलजार तथा हीरोईन भारतीय अभिनेत्री दिया मिर्जा हैं. फिल्म के अन्य कलाकार हैं-पूनम ढिल्लों, बेनामिन बहडोरी, गुलशन ग्रोवर, दलीप ताहिल, शैली महमोदीव बेहरुज चैहल.

इस फिल्म की चर्चा करते हुए पहलाज निहलानी कहते हैं-‘‘मनोरंजन दो देशों की सभ्यता व संस्कृति को एक साथ ला सकता है, इस बात को साबित करने वाला भारतीय व ईरानी फिल्म तकनीशियनों के पहले संयुक्त प्रयास के रूप में फिल्म ‘‘सलाम मुंबई’’ बहुत जल्द दर्शकों के सामने पहुंचने वाली है. यह फिल्म भारत व ईरान दोनो देशों के कल्चर को चित्रित करती है.’’

फिल्म ‘‘सलाम मुंबई’’ का निर्माण जावेद नोरोजबेगी व पहलाज निहलानी ने मिलकर किया है. पटकथा लेखक व निर्देशक घोरबन मोहम्मद पौर तथा संगीतकार दिलशाद शेख हैं. जावेद नोरौजबेगी मशहूर ईरानियन फिल्मकार हैं. वह माजिद मजीदी के साथ मिलकर फिल्म ‘‘द सी आफ स्पैरोज’’ का निर्माण कर चुके हैं.

फिल्म ‘‘सलाम मुंबई’’ दो मुख्य प्रोटोगानिस्ट की प्रेम कहानी है, जिसमें दो देशों के आपसी टकराव के साथ भारतीय व ईरान के कल्चर का भी चित्रण है. यह कहानी मेडिकल की पढ़ाई कर रहे विश्व के दो अलग अलग देशों के विद्यार्थियों की है, जो कि आपस में प्रेम करते हैं और देश की सीमाओं से परे एक होना चाहते हैं.