सरिता विशेष

बौलीवुड में जितनी तेजी से सफलता मिलती है, उतनी ही तेजी से असफलता भी हाथ लगती है, जिसे संभाल पाना हर इंसान के लिए मुश्किल होता है. परिणामतः ज्यादातर लोग डिप्रेशन मे चले जाते हैं. मगर इस बात को कबूल करने का साहस ‘शो बिजनेस’ से जुडे़ लोगों के लिए हमेशा असंभव रहा है. मगर लगभग एक साल पहले इस बात को दीपिका पादुकोण ने कबूल किया था और अब तो दीपिका पादुकोण एक एनजीओ भी चला रही हैं, जो कि  डिप्रेशन के शिकार लोगों को डिप्रेशन से मुक्ति पाने में मदद करता है.

दीपिका के बाद अब एक टीवी चैनल से बात करते हुए फिल्मकार करण जौहर ने भी कबूल किया है कि वह भी डिप्रेशन का शिकार हुए थे. उन्होंने टीवी चैनल के पत्रकार से कहा-‘‘मैने लोगों को डिप्रेशन पर खुलकर बातें करते सुना है. मेरी जिंदगी में भी एक ऐसा ही पड़ाव आया था. करीबन दो ढाई साल तक मैं क्लीनिकल डिप्रेशन का शिकार रहा. मैं एक मीटिंग में था. तभी अचानक मुझे लगा कि मुझे हृदयाघात हो रहा है. मैने लोगों से माफी मांगी और डाक्टर के पास पहुंचा. पता चला कि यह हार्ट अटैक नहीं, बल्कि डिप्रेशन का मसला है. उसके बाद मैंने मनोवैज्ञानिक डाक्टर से संपर्क किया. फिर मुझे अहसास हुआ कि मुझे अपने कुछ आंतरिक मुद्दों को हल करने चाहिए. मेरी राय में डिप्रेशन कोई दिमागी बीमारी नही है. लोगों को इस पर खुलकर बात करना चाहिए.’’

करण जौहर ने आगे कहा- ‘‘मनोवैज्ञानिक डाक्टर के यहां मैंने मेडीटेशन करके बहुत कुछ बदलाव महसूस किया.’’