कई सफल फिल्में निर्देशित कर शोहरत पाने के बाद बतौर निर्माता दूसरे निर्देशकों को काम करने का अवसर दे रहे फिल्मकार आनंद एल राय लगातार सफलता की ओर अग्रसर थे. पर बतौर निर्माता वह अपनी फिल्म ‘‘मनमर्जिया’’ को लेकर बहुत ज्यादा परेशान हैं.

वास्तव में आनंद एल राय ने बड़े जोश व एक नई सोच के साथ बतौर निर्माता आयुष्मान खुराना और भूमि पेडणेकर की सफल जोड़ी को लेकर अपनी नई फिल्म ‘‘मनमर्जिया’’ को समीर शर्मा के निर्देशन में शुरू किया था. फिल्म ‘‘मनमर्जिया’’ की शूटिंग शुरू हो गयी. सब कुछ सही दिशा में जा रहा था. पर तभी शाहरुख खान की ‘दिलवाले’ तथा ‘फैन’ फिल्मों के बाक्स आफिस पर बुरी तरह से मात खाने के बाद भी आनंद एल राय ने शाहरुख खान के साथ हाथ मिलाते हुए उनके साथ एक प्रेम कहानी प्रधान फिल्म बनाने की घोषणा की, तब से उनके सितारे भी गर्दिश में नजर आने लगे हैं.

जी हां! शाहरुख खान के साथ हाथ मिलाते ही आंनद एल राय को अहसास हुआ कि उनकी फिल्म ‘‘मनमर्जिया’’ के निर्देशक समीर शर्मा ने अच्छा काम नहीं किया है, तो उन्होंने सबसे पहले इस फिल्म को समीर शर्मा से ही कहकर पुनः फिल्मवाया. मगर जो रिजल्ट आया, उससे आनंद एल राय संतुष्ट नहीं हुए. तब आनंद एल राय ने ‘मनमर्जिया’ के निर्देशक समीर शर्मा की छुट्टी कर फिल्म के निर्देशन की जिम्मेदारी अश्विनी अय्यर तिवारी को दी. अश्चिनी अय्यर तिवारी के निर्देशक बनते ही आयुष्मान खुराना ने फिल्म ‘‘मनमर्जिया’’ करने से इंकार कर दिया.

किसी तरह आनंद एल राय ने सब कुछ संभाला. पर फिल्म ‘‘मनमर्जिया’’ की शूटिंग शुरू नहीं हो पायी. हर बार अश्विनी अय्यर तिवारी बहाना बनाकर शूटिंग शुरू करने से इंकार करती रही. अंततः एक दिन निर्देशक अश्विनी अय्यर तिवारी ने खुद को ‘मनमर्जिया’ से अलग करने की घोषणा करते हुए बतौर निर्देशक नई फिल्म ‘‘बरेली की बर्फी’’ की लखनऊ में शूटिंग करनी शुरू कर दी.

मजेदार बात यह है कि फिल्म ‘‘बरेली की बर्फी’’ में कृति सैनन और राज कुमार राव के साथ आयुष्मान खुराना अभिनय कर रहे हैं. यह वही आयुष्मान खुराना हैं, जिन्होंने फिल्म ‘मनमर्जिया’ का निर्देशक अश्विनी अय्यर तिवारी को बनाए जाने पर इस फिल्म को छोड़ने की बात की थी.

फिल्म ‘‘बरेली की बर्फी’’ का निर्माण ‘जंगली पिक्चर्स’ और ‘‘बी आर स्टूडियो’’ मिलकर कर रहा है. मजेदार बात यह है कि आनंद एल राय ने सबसे पहले अपने अश्विनी अय्यर तिवारी को अपने प्रोडक्शन हाउस की फिल्म ‘‘निल बटे सन्नाटा’’ का निर्देशक बनाया था. ‘निल बटे सन्नाटा’ की सफलता से ही अश्विनी अय्यर तिवारी को पहचान मिली. पर अब अश्विनी अय्यर तिवारी ने आनंद एल राय की बजाय ‘जंगली पिक्चर्स’ व ‘बी आर स्टूडियो’ को प्रधानता दे दी.

आनंद एल राय के साथ यह सब जो हो रहा है, उसके बाद से बौलीवुड में चर्चाएं गर्म हैं कि उन्हे भी अब असफल इंसान के साथ हाथ मिलाने के साइड इफेक्ट्स भुगतने पड़ रहे हैं. अब आनंद एल राय के नजदीकी सूत्रों की माने तो हर तरफ हाथ पांव मारने के बाद अब आनंद एल राय ने ‘‘मनमर्जियां’’ के निर्देशन के लिए अनुराग कश्यप को जोड़ा है. सूत्र तो यह भी दावा कर रहे हैं कि अनुराग कश्यप ने ‘मनमर्जिया’ के निर्देशन की जिम्मेदारी इस शर्त पर स्वीकार की है कि आनंद एल राय कम से कम दो फिल्मों का निर्देशन उन्हे सौंपेंगे. वाह क्या बात है..

बौलीवुड के बिचौलिए इसे बहुत अजीब तरीके से देख रहे हैं. लोग सवाल करने लगे हैं कि एक असफल कलाकार शाहरुख खान के बाद अब आनंद एल राय दूसरे असफल निर्देशक अनुराग कश्यप के साथ हाथ मिलाकर क्या साबित करना चाहते हैं? क्या आनंद एल राय की सोच व संजीदगी पर अनुराग कश्यप खरे उतरेंगे? उधर आनंद एल राय का साफ तौर पर मानना है कि एक फिल्म की असफलता की कई वजहे होती हैं. एक फिल्म के असफल होने से कोई कलाकार या निर्देशक असफल नहीं हो जाता.

बहरहाल, आनंद एल राय की सोच को अच्छी कहा जा सकता है. पर दक्षिण भारत की फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोग सफल लोगों के साथ ही काम करना पसंद करते हैं. वहां के फिल्मकार तो कलाकारों की जन्म कुंडली मांगकर उस पर अपने ज्योतिषियों से राय लेते हैं. धीरे धीरे यह बात बौलीवुड में भी लोग मानने लगे हैं कि सफल इंसान के साथ काम करने पर सफलता और असफल लोगों के साथ काम करने पर असफलता ही हाथ लगती है. इसके चलते अब एकता कपूर ने भी अपने कलाकारों से उनकी जन्म कुंडली मांगना शुरू कर दिया है.