शीना वोरा मर्डर आधारित निर्माता अवध शर्मा की फिल्म ‘‘एक कहानी जूली की’’ से पहली बार बडे़ परदे पर हीरोईन बनकर आ रही अभिनेत्री राखी सावंत कुछ दिनो से काफी उत्साहित थी. लेकिन अब वह और उनकी फिल्म के निर्माता अवध शर्मा, ‘‘केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड’’ और इसके चेयरमैन पहलाज निहलानी के खिलाफ आग उगल रहे हैं. इसकी मूल वजह यह है कि ‘केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड’’ ने उनकी फिल्म ‘‘एक कहानी जूली की’’ को कुछ कट्स के साथ ‘ए’ प्रमाणपत्र प्रदान किया है. अवध शर्मा का आरोप है कि केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड ने उनकी फिल्म के प्रोमो व ट्रेलर में जिन संवादो को पारित कर ‘यूए’ प्रमाण पत्र दिया था, जो संवाद फिल्म के प्रोमो व ट्रेलर में ‘यूए’ प्रमाणपत्र के साथ चल रहे हैं, उन्हीं संवादों को अब ‘ए’ प्रमाणपत्र के साथ काटने के लिए कैसे कह सकते हैं.

जबकि अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए राखी सावंत कहती हैं-‘‘मुझे पहलाज निहलानी और सेंसर बोर्ड से बहुत नाराजगी है. मैं कोई सनी लियोनी नही हूं कि आप मेरी फिल्म को ‘ए’ सर्टीफिकेट दे दें. सनी लियोनी ने जितनी नग्नता परदे पर दिखायी है, जितने किसिंग सीन किए हैं, उतने मैंने नहीं किए हैं. हमारी फिल्म ‘एक कहानी जूली की’ में जो भी सीन हैं, वह भारतीय जनता का लिहाज करते हुए रखे गए हैं. हमने तो खुद एक लक्ष्मण रेखा बना रखी है. मेरी फिल्म लोग पूरे परिवार के साथ देख सकते हैं. मेरी समझ में नहीं आता कि सेंसर बोर्ड की इतनी हिम्मत कैसे हो गयी कि उन्होंने राखी सावंत की फिल्म है, इसलिए ‘यूए’ के लिए 34 कट दे दिए.

‘ए’ प्रमाणपत्र के लिए छह कट दे दिए. यह गलत है. फिल्म ‘ओंकारा’ में कितनी गालियां थीं. राखी सावंत का कोई गाड फादर नहीं है, इसलिए आप उसकी फिल्म के साथ इस तरह से व्यवहार करेंगे. यह दुर्भाग्य की बात है कि यह लोग मुझे भी सनी लियोनी समझ रहे हैं. इमरान हाशमी परदे पर चार घंटे तक किस करते रहते हैं और उसे सेंसर पास कर देता है. मैं अपना हक छीन कर रहूंगी. मेरा एक वीडियो था, जिसका नाम कमीनी था. उस पर सेंसर बोर्ड ने आपत्ति कर दी थी. जबकि फिल्म ‘कमीने’ पास कर दी थी. मैंने लड़ाई लड़ी, जीती. अभी सेंसर बोर्ड ने ‘ग्रेट ग्रैंड मस्ती’, ‘मस्तीजादे’, ‘क्या सुपर कूल हैं हम’ इसलिए पास कर दी, क्योंकि एकता कपूर की फिल्म थीं.’’