पाकिस्तानी कलाकारों को बैन करने का मसला दिन पर दिन तूल पकड़ता जा रहा है. बौलीवुड दो खेमों में भले ही बंट चुका हो, मगर पाकिस्तानी कलाकारों के पर कतरने का सिलसिला शुरू हो चुका है.

बौलीवुड में चंद लोग पाकिस्तानी कलाकारों को बैन करने के खिलाफ हैं. सैफ अली खान सहित कुछ कलाकारों का मानना है कि किसी भी कलाकार को किसी देश की सीमा में कैद नहीं किया जाना चाहिए. तो दूसरी तरफ पाकिस्तानी कलाकारों के साथ काम कर चुके फिल्मकारों के खिलाफ विरोध भी बढ़ता जा रहा है. जीटीवी ने अपने ‘जिंदगी’ चैनल से सभी पाकिस्तानी सीरियलों की विदाई कर दी है. तमाम फिल्मकार भी अब पाकिस्तानी कलाकारों से दूरी बनाने पर विचार करने लगे हैं.

मनीष हरीशंकर के निर्देशन में टीपी अग्रवाल द्वारा बनायी जा रही फिल्म ‘‘लाली की शादी में लड्डू दीवाना’’ में विवान शाह, अक्षरा हसन, गुरमीत चैधरी और कविता वर्मा मुख्य भूमिकाओं में हैं. यह फिल्म एक शाही शादी के इर्दगिर्द घूमती है. इसी फिल्म के लिए पाकिस्तानी गायक राहत फतेह अली खान ने रोमांटिक गाना ‘‘मैंने सोचा ना था..’’अपनी अवाज में रिकार्ड किया था. इस गाने को मार्च माह में विवान शाह और अक्षरा हसन पर कश्मीर में फिल्माया गया था.

बौलीवुड से जुड़े ज्यादातर लोगों की राय में देश की एकता और देश हित सर्वोपरि है. इसी के चलते फिल्म निर्माता टी पी अग्रवाल ने मनीष हरीशंकर निर्देशित अपनी फिल्म ‘‘लाली की शादी में लड्डू दीवाना’’ को लेकर अति महत्वपूर्ण कदम उठाया है. टी पी अग्रवाल ने अपनी इस फिल्म के लिए मशहूर पाकिस्तानी गायक राहत फतेह अली खान द्वारा स्वर बद्ध गीत ‘‘मैंने सोचा ना था..’’ को अब भारतीय गायक की आवाज में डब कराने का निर्णय लिया है.

इस बारे में ‘‘सरिता’’ पत्रिका से बात करते हुए टी पी अग्रवाल ने कहा-‘‘हमारे लिए हमारा भारत देश, हमारे देश की सुरक्षा, हमारे देषश का हित पहली प्राथमिकता है. इसी वजह से हमें अपनी फिल्म के एक गाने को नए सिरे से रिकार्ड कराने का निर्णय लेना पड़ा. हमारी फिल्म का एक गाना ‘मैंने सोचा ना था’ बहुत खूबसूरत गीत है. राहत फतेह अली खान बहुत बड़े गायक हैं. उन्होंने इस गाने को बहुत कर्णप्रिय बनाया है. लेकिन कश्मीर के उरी क्षेत्र में आतंकवादी हमले के बाद राहत फतेह अली खान सहित सभी पाकिस्तानी कलाकारों द्वारा इसकी भर्त्सना ना किया जाना, मुझे तकलीफ दे रहा है. इस बात ने मेरा चैन छीन लिया. मेरा अपना जमीर इससे व्यथित है. मुझे तकलीफ इस बात की है कि राहत फतेह अली खान या किसी अन्य पाकिस्तानी कलाकार ने अब तक आतंकवादी हमले की निंदा नहीं की. जबकि हमने ‘इंडियन मोशन पिक्चर्स एसोसिएशन’ की खास बैठक बुलाकर इस आतंकवादी हमले की निंदा करने के साथ साथ पीड़ितों को ट्रिब्यूट देने व उनके परिवार वालों के साथ सहानुभूति व्यक्त की है.’’

फिल्म ‘‘लाली की शादी में लड्डू दीवाना’’ के निर्माता टीपी अग्रवाल के गायक बदलने के इस निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए फिल्म के निर्देशक मनीष हरीषंकर कहते हैं-‘‘पाकिस्तानी कलाकार भारत में काम करके अच्छा खास पैसा कमाते हैं. ढेर सारी शोहरत बटोरते हैं. एक स्टार की जिंदगी जीते हैं. मुझे पता है कि यह सारे लोग भारत और भारतीय जनता की तारीफ भी करते हैं. लेकिन जब हम पर आतंकवादी हमला हुआ, तो वह चुप हैं. इंसानियत के नाते भी उन्हें इस पर खुलकर बात कहनी चाहिए थी.’’

टीपी अग्रवाल आगे कहते है-‘‘ उरी पर हुए आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तानी कलाकारों की चुप्पी ने हमें यह सबक दे दिया है कि हम भारतीय फिल्माकारों को उन्हें अपनी फिल्मो में बढ़ावा देने की बजाय अपनी भारतीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना चाहिए.’’