सरिता विशेष

भारत ही नहीं पूरे विश्व में बाल वेश्यावृत्ति जैसा जघन्य व अति घिनौना अपराध तेजी से अपना पैर पसारते जा रहा है. इस जघन्य अपराध पर अंकुश लगाने के लिए समाज के हर इंसान के बीच जागृति लाना बहुत जरुरी है. इसी बात को ध्यान में रखकर हिमाचल प्रदेश के अंबा जिले की मूल निवासी बबिता मोड़गिल ने नब्बे मिनट की एक यथार्थ परक फिल्म ‘‘सडेन क्राय’’ का निर्माण किया है.

इस फिल्म की चर्चा चलने पर बबिता मोड़गिल ने कहा-‘‘मेरी नजर में सिनेमा सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं है. बल्कि बाल वेश्यावृत्ति जैसे घिनौने अपराध का पर्दाफाश किया जाना चाहिए. मैं तो फिल्म ‘आएशा’ के प्रोडक्शन से भी जुड़ी रही हूं. मेरी रूचि दिमागी रूप से सोचने पर मजबूर करने वाली व सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ बातें करने वाली फिल्में ज्यादा पसंद है. जब मुझे एक समाचार चैनल के माध्यम से बाल वेश्यावृत्ति के बारे में पता चला, तो मुझे बहुत पीड़ा हुई. उसके बाद मैं कई ऐसी जगहों पर गयी, जहां दलालों के चंगुल में फंसी हुई सैकड़ों मासूम लड़कियां नारकीय व दर्दनाक जिंदगी जीने पर मजबूर हैं. इस घिनौने व्यवसाय में कई सफेदपोश लोग लिप्त मिले. यह सब देखकर मैने ‘सडन क्राय’ फिल्म बनाने का निर्णय लिया, जिसमें निर्देशक पंकज पुरोहित ने मेरी काफी मदद की.’’