सरिता विशेष

डाक्टर राम प्रकाश दोगने मध्य प्रदेश की हरदा सीट से कांग्रेस के विधायक हैं और उन्हे अपने विधान सभा क्षेत्र के किसानो की चिंता है, इसलिए वे लंबे समय से यह मांग करते रहे हैं कि तवा बांध का पानी हरदा के किसानो को भी दिये जाने की व्यवस्था सरकार करे. सत्तारूढ़ भाजपा सरकार ने उनकी इस मांग पर ध्यान नहीं दिया तो उन्होने अपनी बात कहने का अनूठा रास्ता चुना और गांधी शैली मे सिर्फ अधोवस्त्र पहने विधान सभा पहुँच गए. बात कतई नई नहीं है देश के नेता ऐसे दिलचस्प उपाय करते रहते हैं, अधिकांश का मकसद मीडिया का ध्यान अपनी तरफ खींच पब्लिसिटी हासिल करना है, मुमकिन है डाक्टर दोगने का भी रहा हो, पर उन्हें इस हालत मे देख भाजपा की महिला विधायकों ने पल्लू से इस तरह अपने चेहरे ढक लिए मानो एक अर्धनग्न पुरुष को देख उनका कोई बहुत बड़ा नैतिक नुकसान या हनन हो रहा हो. जाहिर है  इन महिला विधायकों की मंशा यूं मुंह छिपाकर यह जताने की थी कि राम प्रकाश दोगने एक भद्र पुरुष नहीं हैं.

यह मंशा और प्रतिक्रिया जाने क्यों उस वक्त प्रदर्शित नहीं होती जब नंग धढ़ंग साधु संत सरे आम सड़कों पर स्व्छन्द विचरण करते नजर आते हैं और कोई महिला उनका तिरिस्कार इस तरह नहीं करती जैसे उक्त विधायक का किया यानि धर्म के नाम पर हर कुछ जायज है और इतना है कि नंगे, अधनंगे साधु संतों और मुनियों सम्मान के हकदार हो जाते हैं उनके अंग प्रदर्शन से किसी का कुछ नहीं बिगड़ता. यह पूर्वाग्रह और  दोहरापन दिखलाकर भाजपा की विधायकों ने साबित यही किया है कि खोट उनकी मानसिकता और नजरों मे है नहीं तो विधायक महोदय की मंशा तो कहीं से अश्लील या महिलाओं को लज्जित करने की नहीं दिख रही .