सरिता विशेष

32 साल के राहुल ने अपना कारोबार शुरू किया था, जिस के सिलसिले में उसे रोज दिल्ली से गुड़गांव जाना पड़ता था. रोजाना 5-6 घंटे गाड़ी चलाने से उसे दाएं पैर में तकलीफ होने लगी. आराम करने से भी कोई फायदा नहीं हुआ, बल्कि उस का दर्द और बढ़ गया. यहां तक कि उस ने गाड़ी चलाना भी छोड़ दिया. पैर में तेज दर्द होने के चलते उसे अपने निजी काम करने में भी परेशानी होने लगी.

मजबूर हो कर राहुल को डाक्टर के पास जाना पड़ा. उसे दर्द दूर करने और दूसरी दवाएं दी गईं. इस से उसे थोड़ी देर के लिए तो आराम हो जाता, लेकिन फिर दर्द शुरू हो जाता.

पूरी जांच करने के बाद पता चला कि राहुल को ‘ड्राइवर्स फुट’ की समस्या है, जिस के चलते उस के प्लांटर फैशिया में तकलीफ हो रही थी.

यह प्लांटर फेशिया पैरों के दर्द की एक सामान्य समस्या है, जो अकसर लंबे समय तक गाड़ी चलाने से हो जाती है. ट्रैफिक जाम में इंतजार करने और 2-3 घंटे तक लगातार ड्राइविंग करने से न केवल एडि़यों में दर्द होने लगता है, बल्कि दाएं पैर में सुन्नपन महसूस होने लगता है और दर्द बढ़तेबढ़ते कमर के निचले हिस्से तक चला जाता है.

अगर इस समस्या का लंबे समय तक इलाज न कराया जाए, तो दर्द बढ़ जाता है, जिसे ‘प्लांटर फैशिया’ कहते हैं. इस के साथसाथ एड़ी और फुट की बाल में भी दर्द होता है.

क्या है ‘ड्राइवर्स फुट’

यह पैरों के दर्द की एक सामान्य समस्या है, जो ज्यादातर ड्राइवरों को हो जाती है. अगर इस समस्या का इलाज न कराया जाए, तो इस से कई दूसरी बड़ी समस्याएं पैदा हो जाती हैं.

जो लोग लंबे समय तक लगातार ड्राइविंग करते हैं, उन्हें इस समस्या का शिकार होने का डर ज्यादा होता है.

आमतौर पर दर्द पैर की एडि़यों में महसूस होता है. पैर के अंगूठे में भी तेज दर्द होता है, फुट की आर्च में भी सूजन आ जाती है और फुट के अंगूठे की बाल में भी लगातार दर्द होता है, क्योंकि यह हिस्सा लगातार ऐक्सिलेटर पर रहता है. ट्रैफिक जाम इस दर्द को ज्यादा बढ़ा देता है, क्योंकि इस दौरान लंबे समय तक पैर एक ही हालत में रहता है.

ये हैं लक्षण

फुट की बाल में दर्द होना : पैर का वह भाग, जो पैडल से टच होता है, उस में सब से ज्यादा दर्द होता है. लगातार पैडल को दबाने से दर्द और बढ़ जाता है, जिस के चलते पैरों की उंगलियों पर खरोंचें आ जाती हैं और हड्डियों में तेज दर्द होता है.

एडि़यों में दर्द होना : ड्राइविंग करते समय हमेशा एडि़यां गाड़ी के फर्श पर होती हैं, इस से उन में खरोंच आ सकती है और दर्द हो सकता है. ब्रेक लगाने, ऐक्सिलेटर दबाने वगैरह से यह दर्द और बढ़ सकता है.

पैरों के अगले हिस्से में दर्द होना: ज्यादा ट्रैफिक में लंबे समय तक पैडल को दबाने से पैरों में तनाव हो सकता है. इस से पंजों के आगे के हिस्से में दर्द हो सकता है.

हालांकि, यह दर्द तुरंत गायब हो जाता है, लेकिन जो लोग रोजाना लंबी दूरी तक ड्राइविंग करते हैं या पेशेवर ड्राइवर हैं, उन्हें इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि अगर समय रहते इलाज न कराया जाए, तो हालात और भी गंभीर हो सकते हैं.

फुट की आर्च में सूजन हो जाना : आमतौर पर जिन लोगों को इस तरह की समस्या होती है, उन्हें एड़ी और फुट की आर्च में तेज दर्द होता है. लंबे समय तक ड्राइव करने के बाद जब गाड़ी से उतरते हैं, तब यह दर्द और ज्यादा बढ़ जाता है.

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इलाज भी है

ऐक्सरसाइज और स्ट्रैचिंग : इस दर्द से आराम पाने के लिए सब से पहला जरूरी और आसान उपाय है कि स्ट्रैचिंग और ऐक्सरसाइज करें. स्ट्रैचिंग सब से अच्छा उपाय है, क्योंकि इस से एडि़यों, आर्च और बाल सौकेट का तनाव कम होता है. लौंग ड्राइव से बचें, ज्यादा भारी सामान उठाने से तुरंत आराम मिल जाता है. शरीर के प्रभावित क्षेत्र पर दिन में कई बार 20-30 मिनट तक बर्फ लगाएं, इस के साथ ही प्लांटर फैशिया और एचिलिस टेंडन को स्ट्रैच करने के लिए ऐक्सरसाइज करें. इस से न केवल आप को आराम मिलेगा, बल्कि दोबारा यह समस्या होने का डर भी कम हो जाएगा.

दवाएं : शुरुआती दौर में हील पैड्स के साथ सूजन कम करने वाली दवाएं ही  काफी रहती हैं.

सर्जरी : बहुत ही कम मामलों में सर्जरी की जरूरत होती है. अगर समय के साथ हालात गंभीर हो जाते हैं और अगर दवाओं से भी इलाज न हो पाए, तो डाक्टर सर्जरी करने की सलाह भी दे सकते हैं.

ऐसे करें रोकथाम

अगर आप लंबे समय से ड्राइविंग कर रहे हैं, तो ऐंठन से बचने के लिए तुरंत ड्राइविंग बंद कर दें.

अपने पैरों के खून के बहाव को ठीक करने के लिए मसाज करें और हलके हाथ से रगड़ें. इस से मांसपेशियां रिलैक्स होंगी और ऐंठन कम हो जाएगी.

हमेशा आरामदायक जूते पहनें, जो आप के पैरों में अच्छी तरह फिट हों.

मांसपेशियों में लगातार ऐंठन, शरीर में विटामिन और इलैक्ट्रोलाइट की कमी से भी यह समस्या हो सकती है. सही मात्रा में ऐसी तरल चीजों का सेवन करें, जिन में पोटैशियम और मैग्नीशियम ज्यादा मात्रा में हो.

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