जब से उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनी है, तब से योगी अपने एक्शन अवतार में हैं. आज हम आपको ऐसा ही वाकया बताने जा रहें हैं, जब एक थानेदार की हालत पतली हो गई, क्यूंकि उससे परेशान एक बुजुर्ग ने सीएम योगी को फोन लगा दिया.

दरअसल इलाहाबाद के मांडा थाने में एक वृद्ध अपनी शिकायत लेकर थानेदार के पास पहुंचा. लेकिन आदत से मजबूर पुलिस ने बुजुर्ग की फरियाद पर भी टाल मटोल करना शुरू कर दिया. जब सुनवाई नहीं हुई, तो बुजुर्ग ने अपना मोबाइल निकाला और एक नंबर डायल कर थानेदार की ओर बढ़ाकर बोला, “लीजिए सीएम साहब से बात करिये.” थानेदार समझ ही नहीं पाया की आखिर अब वो करे तो क्या करे?

उस समय थाने में कई और लोग भी मौजूद थे, बुजुर्ग के आत्मविश्वास को देखकर वे सभी भी चौक गए. सकपकाते हुए थानेदार ने मोबाइल थाम लिया. मोबाइल की स्क्रीन पर नंबर देखा और कान पर लगा लिया. फिर तो अगले कुछ मिनट तक थानेदार साहब बस “जी सर” का शब्द ही दोहराते रहे.

बात करने के बाद दरोगा ने खुद बताया कि फोन पर सीएम योगी आदित्यनाथ के पीआरओ थे. उन्होंने वृद्ध के मामले में तुरंत कार्रवाई और वृद्ध की समस्या का निदान करने को कहा.

ये था मामला

इलाहाबाद जिले के मांडा हेठार गांव के रहने वाले बुजुर्ग की जमीन पर बनी बाउंड्री कुछ लोगों ने तोड़ दी. घटना की शिकायत करने बुजुर्ग मांडा थाने पहुंचा. यहां थाने में इंस्पेक्टर मांडा पीके मिश्रा फरयादियों से मिल रहे थे. बुजुर्ग ने उनसे अपनी समस्या बताई तो इंस्पेक्टर साहब ने राजस्व विभाग का प्रकरण बताकर बुजुर्ग को वहां से जाने को कह दिया. थानेदार के व्यवहार से दुखी  बुजुर्ग थोड़ा सा दूर गए, मोबाइल से नंबर मिलाया और फोन पर ही अपनी सारी समस्या बताने लगे. लगभग दो मिनट बाद बुजुर्ग फोन लेकर इंस्पेक्टर के पास वापस वापिस पहुंचे और बोले, “लीजिए सीएम साहब से बात करिये.