सरिता विशेष

अकसर जब हम सुस्ती महसूस करते हैं तो चाय पीते हैं. चाय से भले हमारी सुस्ती दूर हो जाती है, लेकिन इस से पाचन संबंधी कई परेशानियां भी उत्पन्न हो जाती हैं जैसे पेट में गैस बनना, अम्लीय मात्रा बढ़ने के कारण सीने में जलन होना, खट्टी डकारें आना, भूख न लगना आदि.

तब कई बार हम सोचते हैं कि चाय पीना ही छोड़ देंगे पर आदत बन जाने की वजह से छोड़ नहीं पाते. ऐसे में अगर आप को एक ऐसी चाय मिले जिसे पीने के बाद ताजगी के साथसाथ उपरोक्त परेशानियां न हों तो आप क्या करेंगी?

जी नहीं, हम ग्रीन टी के बारे में नहीं, बल्कि हर्बल चाय के बारे में बात कर रहे हैं. यह चाय कैलोरी फ्री होती है और दिखने में आम चाय की तरह ही दिखती है. लेकिन आम चाय में जो अवगुण होते हैं वे हर्बल चाय में नहीं होते. यह कई प्रकार के फूलों, बीजों, पत्तों, जड़ों और अन्य औषधियों को सुखा कर तैयार की जाती है.

हर्बल चाय न केवल हमें फिट रखती है, बल्कि इस के नियमित सेवन से और भी कईर् फायदे होते हैं. मसलन:

हर्बल चाय में ऐंटीऔक्सीडैंट भरपूर मात्रा में होता है, जो हृदय रोगों में लाभकारी होता है. अत: हर्बल चाय पीने पर हृदय से संबंधित बीमारियों का खतरा कम हो जाता है. साथ ही फ्लेवौनौयड खून को जमने से भी रोकता है.

हर्बल चाय शारीरिक ऊर्जा बढ़ाती है.

यह चाय उलटी, दस्त, कब्ज, जी मिचलाना आदि परेशानी में राहत प्रदान करती है और हमारे इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाती है.

हर्बल चाय में विटामिन डी होता है, जो हड्डियों को मजबूत करता है और गठिया अथवा आर्थ्राइटिस में राहत प्रदान करता है.

हर्बल चाय में बड़ी मात्रा में मिनरल, आयरन, कैल्सियम और सिलिका होता है. चाय में मौजूद आयरन लाल रक्त कोशिकाओं को बनने में मदद करता है. कैल्सियम और सिलिका स्वस्थ हड्डियों, बालों, नाखूनों व दांतों के लिए बहुत जरूरी है.

हर्बल चाय में फ्लोराइड होता है, जो हमारी ओरल हैल्थ को सुधारता है और दांतों को सड़ने से बचाता है.

हर्बल चाय स्ट्रैस लैवल को कम कर के बौडी को रिलैक्स करती है. यह चिंता, अनिद्रा रोग में फायदेमंद है, साथ ही प्रारंभिक संक्रमण को भी दूर करती है.

आज हाई ब्लडप्रैशन अधिकांश लोगों की समस्या है. हाई ब्लडप्रैशर से गुरदों और दिल पर बुरा प्रभाव पड़ता है. हर्बल चाय प्राकृतिक तरीके से बिना किसी नकारात्मक प्रभाव के हाई ब्लडप्रैशर को नियंत्रित रखने में मदद करती है.

हर्बल चाय डायबिटीज, मोटापा और कोलैस्ट्रौल के स्तर को संतुलित करने और पेट के आसपास की चरबी को कम करने में भी प्रभावी होती है.

बहुत वैराइटी में है उपलब्ध

हर्बल चाय भी कई अलगअलग फ्लेवर में उपलब्ध है, जैसे, अदरक, लैमन ग्रास, पिपरमिंट, कैमोमाइल, लैवेंडर, दालचीनी इलायची, लौंग इत्यादि. कई कंपनियों ने वजन कम करने के उद्देश्य को ध्यान में रख कर भी स्पैशल हर्बल चाय तैयार की है. आप अपनी पसंद व जरूरत के अुनसार इस का चुनाव कर सकती हैं.

अकसर महिलाएं दिन में 3 बार हर्बल चाय पीना शुरू कर देती हैं ताकि वजन जल्दी कम हो जाए, लेकिन ऐसा करना हैल्थ के लिए नुकसानदायक है.

डाइटिशियन अंकिता सहगल कहती हैं, ‘‘हर्बल चाय लेने का सब से सही समय खाना खाने के बाद है. मगर ज्यादातर महिलाएं खाली पेट ले लेती हैं, उन्हें लगता है कि खाली पेट लेने से वजन जल्दी कम होगा. आप ऐसी गलती न करें, क्योंकि ऐसा करने से आप फिट नहीं, बल्कि कमजोर हो जाएंगी. इसलिए संतुलित आहार के साथ हर्बल चाय लें.’’