‘ग्रीन यूपी-क्लीन यूपी’ सोंच को पूरा करने के लिये उत्तर प्रदेश की सरकार ने एक ही दिन में 5 करोड़ पेड़ लगा कर रिकार्ड तो बना लिया है. यह पेड़ कैसे बचेंगे कैसे यह सोचने वाली बात है. प्रदेश में 6166 जगहो पर पेड़ लगाने का यह कार्यक्रम चला.

केवल उत्तर प्रदेश सरकार ने ही नहीं समाजवादी पार्टी के हर नेता और कार्यकर्ता ने इस अभियान में अपना पूरा योगदान दिया. मुख्यमंत्री अखिलेश यादव उनकी पत्नी सांसद डिंपल यादव और सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने खुद इस अभियान में हिस्सा लिया.

ज्यादातर पीपल, नीम और पाकड के पेड़ लगाये गये. इन पेड़ों को जानवर चरे नहीं इसके लिये सुरक्षा की नजर से पेड़ों की ऊंचाई 8 से 12 फिट रखी गई थी.

खुद मुख्यमंत्री ने सभी से कहा कि वह 5 पेड़ लगाये. बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लेकर इस अभियान को सफल बनाने का काम किया.

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि इस अभियान से लोगों में पेड़ लगाने का रूझान बढा है.इससे प्रदेश में मौजूद वनक्षेत्र बढ जायेगा. जिससे पर्यावरण को लाभ मिलेगा. सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने कहा कि आज की पीढ़ी पेड़ लगाने के महत्व को भूल चुकी है.गांव के लोग कम पढ़े जरूर होते थे पर वह यह जानते थे कि पेड़ लगाना लाभकारी होता है. आज लोगों में पेड़ लगाने का चलन खत्म हो चुका है.

मुलायम सिंह ने कहा यह अभियान सरकार ने शुरू किया है पर इसे जनता का अभियान बनाना है. जिस दिन हर आदमी 5-5 पेड़ लगाने का संकल्प ले लेगा उस दिन उत्तर प्रदेश हराभरा हो जायेगा और पर्यावरण को लाभ होगा. सरकार और पार्टी दोनो ही स्तर पर इस अभियान की सफलता के लिये पूरा प्रयास किया गया.

पेड़ लगाने से बडी चुनौती पेड़ की रक्षा की है. सरकार ने पेड़ लगाने के समय इस बात का पूरा ध्यान रखा है. शत-प्रतिशत पेड़ भले ही न लगे पर जितनी ज्यादा संख्या में पेड़ बचे रहेंगे अभियान उतना ही सफल रहेगा.

इसके प्रयास भी होने चाहिये. सरकार की तरफ से वन विभाग इस बात के लिये प्रयास कर रहा है कि पेड़ बचे रहें. जनता को अपने स्तर पर भी प्रयास करने चाहिये. समाजवादी पार्टी की सरकार ने कुछ ऐसे सामाजिक काम जरूर किये हैं जिनकी तरफ  बाकी दलों का कोई ध्यान नहीं था. इनमें पेड़ लगाना और साइकिल से चलने की शुरूआत खासतौर पर उल्लेखनीय है.

यह जरूर है कि सरकार के कहने और करने से यह सब शुरू नहीं होगा. इसके बाद भी जो प्रयास है उससे उस दिशा में बढ़ने की मदद मिलेगी. यह एक सामाजिक शुरूआत है. जिसका असर देर से आयेगा पर अच्छा आयेगा.

इस तरह के प्रयास आने वाली पीढ़ियो के लिये सुखद भविष्य की राह मजबूत करेगी. पेड़ लगाना एक अभियान सा होना चाहिये. हर पेड़ लगाने वाले को कोशिश करनी चाहिये कि उसका लगाया पेड़ जीवित रहे. यह अभियान तभी सफल होगा जब लगाये गये ज्यादा से ज्याद पेड़ जीवित और सुरक्षित रहें.