वैसे तो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को खेलों में फुटबाल पसंद है. पिछले 4 सालों से वह क्रिकेट के खेल में अफसरों के छक्के छुडा रहे हैं. हर साल आईएएस वीक के दौरान मुख्यमंत्री इलेवन बनाम आईएएस इलेवन के बीच क्रिकेट का मैच खेला जाता है. दिलचस्प बात यह है कि हर साल मुख्यमंत्री इलेवन ही मैच को जीत जाता है. लामार्ट कालेज के मैदान पर साट वौल से खेले गये मैच में मुख्यमंत्री इलेवन ने 8 विकेट पर 127 रन बनाये, जिसमें सबसे अधिक 65 रन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बल्ले से निकले. मैन आफ द मैच का खिताब भी मुख्यमंत्री के ही नाम रहा. इसके जवाब में आईएएस इलेवन ने 20 ओवर में केवल 126 रन बनाये. मैच को देखने से लगा कि जिन गेदों पर अफसर रन बना सकते थे, वह रन के लिये नहीं दौडे. मुख्यमंत्री के भतीजे और सांसद तेज प्रताप यादव ने एक के बाद एक 9 ओवर गेंद की. सुबह 8 बजे से खेले गये मैच के लिये किसी इंटरनेशनल मैच की तरह व्यवस्था की गई थी.

मुख्यमंत्री इलेवन में मंत्री नेता थे, तो आईएएस इलेवन में सभी अफसर थे. अभिनेत्री मंदिरा बेदी और पूनम पांडेय मैदान पर  ग्लैमर का तडका लगाने के लिये मौजूद थी. आकाशवाणी और दूरदर्शन के एंकर क्रिकेट कमेंट्री करते दिखे. अफसरों की रूचि मुख्यमंत्री इलेवन को हराने में नहीं थी. मुख्यमंत्री को आउट करने वाले अपफसर राजकमल ने खुशी मनाने की जगह पर अपना सिर पकड लिया. अफसरों और नेताओं के बीच आपसी सामंजस्य बनाने के लिये क्रिकेट का मैच बेहतर साधन हो सकता है. जिस तरह लगातार 4 साल से अफसर हारते नजर आये उससे साफ लगा कि वह अपने खेल में सुधार नहीं कर सके.

दूसरी तरफ मुख्यमंत्री इलेवन में भी दूसरे नेताओं की तरह केवल अखिलेश यादव ही खेलते नजर आये. इससे मैच देखने वालों को महसूस हो रहा था कि मैच फिक्स था. मैच देखने वालों में मुख्यमंत्री की सांसद पत्नी डिपंल यादव और उनके बच्चों ने भी मुख्यमंत्री का हौसला बढाया.