सरिता विशेष

संगीत के क्षेत्र में इलेक्ट्रानिक उपकरणों व ‘की’ बोर्ड के आने के बाद लाइव संगीत की रिकार्डिंग बंद हो चुकी है. परिणामतः संगीत को संवारने के लिए वाद्य यंत्र बजाने वाले सभी महारथी गुमनामी के अंधेरे में न सिर्फ खो चुक हैं, बल्कि उनकी आर्थिक हालत भी बहुत खराब हो चुकी है. ऐसी ही हस्तियों की मदद के लिए सोनी टीवी के संगीत प्रधान चैनल ‘‘सोनी मिक्स’’ ने अपनी पांचवीं वर्षगांठ के अवसर पर इस वर्ष से ‘‘धुन प्रोजेक्ट’’ की शुरूआत की है. इसके तहत ‘‘सोनी मिक्स’’ हर साल एक गुमनाम व जरुरतमंद वाद्य यंत्र वादक की तलाश कर उन्हे व उनके परिवार की मदद के लिए दस लाख रूपए दिया करेगा. इस वर्ष सोनी मिक्स ने ‘धुन प्रोजेक्ट के तहत अपनी तरफ से अपने समय के मशहूर ढोलक वादक रोशन अली को दस लाख रूपए देने के लिए चुना है. रोशन अली ने तमाम बड़ी बड़ी फिल्मों के गीत संगीत को संवारते समय ढोलक बजायी थी. पिछले पांच वर्ष से वह उनके आधे षशरीर को लकवा मार गया है, जिसके चलते उनकी व उनके पारिवार की आर्थिक हालत काफी खस्ता है.

2011 में शुरू हुआ ‘‘सोनी मिक्स’’ चैनल संगीत व मनोरंजन का एक मात्र ऐसा चैनल है, जो कि दर्शकों को प्रमोशनल गीत संगीत परोसने की बजाय हर तरह का संगीत अपने चैनल पर परोसता है.

धुन प्रोजेक्ट का मकसद संगीत को समृद्ध करना, संगीत के क्षेत्र में लोगों को शिक्षा की सुविधाएं उपलब्ध करना भी है. इसके लिए धुन प्रोजेक्ट को आम लोग या उद्योगपति भी अपनी अनुदान राशि दे सकते हैं. सोनी मिक्स ने ‘धुन प्रोजेक्ट’ के लिए धन इकट्ठा करने के लिए क्राउड फंडिंग करने का भी मन बनाया है. इसके लिए वह कुणाल कपूर की एनजीओ ‘‘किट्टो’’ की भी मदद ले रहा है.

धुन प्रोजेक्ट के संदर्भ में जब सोनी पिक्चर्स नेटवर्क के सीईओ एन पी सिंह से बात हुई, तो उन्होंने कहा- ‘‘इंसान के सशक्तिकरण में फिर चाहे वह पुरूष हो महिला, संगीत का अपना बहमूल्य योगदान होता है. हम अपने चैनल की तरफ से धुन प्रोजेक्ट के माध्यम से प्रतिभाशाली म्यूजीशियन की मदद कर उन्हे आगे लाना चाहते हैं. जिससे वह भारतीय संगीत को समृद्ध करने के साथ साथ मधुर संगीत के साथ हमें एकता के सूत्र में बांध सकें.’’

जबकि सोनी मिक्स के बिजनेस हेड नीरज व्यास ने कहा-‘‘पांच वर्षों में हमारे चैनल सोनी मिक्स ने काफी प्रगति की है. अब समय की मांग है कि हम संगीत जगत को कुछ तो वापस दें.’’ इसी सोच के साथ हमने ‘धुन प्रोजेक्ट’ शुरू किया है.