सरिता विशेष

मौडलिंग और ऐक्टिंग में ही नहीं आज के दौर में और भी बहुत से ऐसे कैरियर औप्शन हैं जहां लड़कियां अपनी बौडी के जरीए कमाई कर रही हैं. सैल्स गर्ल, औरकैस्ट्रा डांसर, वेटर, लेडीज बाउंसर, रिसैप्शनिस्ट, मसाज गर्ल, टैलीकौलिंग, डांस आर्टिस्ट, लेडी बौडी बिल्डर जैसे बहुत सारे रास्ते हैं. इन में कुछ पेशेवर हैं तो कुछ गैर पेशेवर.

गैरपेशेवर वह काम है जो समाज में खूब होता है पर एक वर्ग इस की आलोचना भी करता है. अगर यह काम गैरकानूनी तरह से न किए जाए तो कानून भी इसे गलत नहीं मानता है. इन कैरियर्स में लड़कियां अपने शरीर का प्रयोग पैसा कमाने के लिए करती है. हर लड़की अपने क्षेत्र में ऐक्सपर्ट होती है. उस के लिए उस की बौडी ही उस का टेलैंट होती है.

शरीर बना रहा कैरियर

लड़कियों ने शरीर को अपने कैरियर का रास्ता बना लिया है. आज के दौर में प्रचार के लिए सब से अधिक महिलाओं को जरीया बनाया जा रहा है. ऐसे में महिलाओं के लिए कैरियर के औप्शन खुल गए हैं. स्टेज शो में भले ही महिला को गाना न आता हो वह केवल डांस कर के ही कमाई करने लगी है.

शादियों में औरकैस्ट्रा डांसर से ले कर खाना परोसने वाली वेटर तक के काम में लड़की को प्राथमिकता दी जा रही है. अब शादी में दुल्हन की सहेली के रूप में उसे साथ ले कर पंडाल में ऐंट्री करने के लिए लड़कियों का होना जरूरी होता है. सहेली के गैटअप में लड़कियां वैडिंग इवेंट मैनेजर ले कर आते हैं.

इवेंट प्लानर शिप्रा आशीष कहती हैं कि आज हर इवेंट में ऐंट्री सब से अहम होने लगी है. यही वह समय होता है जब सब से स्पैशल व्यक्ति पहली बार अंदर आ रहा होता है. इस पल को खास बनाने की चाहत सब को होती है. एक छोटे से बच्चे का पहला जन्मदिन था. उस की और मां की ऐंट्री एकसाथ होनी थी. मां ने जो गाउन पहना था उस के साथ बच्चे को लेना मुश्किल था. बेबी वाकर में बच्चे को ले कर चलने में वह स्पैशल फील नहीं आ रहा था. ऐसे में एक खूबसूरत लड़की को बुलाया गया जो बच्चे को गोद में ले कर मां के साथ चलते हुए समारोह में आती है. इस तरह के कई औफर लड़कियों के लिए कैरियर बन रहे हैं.

म्यूजिक और डांस बड़ा जरीया

म्यूजिक और डांस बड़ा जरीया है कैरियर का जिस में लड़कियां अपने शरीर का सब से अधिक प्रयोग कर रही हैं. आज के दौर में गायक कितना भी सुरीला क्यों न गाता हो, स्टेज पर या फिर डांस वीडियो पर उस के साथ थिरकने के लिए लड़कियों का होना जरूरी होता है. पंजाबी, हरियाणवी, भोजपुरी गानों में गाने वाले से अधिक थिरकने वाले की डिमांड बढ़ गई है.

हरियाणा की सपना चौधरी अपने एक स्टेज शो का क्व8 लाख लेती हैं. इसी तरह से भोजपुरी की गायिका और स्टेज पर डांस करने वाली निशा की भी खूब डिमांड है. स्टेज और डांस के क्षेत्र में कम बजट वाले लोग भी लड़कियों को बुलाते हैं.

भोजपुरी म्यूजिक इंडस्ट्री में सब से अधिक डांसर की डिमांड बढ़ी है. इस में काम करने के लिए किसी तरह की ज्यादा टे्रनिंग की जरूरत नहीं होती है. केवल स्टेज पर अच्छे से थिरकना आता हो. अब यहां यह बात कोई मुद्दा नहीं रह गई कि डांसर ने क्या पहना हुआ है.

जो फिट वह हिट

मौडलिंग के सहारे अपना कैरियर बना रही पूनम कहती हैं, ‘‘मैं ऐक्टिंग के लिए मुंबई आई थी. वहां काम नहीं मिला. अपना खर्च चलाने के लिए मैं ने मौडलिंग करनी शुरू कर दी. मेरी फिगर अच्छी थी तो ऐसे औफर आने लगे.

जब एक वीडियो में केवल आंख मार कर प्रिया प्रकाश लाखों दिलों तक पहुंच सकती है तो साफ है कि लड़कियां अपने शरीर और अदाओं के सहारे कैसे कैरियर बना सकती हैं. पैसा कमाने के लिए आज शरीर सब से बड़ी पूंजी बन गई है. असल में जब शरीर का नाम लिया जाता है तो केवल गलत धारणा ही मन में आती है. शरीर का प्रयोग करना मतलब शरीर बेचना नहीं होता है.

अगर लड़की की बौडी अच्छी है तो वह किसी भी क्षेत्र में कैरियर बना सकती है. कई लड़कियों को अब महिला सैलिब्रिटी के साथ सुरक्षा के लिए बौडी गार्ड के रूप में भी रखा जाने लगा है. यह भी एक तरह का रोजगार बन गया है. अब ऐसे सुरक्षा चक्र की मांग लगातार बढ़ने लगी है.

बौडी बिल्डिंग के क्षेत्र में काम कर रही अर्चना तिवारी कहती हैं, ‘‘आज महिलाएं अपने शरीर को ले कर जागरूक हैं, क्योंकि यही उन की सब से बड़ी पूंजी है. ऐसे में वे फिटनैस के लिए पूरी मेहनत करती हैं. जिम जाने की ही बात नहीं, लड़कियां बौडी बिल्डिंग के क्षेत्र में भी आ रही हैं जहां बौडी को शो करना ही पड़ता है.’’

पीछे छोड़ रहीं उम्र का असर फिटनैस का ही नतीजा है कि औरतें उम्र के असर को पीछे छोड़ रही हैं. इस की एक प्रमुख वजह भी है. बौडी से जुडे़ कैरियर में जब तक बौडी सुंदर और फिट होती है तभी तक डिमांड में होती है. ऐसे में हर कोई उम्र को पीछे छोड़ने की चाहत में रहती है ताकि कैरियर लंबा चल सके. तमाम गृहिणियां 40 की उम्र के पार भी इतनी सुंदर दिखती हैं कि उन की उम्र का पता ही नहीं चल पाता है.

पहले फिल्म अभिनेत्रियों को जल्द ही रिटायर होना पड़ता था. अब वे भी खुद को फिट रख कर 50 के पार तक अपना जलवा बिखेरती हैं. माधुरी दीक्षित, जूही चावला, काजोल जैसी प्रमुख महिलाओं को देख कर सीख ली जाती है. आज के समय में सब से अधिक सौंदर्य प्रतियोगिताएं मिसेज को ले कर हो रही हैं. केवल बड़े शहरों में ही नहीं छोटे शहरों में भी यह चलन बढ़ रहा है.

सोशल मीडिया के प्रभावी होने के बाद अवसर और भी बढ़ गए हैं. वीडियो से ले कर छोटेबड़े विज्ञापनों और डांस शोज में ऐसी सुंदर महिलाओं की मांग बढ़ रही है. एकदूसरे को देख कर प्रेरणा भी मिलती है. इस के साथ ही साथ समाज का नजरिया भी बदल रहा है. आज आगे बढ़ रही औरतों पर पाबंदियां कम हो रही हैं. उन्हें घरपरिवार से सहयोग भी मिलने लगा है.

अब अपने शरीर का उपयोग कर के पैसा कमाने के अवसर बढ़ रहे हैं. यह जरूर है कि एक बड़ा वर्ग अभी भी पाबंदी के दायरे में है. जहां बंदिशें टूटी हैं वहां औरतों के पास अपने को साबित करने के मौके मिले हैं. औरतों ने अपने को साबित भी किया है. खुद को साबित करने की होड़ में वे आगे निकल रही हैं. जरूरत इस बात की है कि वे इस काम को पूरे आत्मविश्वास के साथ करें. आलोचनाओं की परवाह न करें. तभी अपने कैरियर का मजबूत निर्माण कर सकती हैं.