प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इलाके बनारस में घुस कर बिहार के मुख्यमंत्रा और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने संघमुक्त भारत और शराबमुक्त समाज का हुंकार भर कर मोदी को खुली चुनौती दे डाली. नीतीश ने भाजपा शसित राज्यों को तो शराबमुक्त बनाने की दलील दी पर बिहार में अपने साथी कांग्रेस शसित राज्यों में शराबबंदी को लेकर अपने मुंह बंद रखा. 12 मई को नीतीश ने उत्तर प्रदेश में अपने सियासी मुहिम की शुरुआत कर अपनी पार्टी जदयू की जड़ें जमाने की पुरजोर कोशिश की. बनारस एयरपोर्ट के पास पिंडारा इंटर कौलेज मैदान  में जदयू के कार्यकर्त्ता सम्मेलन कर नीतीश ने 2019 तक दिल्ली पहुंचने का बिगुल फूंक दिया है. नीतीश को पता है कि उत्तर प्रदेश से होकर ही दिल्ली की कुर्सी तक पहुंचा जा सकता है. नरेंद्र मोदी के साथ नीतीश की सियासी कडुवाहट जगजाहिर है और बिहार के बाद अब दिल्ली में मोदी को हराने के लिए नीतीश कोई भी कोर-कसर छोड़ना नहीं चाह रहे हैं. बिहार से सैंकड़ों बसों में भी कर लोगों को बनारस पहुंचाया गया है.

उत्तर प्रदेश में नीतीश को भाजपा के साथ साथ बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस से भी निबटना है. उनके महागठबंध्न में बड़े दलों के शमिल होने की गुंजाइश नहीं बनी ऐसे में अजीत सिंह जैसे छोटे-छोटे इलाकाई दलों के साथ मिलकर प्रधनमंत्रा की कुर्सी तक पहुंचने का उनका बड़ा सपना शयद ही कामयाब हो सके. इसके बाद भी नीतीश बनारस में कार्यकर्त्ता सम्मेलन नीतीश ने सभी दलों को अपनी ताकत दिखाने की कवायद की है.

बनारस की सभा में नीतीश कुमार ने यह दिखा दिया कि वह अब पूरी तरह से जदयू के ‘बिग बौस’ बन गए हैं. पांचवीं बार मुख्यमंत्रा बन कर उन्होंने बिहार में तो अपना खूंटा गाड़ ही लिया है अब जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन कर वह दिल्ली फतह करने की मुहिम में लग गए हैं. जदयू का राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर बनारस में उनकी पहली सभा हुई. नरेंद्र मोदी के चुनाव क्षेत्रा में नीतीश ने पूरा जोर भाजपा की ध्ज्जियां उड़ाने में ही लगाई. अपने 45 मिनट के भाषण में वह केवल भाजपा पर ही निशना साध्ते रहे और अपनी पार्टी और महगठबंध्न की आगे की योजना पर कुछ नहीं कहा. भाजपा को सांप्रदायिक पार्टी करार देते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा देशभक्ति का सर्टिफिकेट बांटने में लगी हुई है पर समाज के अंमित पायदान पर खड़े लोगों तक तरक्की की धरा पहुंचाने में उसे कोई दिलचस्पी नहीं है. केंद्र की भाजपा सरकार को आर्थिक मोर्चे पर पूरी तरह से नाकाम बताते हुए उन्होंने कहा कि अपनी नाकामी को छुपाने के लिए भाजपा घर वापसी, लव जिहाद, देशभक्ति जैसे नारे उछाल कर जनता को बरगला रही है.

…और अपनों ने नीतीश पर निशना साध
बनारस की सभा में जब नीतीश भाजपा और नरेंद्र मोदी पर निशना साध्ने में लगे थे तो उसी समय पटना में उनके सहयोगी दल राजद के सीनियर लीडर रघुवंश प्रसाद सिंह नीतीश पर निशना साध् रहे थे. रघुवंश ने कहा कि अपने स्वार्थ के लिए नीतीश सहयोगी दलों की अनदेखी कर रहे हैं. उन्होंने नीतीश से तल्ख सवाल पूछा कि आखिर उन्हें प्रधनमंत्रा का उम्मीदवार किसने बना दिया? किस हैसियत से वह मिशन-2019 की बात कर रहे हैं. अकेले घूम कर नीतीश सेकुलर ताकतों को कमजोर और सांप्रदायिक ताकतों को कमजोर कर रहे हैं. दूसरे राज्य में सभा करने से पहले नीतीश को सहयोगी दलों से बात करनी चाहिए, उन्हें भरोसे में लेना चाहिए. इतना ही नहीं नीतीश पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि पहले तो 10 सालों तक नीतीश ने खूब शराब बिकवाई और अब कूद-कूद कर उसे बंद कराने में लगे हैं. नरेंद्र मोदी की सरकार देश में जो बीमारी फैला रही है उसे ठीक करना अकेले नीतीश के वश की बात नहीं है. ‘हम’ सबसे बड़े है, यह भावना ठीक नहीं है.
 

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