नोटबंदी से पूरा देश परेशान है. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने नोटबंदी को मोदी सरकार का सबसे बड़ा घोटाला बताया है. ममता ने आरोप लगाया कि नोटबंदी का फैसला लागू करने के पहले ही भाजपा ने बड़े पैमाने पर जमीन की खरीद फरोख्त की है. प्रधानमंत्री मोदी ने नोटबंदी के मसले पर पूरे देश के 85 फीसदी लोगों को चोर बना दिया है. भाजपा ने लोकसभा चुनाव में जनता से वादा किया था कि वह विदेश में जमा कालाधन वापस लायेगी. अब यह पैसा तो आ नहीं सकता, तो जनता को बडे नोट बंद करके गुमराह किया जा रहा है. ममता बनर्जी नोटबंदी के खिलाफ सबसे जोरदार आवाज उठा रही हैं. वह देश के अलग अलग हिस्सों में अपनी बात रख रही हैं.

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में वह समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर जनसभा कर रही थी. यह बात और है कि ममता की सभा में हिस्सा लेने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ममता के साथ मंच पर नहीं गये. समाजवादी पार्टी ने अपने कुछ नेताओं को ममता की सभा में भेज दिया था. राजनीतिक जानकार बताते हैं कि सपा नोटबंदी के विरोध में तो है पर वह ममता के साथ खड़े होने में हिचक रही है. मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ममता बनर्जी को एयरपोर्ट पर रिसीव करने गये थे, पर मंच साझा करने से दूर रहे. जानकारी के अनुसार सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव नोटबंदी को लेकर सभा करने के पक्ष में नहीं थे, इस कारण अखिलेश यादव ममता बनर्जी की नोटबंदी के खिलाफ हुई सभा से दूर रहे. फौरीतौर पर मुख्यमंत्री ने अपने कुछ नेताओं को पार्टी की तरफ से मंच पर भेज दिया था.

ममता ने कहा कि बिहार, बंगाल, महाराष्ट्र में काम करने वाले लोग मजदूरी न मिलने से परेशान होकर अपने घरों को लौट रहे हैं. बिजनेस के ही साथ खेती की हालत भी खराब है. बंगाल का जूट उद्योग भी बंद हो गया है. ममता ने आरोप लगाया कि भाजपा और उससे जुड़े लोग अपना पैसा पहले ही ठिकाने पर लगा चुके हैं. ममता बनर्जी ने उत्तर प्रदेश के लोगों से आहवान करते कहा कि अगर उत्तर प्रदेश की जनता पीएम देती है तो उसे पीएम को वापस ले जाने का हक है. भाजपा ने उत्तर प्रदेश और पंजाब के चुनावों को देखते हुये यह नोटबंदी का फैसला लिया है.

ममता ने आरोप लगाते कहा कि इससे घर की स्त्री का पैसा छीन लिया गया. बिजनेस बंद होने से बच्चों और युवाओं का भविष्य छीन लिया. अब जमीन और घर छीनने की धमकी दे रहे हैं. नोटबंदी की वजह से बहन बेटियों की शादी में परेशानी आ रही है. अब लोगों का इस मुद्दे से ध्यान हटाने के लिये भाजपा सांसदों से हिसाब मांगने का दिखावा कर रहे हैं. खातों का विवरण देना है तो नोटबंदी से पहले जमा खातों का हिसाब लें. ममता बनर्जी को यह लग रहा है कि नोटबंदी एक बडा मुद्दा है. इसके साथ जुड़ कर वह देश के साथ खुद को कनेक्ट कर रही हैं. ममता कह रही हैं कि नोटबंदी के खिलाफ वह पूरे देश में लोगों को भाजपा का सच बतायेंगी.