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सर्दियों में त्वचा और बालों से जुड़ी कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है. ऐसे में इस मौसम में खुद की ज्यादा देखभाल की जरूरत होती है.

सर्दियों में शरीर के उन भागों का खयाल रखना जरूरी होता है, जो 2 हिस्सों को जोड़ते हैं. जैसे कुहनियां और घुटने. सर्दियों में यहां की त्वचा काली और रूखी हो जाती है. शरीर के इन भागों पर डैड स्किन की एक परत भी तैयार हो जाती है, जिसे हटा कर उस हिस्से की सफाई करना एक चैलेंज हो जाता है. इन भागों की नियमित देखभाल से आप की सर्दियां खुशगवार गुजरेंगी.

कुहनियों के कालेपन से छुटकारा

दादीमां का नुसखा: सिरका और ग्लिसरीन को बराबर मात्रा में मिला कर इसे प्रभावित जगह लगाएं और फिर थोड़ी देर तक हलकी मसाज करने के बाद पानी से धो लें. दिन में 2 बार इस प्रक्रिया को दोहराएं. कुछ ही दिनों में पाएं बेदाग और कोमल कुहनियां और घुटने.

इस के अलावा पके चावल से बने स्टार्च का भी इस्तेमाल कर सकती हैं. नहाने से पहले प्रभावित भाग में स्टार्च लगाएं और फिर 15 मिनट बाद कुनकुने पानी से धो लें. इस प्रक्रिया को कुछ दिनों तक रोज दोहराएं.

ऐक्सपर्ट की राय: मुंबई की फेमस डर्मेटोलौजिस्ट रिंकी कपूर के मुताबिक कुहनियों पर जमी डैड स्किन की परत को हटाने के लिए दिन में 1-2 बार माइल्ड स्क्रब की मदद से मसाज करें. दिन में 2-3 बार सेरामाइड युक्त मौइश्चराइजर लगाएं. इस के अलावा त्वचा के रूखेपन को दूर करने के लिए रोजाना नहाने के पानी में 2-3 बूंदें रोज औयल, शैल औयल और औलिव औयल मिलाएं.

जरूरी टिप: कुहनियों और घुटनों की मौइश्चराइजर से 5 मिनट तक सर्कुलर मोशन में मसाज करें.

बचाएं एडि़यों को फटने से

एडि़यां फटने की वजह से कई बार पैरों से खून आने और दर्द रहने की समस्या भी देखी जाती है. एडि़यों की त्वचा ड्राई होने की वजह से ये फटने लगती हैं.

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दादीमां का नुसखा:

1 बड़ा चम्मच ग्लिसरीन में 2 बड़े चम्मच गुलाबजल और 1/2 चम्मच नीबू का रस मिला कर इसे एडि़यों पर लगाएं और रात भर लगा रहने दें. ग्लिसरीन और गुलाबजल का मिश्रण एडि़यों को मौइश्चराइज तो करता ही है साथ ही दर्द से भी राहत देता है. अगर आप रोजाना इस उपाय को दोहराएंगी, तो आप की एडि़यां नहीं फटेंगी.

1 बड़ा चम्मच ओटमील को पीस कर इस में जोजोबा का तेल मिला कर गाढ़ा पेस्ट बना कर उसे फटी एडि़यों पर लगाएं. 1/2 घंटा लगा रहने के बाद ठंडे पानी से धो लें.

ऐक्सपर्ट की राय: डा. रिंकी बताती हैं कि फटी एडि़यों के लिए मैडिकेटेड क्रीम का इस्तेमाल करना जरूरी होता है, इसलिए यूरिया और लेक्टिक ऐसिड युक्त क्रीम का इस्तेमाल करें. घर में बनाया घी भी फटी एडि़यों में लगा सकती हैं. सर्दियों की शुरुआत होते ही घी लगाना शुरू कर दें. इस से एडि़यों की नर्माहट बनी रहेगी और वे फटेंगी नहीं.

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जरूरी टिप: अगर आप की एडि़यां फट रही हैं तो पैरों में हमेशा मोजे पहने रहें. पैरों को धूल से बचाएं और दिन में 2-3 बार पैरों में मौइश्चराइज करें.

होंठों का रखें खास खयाल

अगर आप सर्दियों में रूखे होंठों से परेशान होती हैं, तो आप को जरूरत है सही सलाह की.

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दादीमां का नुसखा: नीबू के रस और गुलाबजल को मिला कर रोज रात को सोने से पहले होंठों में लगाएं. इस प्रक्रिया से होंठों का रूखापन तो दूर होगा ही उन की रंगत भी बनी रहेगी.

इस के अलावा सोने से पहले ग्लिसरीन, गुलाबजल और केसर को मिला कर होंठों पर लगा सकती हैं. कुछ ही दिनों में आप को फर्क दिखाई देने लगेगा.

ऐक्सपर्ट की राय: ऐसे लिप बाम, जिस में बीज वैक्स, सेरामाइड और पैट्रोलियम जैली हो, इस्तेमाल करें. ऐसा लिप बाम नहीं लगाना चाहिए, जिस में कलर और फ्रैगरैंस हो. यह होंठों को और ड्राई बना देता है.

जरूरी टिप: सर्दियों में कभी भी होंठों को रूखा न छोड़ें. हमेशा फटे होंठों पर पैट्रोलियम जैली, ग्लिसरीन और नारियल या जैतून का तेल लगाएं. अगर सर्दियों में आप के होंठ ज्यादा रूखे रहते हैं, तो मैट लिपस्टिक लगाने से बचें. उस की जगह जैली बेस्ड लिपस्टिक लगाएं.

नाजुक अंगों की हो खास देखभाल

सर्दियों में शरीर के नाजुक अंगों की भी खास देखभाल की जरूरत पड़ती है. खासतौर पर महिलाओं को, जिन्हें मासिकधर्म की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है. ऐसे में वैजाइनल एरिया में रूखेपन की वजह से रैश आना आम बात होती है.

दादीमां का नुसखा: वैजाइनल एरिया या जांघों के अंदरूनी हिस्सों की सफाई के लिए 1 मग पानी में नमक घोलें और उस पानी से नाजुक हिस्सों को धोएं. नमक एक प्राकृतिक ऐंटीसैप्टिक है, जो रूखी त्वचा को मुलायम बनाएगा.

जांघों के अंदरूनी भागों की कोमलता बनाए रखने के लिए आप नारियल तेल का भी इस्तेमाल कर सकती हैं.

ऐक्सपर्ट की राय: जिन्हें वैजाइनल एरिया में इचिंग की शिकायत हो, उन्हें वैजाइनल वाश इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह उस जगह के पीएच स्तर को बिगाड़ सकता है. इन नाजुक अंगों के लिए सेरामाइड और स्वेलाइन युक्त मौइश्चराइजर का इस्तेमाल करें. ध्यान रहे कि जिस भी प्रोडक्ट का इस्तेमाल कर रही हों, उस में स्टेराइड न हो.

जरूरी टिप: सर्दियों में टाइट पैंट पहनने से बचें. ऐसे कपड़े पहनने से त्वचा को औक्सीजन नहीं मिल पाती और वह और भी रूखी हो जाती है. इस के अलावा इन अंगों को गरम पानी के बजाय ठंडे पानी से धोएं. वैजाइनल एरिया की सफाई में कतई कोताही न बरतें.