सरिता विशेष

चुनाव की जंग में अपने और पराये का भेद खत्म हो जाता है. बिहार में राष्ट्रीय जनता दल के नेता लालू प्रसाद यादव ने उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों में अपनी पार्टी के चुनाव न लड़ने की घोषणा की है.

लालू प्रसाद यादव ने इसका कारण मुलायम परिवार के साथ अपनी रिश्तेदारी को माना है. लालू यादव ने अपनी बेटी राजलक्ष्मी की शादी मुलायम परिवार में की है.

राजलक्ष्मी के पति तेज प्रताप सांसद है. बिहार विधानसभा चुनाव के समय बने महागठबंधन में मुलायम की पार्टी समाजवादी पार्टी भी सदस्य थी. चुनाव के पहले सपा बिहार के महागठबंधन से बाहर हो गई थी. अब उत्तर प्रदेश में विधानसभा का चुनाव है.

बिहार महागठबंधन के प्रमुख सदस्य जनता दल युनाइटेड ने उत्तर प्रदेश में चुनावी संग्राम छेड़ दिया है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 4 बार उत्तर प्रदेश का दौरा कर चुके हैं. वह समाजवादी पार्टी की आलोचना भी वह कर चुके है.

नीतीश की जदयू के मुकाबले लालू की राजद ने उत्तर प्रदेश के चुनाव संग्राम से दूर रखने का फैसला किया है. राजद और सपा का रिश्ता बहुत अचछा था. कुछ साल पहले दोनो के रिश्तों में खटास आ गई थी.

लालू प्रसाद यादव कांग्रेस के सहयोग में थे तो मुलायम कांग्रेस के विरोध में थे. अब लालू प्रसाद यादव की बेटी की शादी मुलायम परिवार में हुई तो दोनो परिवारों के बीच संबंध मधुर हो गये.

अब नये माहौल में लालू उत्तर प्रदेश में मुलायम परिवार के साथ रिश्तेदारी के साथ राजनीतिक समझौता भी जारी रखना चाहते है. राजनीति में दो सबंधी अलग अलग पार्टियों से चुनाव लड़ते रहे हैं. इसके कई उदाहरण मौजूद हैं. लालू प्रसाद यादव ने नई शुरूआत की है.वह राजनीति को रिश्तेदारी से उपर नहीं मानेगे.

लालू यादव के लिये इस फैसले का दूसरा कारण भी है. उनकी पार्टी राजद का उत्तर प्रदेश में बहुत जनाधार नहीं है. राजद हर चुनाव में कभी अकेले तो कभी गठबंधन के साथ चुनाव लड़ती रही है. इसके बाद भी उसे उत्तर प्रदेश में कभी कोई बड़ी सफलता नहीं मिली है. ऐसे में उत्तर प्रदेश में चुनाव न लडने का फैसला कोई चैकाने वाला नहीं है.

उत्तर प्रदेश और बिहार में मुलायम और लालू को अपनाअपना मजबूत गढ़ है. ऐसे में आपस में लड़ने से किसी का कोई भला नहीं होने वाला. साथ रह कर दोनो मजबूत आधार बना सकते हैं.

लालू-मुलायम की दोस्ती का उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनावों पर भले ही कोई असर न पड़े पर लोकसभा चुनावों में यह दोस्ती गुल खिला सकती है. रिश्तेदारी का मजबूत बंधन राजनीतिक दोस्ती को नई ताकत देगी.