सरिता विशेष

पूर्व प्रधानमंत्री डाक्टर मनमोहन सिंह के रेनकोट में नहाने से लेकर कांग्रेस नेताओं की जन्मपत्री याद दिलाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नये तेवर में नजर आ रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी के नये तेवर ठीक वैसे ही हैं जैसे लोकसभा चुनाव के पहले थे. लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी ने कहा था कि 100 दिन के अंदर भ्रष्टाचारी और अपराधी जेल में होंगे. कांग्रेस के दामाद जी पर तो बाकायदा किताब तक जारी हो गई थी. यह बात और है कि मई माह में लोकसभा चुनाव का तीसरा साल पूरा होने वाला है. कांग्रेस का नेता तो क्या कोई कार्यकर्ता तक भ्रष्टाचार के आरोप में जेल नहीं गया. उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में जब राहुल-अखिलेश की जोड़ी ने मोदी राज पर हमला शुरू किया तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पुराने तेवर में आने को मजबूर हो गये. वह यह भूल रहे हैं कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के विरोध से वोट नहीं मिलने वाले. उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में केन्द्र सरकार का कामकाज भी मुद्दा है. खासकर नोटबंदी को लेकर प्रदेश की जनता अपना मत देगी.

कांग्रेस का विरोध प्रधानमंत्री के लिये लोकसभा में संजीवनी साबित हो चुका है. उत्तर प्रदेश में हालात बदले हुये हैं. कांग्रेस, सपा और बसपा का विरोध करने वाली भाजपा ने सभी दलों के नेताओं को गले लगा लिया है. भाजपा में शामिल होकर यह नेता गंगा नहा कर पवित्र हो चुके हैं. दलबदल करने वाले नेताओं और उनके परिवार के लोगों को टिकट देकर भाजपा ने अपनी पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं को खून के आंसू रोने पर मजबूर कर दिया है. जिलों जिलों में भाजपा के लोग पार्टी नेताओं पर टिकट बेचने तक का आरोप लगा रहे हैं. भाजपा ने अपने कार्यकर्ताओं की उपेक्षा करके जिस तरह से अपनी पार्टी के परिवारवादी नेताओं के लोगों को टिकट दिया है उससे साफ जाहिर है कि परिवार के हमाम में भाजपा भी कांग्रेस की तरह कार्बन कापी बनने का आतुर है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सपा को परिवार का कुनबा बताया. वह यह भूल गये कि भाजपा भी कुनबा बनती जा रही है. उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की तीसरी पीढ़ी चुनाव मैदान में है. बाकी नेताओं के भी बेटा बेटी टिकट पाकर चुनाव लड़ रहे है. उत्तर प्रदेश के चुनाव में भाजपा कार्यकर्ता जनता के सवालों के जवाब देने में असफल दिख रहे हैं. ऐसे लोगों में चेतना जगाने के लिये प्रधानमंत्री ने फिर से अपने कार्यकर्ताओं को कांग्रेस और खासकर गांधी परिवार पर हमला कर मुद्दा देने की कोशिश की है. यह बात और है कि कांग्रेस बुरी और कांग्रेसी अच्छे इस सवाल का भाजपा के पास कोई जवाब नहीं है. उत्तर प्रदेश से लेकर उत्तराखंड तक में भाजपा ने बड़ी संख्या में कांग्रेसी नेताओं का भगवाकरण जरूर कर दिया है. ऐसे काग्रेसी कार्यकर्ताओं के नीचे भगवा कार्यकर्ता कैसे काम करे यह उर्जा नहीं मिल पा रही है.

अपने कार्यकर्ताओं को समझाने के लिये केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ही कांग्रेस पर हमला नहीं बोला, बल्कि संघ और उससे जुड़े दूसरे संगठन भी अपने कार्यकर्ता को कांग्रेस विरोध के बहाने ऊर्जा भरने में लगे हैं. यह लोग अपने कार्यकर्ताओं को समझा रहे हैं कि लोहे को काटने के लिये लोहा जरूरी होता है. कांग्रेस को काटने के लिये कांग्रेसी जरूरी हैं. कांग्रेस विरोध के नाम पर प्रधानमंत्री मोदी और संगठन के दूसरे लोग अपने कार्यकर्ताओं को जाग्रत करने और पार्टी के लिये चुनाव में काम करने के लिये तैयार कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा का कांग्रेस विरोध खत्म हो जायेगा.