सरिता विशेष

कश्मीर के उरी क्षेत्र पर हुए आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तानी कलाकारों की चुप्पी को देखते हुए ‘महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना’ ने बौलीवुड में पाकिस्तानी कलाकारों के काम करने पर बैन लगाने के अलावा पाकिस्तानी कलाकारों ने जिन भारतीय फिल्मों मे अभिनय किया है, उन्हें प्रदर्शित न होने देने की धमकी दी.

इसके बाद बौलीवुड दो खेमों में बंट गया. पर पाकिस्तानी कलाकारों के कानों पर जूं नहीं रेंगी. ‘इम्पा’ द्वारा पाकिस्तानी कलाकारों पर बैन लगाने के आदेश के बाद भी पाकिस्तानी कलाकारों के कानों पर जूं नहीं रेंगी. जबकि पाकिस्तानी अभिनेत्री माहिरा खान के अभिनय से सजी शाहरुख खान की फिल्म ‘रईस’ के प्रदर्शन की तारीख बदल दी गयी.

फवाद खान के अभिनय से सजी करण जोहर की फिल्म ‘ऐ दिल है मुश्किल’ के प्रदर्शनन को लेकर रहस्य गहराता जा रहा है. करण जोहर ने बहुत हाथ पैर मार लिए. पर सूत्रों के अनुसार अब करण जोहर की भी हालत खराब हो गयी है. क्योंकि कई फिल्म एक्जबीटरों ने करण जोहर की फिल्म ‘ऐ दिल है मुश्किल’ को प्रदर्षित करने से मना कर दिया.

इतना ही नहीं अब तो सिनेमाघर मालिकों ने भी ‘ऐ दिल है मुश्किल’ को प्रदर्शित करने से साफ मना कर दिया. सूत्रों के अनुसार इस तरह के हालात बनने के बाद करण जोहर ने अपनी फिल्म ‘ऐ दिल है मुश्किल’ को अब 28 अक्टूबर की बजाय 2017 में करने का निर्णय ले लिया है.

इतना ही नहीं पाकिस्तानी गायकों शफाकत अमानत अली व आतिफ असलम का भारत में होने वाले म्यूजिक कंसर्ट के स्थगित हो जाने के बाद सात अक्टूबर की दोपहर तक पाकिस्तानी गायक शफाकत अमानत अली ने एक टीवी चैनल से बात करते हुए उरी पर हुए आतंकवादी हमले की निंदा की.

शफाकत अमानत अली ने कहा है, ‘‘यह आतंकवादी हमला था. मैं इसकी निंदा करता हूं. जहां तक मैं समझता हूं, हर पाकिस्तानी कलाकार आतंकवादी हमले की निंदा करता रहा है. फिर वह विश्व के किसी भी कोने में हो. हम भी कई वर्षो से आतंकवादी हमलों का दर्द झेलते आ रहे है. हमें इस बात का अहसास है कि जब आपके सैनिक या आपके नागरिक मारे जाते हैं तो कैसा लगता है. मुझे नहीं लगता कि कोई भी पाकिस्तानी कलाकार उरी हमले को सही कहेगा. वास्तव में उरी पर हमले के बाद जिस तरह से लोगों का गुस्सा पाकिस्तानी कलाकारों को लेकर फूटा, उसकी वजह से सब चुप हैं.’’

उसके बाद यानी कि उरी पर हुए आतंकवादी हमले के पूरे बीस दिन के बाद चुप्पी तोड़ी. मगर फवाद खान अपने आपको बहुत ही ज्यादा चालाक समझते हैं. उन्होंने फेसबुक के माध्यम से सफाई दी है. मगर फवाद खान के बयान में कहीं भी उरी क्षेत्र का जिक्र नही है.

फवाद खान ने कहा है, ‘‘मैं जुलाई माह से ही लाहौर में हूं क्योकि मेरी पत्नी दूसरे बच्चे को जन्म देने वाली थी. मुझसे मीडिया व दुनियाभर के कई शुभचिंतकों की तरफ से पिछले कुछ सप्ताह के दौरान घटित दुःखद घटनाओं पर मेरे विचार पूछ रहे थे. दो छोटे बच्चों का पिता होने के नाते, तमाम लोगो की तरह चाहता हूं कि हम सभी मिलकर एक शांतिपूर्ण दुनिया का निर्माण करें व एकता व स्नेह के साथ रहें. हम अपने बच्चों के अहसानमंद हैं जो हमारा कल बनेंगे.’’

फवाद खान ने आगे लिखा है, ‘‘मैंने इस मुद्दे पर पहली बार बोला है. कृपया मेरे नाम पर कहे गए किसी भी शब्द पर ध्यान न दें. क्योंकि मैंने ऐसा कुछ कहा नहीं है. इस बंटी हुई दुनिया को एकता व स्नेह के सूत्र में बांधने के लिए मैं अपने सभी भारतीय, पाकिस्तानी व पूरी दुनिया में मौजूद प्रशंसकों का शुक्रिया अदा करता हूं.’’

बहरहाल, अब फवाद खान के फेसबुक के इस बयान को क्या माना जाए?