सरिता विशेष

हलदी को आमतौर पर लोग अपनी जरूरत के मुताबिक इस्तेमाल करते हैं. हलदी के सकारात्मक गुणों के बारे में लोगों को कम जानकारी है. हलदी पाउडर भोजन में डालने से सब्जी, दाल आदि की रंगत बदल जाती है. यह कई तरह की बीमारियों से हमें बचाती है. हलदी का प्रयोग सौंदर्य प्रसाधन के रूप में भी किया जाता है. आज बाजार में अनेक तरह की टर्मरिक क्रीमें मौजूद हैं. हलदी में अनेक गुण पाए जाते हैं जो हमारी सेहत के लिए बहुत ही लाभकारी हैं.

हलदी में तेल 5.8 फीसद, प्रोटीन 6.3 फीसद, द्रव्य 5.1 फीसद, खनिज द्रव्य 3.5 फीसद और कार्बोहाईड्रेट 68.4 फीसद के अतिरिक्त कुर्कुमिन नामक पीत रंजक द्रव्य व विटामिन ए पाए जाते हैं. हलदी पाचनतंत्र की समस्याओं, गठिया, रक्तप्रवाह की समस्याओं, कैंसर, जीवाणुओं (बैक्टीरिया) के संक्रमण, उच्च रक्तचाप और एलडीएल कोलैस्ट्रौल की समस्या व शरीर की कोशिकाओं की टूटफूट की मरम्मत में लाभकारी है.

हलदी कफ, वात शामक, पित्त रेचक व पित्त शामक है. रक्त स्तंभन, मूत्ररोग, गर्भाशय, त्वचा रोग, वात, पित्त में इस का प्रयोग बहुत लाभकारी होता है. हलदी को दूध के साथ लेने से शरीर में ताजगी आ जाती है. यदि किसी जगह चोट लग जाए तो, हलदी और दूध के सेवन से खून बहना जल्दी बंद हो जाता है.

सौंदर्य की बात करें तो बेसन के साथ हलदी पाउडर मिला कर चेहरे में मसाज करने से रंग साफ होता है और चेहरे में चमक आ जाती है.