अगले 2 दिन तक भी माहौल ऐसा ही रहेगा कि लोग छोटे बड़े बूढ़े और औरतें सभी  सी एम हाउस की तरफ भागते नजर आएंगे जहां मुख्य मंत्री शिवराज सिंह 5 करोड़ पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण करा रहे हैं.

धर्म और उससे जुड़े अंधविश्वास किस तरह आर्थिक तरक्की मे अड़ंगा हैं यह भोपाल स्थित मुख्य मंत्री निवास में देखा जा सकता है जहां एक फिजूल का काम हजारों लोग तन मन धन से कर रहे हैं चूंकि वक्त और पैसा इफरात से फूंका जा रहा है.

इसलिए अपनी ग्लानि या नादानी कुछ भी कह लें, को ढ़कने बड़ा लुभावना नाम दे दिया गया है –  विश्व कल्याण और शांति का, इसमें सी एम हाउस की सहप्रायोजक है दद्दा शिष्य मित्र मण्डल नाम की धार्मिक संस्था जिसके ब्रांड एम्बेस्डर फिल्म अभिनेता आशुतोष राणा हैं.

सी एम हाउस का नजारा भी किसी ब्रांडेड मंदिर से कम नहीं जहां लाउड स्पीकर पर भजन कीर्तन और प्रवचन चल रहे हैं चारों तरफ धूप की सुगंध है पूरी लगन से मिट्टी के लोंदे बनाते श्रद्धालु हैं जिनकी केलोरी बनाए रखने चाय नाश्ते के इंतजाम भी हैं अब इतना बड़ा धार्मिक आयोजन बिना भंडारे के तो सम्पन्न हो नहीं सकता लिहाजा वह भी है.

श्रावण मास की इस सरकारी पिकनिक में अंदाजा है 5 करोड़ के लगभग खर्च होगा जो सभी जानते हैं हाथ का मेल है और आता जाता रहता है लेकिन सी एम और आशुतोष राणा जैसे दिग्गजों के सानिध्य मे शिवलिंग बनाने का दुर्लभ मौका फिर शायद ही मिले.

ये 5 करोड़ शिवलिग किसी संग्रहालय में सजाकर नहीं रखे जाएंगे बल्कि तेरा तुझको अर्पण के सिद्धान्त का पालन करते इन्हे विसर्जित कर दिया जाएगा . देश में हर कहीं ऐसे धार्मिक पाखंड फैलाने बाले आयोजन हो रहे हैं लेकिन सी एम हाउस में हों तो बात एतराज की है इसमे जनता का पैसा फुंकता है लोगों का वक्त एक फिजूल के काम में जिससे अंततः किसी को कुछ हासिल नहीं होना उल्टे अंधविश्वास ही फैलना है.

अगर शिवलिंगों के बजाय 5 करोड़ पापड़ ऐसे ही समारोह पूर्वक बनाए जाते तो प्रति पापड़ 10 रु के हिसाब से 50 करोड़ की आमदनी होती जो जरूरतमन्द लोगों मे बांटी जा सकती थी जो एक सार्थकता को ही सिद्ध करती और लोगों में कुछ कर लेने की आत्म संतुष्टि भी रहती.