सरिता विशेष

आतंकवादी संगठन आईएसआई एसआई अपने पैर पसारते हुए कई भारतीय युवकों को अपने साथ जोड़ रहा है. ऐसे में एक भारतीय बालक किस तरह इस आतंकवादी संगठन के खिलाफ काम कर सकता है, इस बात को रेखांकित करने वाली फिल्म का निर्माण शांतनु सिंह अपने बैनर ‘‘नारायण फिल्मस’’ के तहत कर रहे हैं. जिसके निर्देशन व लेखन की जिम्मेदारी सुहादन आंग्रे कर रहे हैं.

फिल्म ‘‘बिल्लू उस्ताद’’ की कहानी एक अनाथ आश्रम में रहने वाले एक बालक बिल्लू और उसके चार दोस्तों की है. यह काफी खुश हैं. पर कहानी में तब मोड़ आता है, जब आतंकवादी संगठन बिल्लू के दोस्तों का अपहरण कर उनका ब्रेनवाश करके उन्हे अपने आतंकवादी गिरोह का हिस्सा बना उन्हे जेहादी बना देता है. उसके बाद बिल्लू एक आईएएस अफसर विजय और एटीएस अफसर सिराज के साथ मिलकर आतंकवादी संगठन को कड़ी टक्कर देता है.  

फिल्म ‘‘बिल्लू उस्ताद’’ की चर्चा करते हुए सुहादन आंग्रे कहते हैं-‘‘हमारी फिल्म ‘बिल्लू उस्ताद’’ का मूल मंत्र यह है कि यदि आतंकवादी संगठन आईएसआई एसआई भारतीय युवकों को अपने जाल में फंसाकर आतंकवाद को बढ़ावा दे सकता हैं, तो बिल्लू जैसा भारतीय बालक अपने देश के बच्चों को इन आतंकवादियों व जेहादियों के खिलाफ लड़ने की ट्रेनिंग दे सकता है. हम अपनी इस फिल्म के माध्यम से टीनएजर बच्चों के अंदर देशभक्ति की भावना को जागृत करना चाहते हैं.इस फिल्म में हम अनाथाश्रम की जिंदगी और बच्चों की खुषियों का भी चित्रण कर रहे हैं.’’

फिल्म के निर्माता शांतनु सिंह कहते हैं- ‘‘हम हास्यप्रद दृश्यों  के साथ लोगों का मनोरंजन करते हुए पूरे समाज को अच्छा संदेश और बच्चों में देशभक्ति की भावना को जगाना चाहते हैं.’’ फिल्म ‘‘बिल्लू बादशाह’’ के लिए संगीतकार श्रीरंग अरस के निर्देशन में कैलाश खेर ने एक गाना रिकार्ड किया है. फिल्म में प्रियांषु चटर्जी और मिथिला नायक की मुख्य भूमिका है.