बहुत सी महिलाएं त्वचा पर अनचाहे बालों की समस्या से जूझती हैं. वे हर्बल तरीकों यहां तक कि प्यूमिक स्टोन से भी अपने शरीर और चेहरे के अनचाहे बालों को हटाने की कोशिश करती हैं. ज्यादातर महिलाएं शेविंग और वैक्सिंग जैसे तरीकें अपनाती हैं, जबकि अनचाहे बालों को हटाने के लिए अब कई आधुनिक तरीके भी हैं.

त्वचा से अनचाहे बालों को हटाने और चिकनी त्वचा पाने के लिए कुछ अस्थायी तरीके पेश हैं:

शेविंग: शेविंग में गीले रेजर या इलैक्ट्रिक रेजर की मदद से त्वचा की सतह के बालों को हटाया जाता है या ट्रिप कर दिया जाता है. यह तरीका टांगों, बाजुओं और चेहरे के बालों के लिए अच्छा है. लेकिन शेविंग के बाद बाल जल्दी आते हैं, क्योंकि इस प्रक्रिया में बाल जड़ से नहीं निकलते. प्रभावित हिस्से पर शेविंग क्रीम या जैल लगाएं. फिर इसे रगड़ कर झाग बनाएं और 1 मिनट के लिए छोड़ दें. फिर रेजर से शेव कर लें. इस के बाद पानी से धो कर क्रीम या जैल से मौइश्चराइज करें ताकि त्वचा पर जलन न हो और वह चिकनी हो जाए. त्वचा को चिकना बनाए रखने के लिए नियमितरूप से शेविंग करें. शेविंग के बाद मौइश्चराइजर और ऐंटी सैप्टिक क्रीम का इस्तेमाल करना न भूलें.

हेयर रिमूवल क्रीम: हेयर रिमूवल क्रीम बाजार में आसानी से मिल जाती है. इस क्रीम में मौजूद रसायन हेयर शौफ्ट को घोल लिया जाता है. लेकिन इस का इस्तेमाल सही तरह से करना जरूरी है, क्योंकि क्रीम को ठीक से न लगाने या बहुत ज्यादा समय तक त्वचा पर लगा रहने देने से त्वचा जल भी सकती है. साथ ही इस क्रीम को इस्तेमाल करने से पहले ऐलर्जी टैस्ट भी कर लेना चाहिए. थोड़ी सी क्रीम बाजु या त्वचा के किसी छोटे से हिस्से पर लगाएं और सुनिश्चित कर लें कि आप को इस से कोई रिएक्शन तो नहीं हो रहा. क्रीम पर दिए गए निर्देशों का पालन जरूर करें.

लेजर हेयर रिमूवल: लेजर हेयर रिमूवल एक अच्छा विकल्प है. इस में लाइट की मदद से बालों की जड़ों को नष्ट कर दिया जाता है. यह गहरी और हलकी दोनों रंग की त्वचा पर काम करता है. लेजर बीम हेयर बल्ब को नष्ट कर देता है. यह ट्रीटमैंट थोड़ा महंगा हो सकता है. ध्यान रहे यह प्रक्रिया किसी अनुभवी डाकटर से ही करवाएं.

हौट वैक्सिंग: वैक्सिंग से बाल जड़ से निकल जाते हैं. गरम वैक्स को त्वचा पर फैला कर पेपर शीट या कपड़े को वैक्स पर रखा जाता है. ठंडा होने पर शीट को बालों की विपरीत दिशा में तेजी से खींच लिया जाता है. बाल वैक्स में चिपक कर त्वचा से बाहर आ जाते हैं.

वैक्सिंग की ही तरह शुगरिंग में त्वचा पर एक मिश्रण फैला कर उसे ठोस होने दिया जाता है. फिर इसे भी वैक्सिंग की तरह कपड़े या पेपर शीट की मदद से खींच लिया जाता है. इस से भी बाल जड़ से त्वचा से बाहर निकल आते हैं.

वेनिका: इफ्लोरिनिथिन हाइड्रोक्लोराइड वेनिका का सक्रिय अवयव है और इसे दिन में 2 बार त्वचा पर लगाया जाता है. 8 सप्ताह में इस से अच्छे परिणाम दिखाई देने लगते हैं. वैसे तो इस के साइड इफैक्ट्स बहुत कम होते हैं, लेकिन इस के इस्तेमाल से पहले ऐलर्जी की जांच के लिए डर्मैटोलौजिस्ट की सलाह ले लेनी चाहिए. वेनिका का सब से आम साइड इफैक्ट कीलमुंहासे हैं. इसलिए अगर आप को इन की समस्या रहती है, तो हेयर रिमूवल के लिए इस तरीके का इस्तेमाल न करें.

ब्लीचिंग: ब्लीचिंग हालांकि हेयर रिमूवल का तरीका नहीं है, लेकिन यह चेहरे के बालों को छिपाने का अच्छा तरीका है. यह लंबे समय तक चलता है. इस में बाल खिंचते नहीं, इसलिए इस में दर्द नहीं होता. ब्लीच करने के बाद त्वचा पर टैनिंग कम हो जाती है और रंगत भी एकसार हो जाती है. ब्लीच बाजार में आसानी से उपलब्ध है. इस के साथ प्री और पोस्ट यूज क्रीम्स भी आती हैं. क्रीम और पाउडर को सही मात्रा में मिलाएं. प्रभावित हिस्से पर लगा कर कुछ मिनटों के लिए छोड़ दें.

मैनुअल में दिए गए निर्देशों के अनुसार कौटन पैड की मदद से इसे निकाल लें और ठंडे पानी से धो लें. बालों का रंग आप की त्वचा के रंग से मिल जाएगा और वे दिखाई नहीं देंगे. ब्लीचिंग से कभीकभी थोड़ी से जलन हो सकती है, क्योंकि इस में कैमिकल्स होते हैं. इसलिए ब्लीच का इस्तेमाल करने से पहले पैच टैस्ट जरूर कर लें.

आज टैक्नोलौजी बहुत आधुनिक हो चुकी है. त्वचा के अनचाहे बालों को हटाने के स्थायी तरीके भी उपलब्ध हैं. वर्तमान में इस के लिए 3 तरीके इस्तेमाल किए जा रहे हैं:

इन्टेंस पल्स्ड लाइट: इस प्रक्रिया में कौंसंट्रेटेड लाइट का पतला बीम त्वचा के छोटे से हिस्से पर फोकस किया जाता है. त्वचा की सतह के नीचे मौजूद हेयर फौलिकल्स में पिगमैंट इस लाइट को अवशोषित कर लेता है. इस तरह हेयर फौलिकल्स को गरम करने से उन की ग्रोथ रुक जाती है. यह ट्रीटमैंट पीली व गहरे रंग की त्वचा पर बेहतर काम करता है. इस में दर्द कम होता है, क्योंकि एक बार में त्वचा के एक बड़े सैक्शन का ट्रीटमैंट किया जाता है. यह ट्रीटमैंट महंगा हो सकता है, क्योंकि यह कई सिटिंग्स में पूरा होता है.

इलैक्ट्रोलाइसिस: इस में इलैक्ट्रिक करंट की मदद से हर बाल की जड़ को नष्ट कर दिया जाता है. लेजर हेयर रिमूवल हमेशा और हर तरह की त्वचा के लिए अनुकूल नहीं होता. लेकिन इलैक्ट्रोलाइसिस हर तरह की त्वचा पर काम करता है. यह प्रक्रिया एक बार में सिर्फ एक बाल पर काम करती है, इसलिए इसे पूरा होने में ज्यादा समय लगता है.

इलैक्ट्रोलाइसिस से बाल निकालने के 3 मुख्य तरीके हैं:

– गैलवेनिक इलैक्ट्रोलाइसिस का सब से पुराना तरीका है. आजकल इस का इस्तेमाल नहीं किया जाता. इस में डाइरैक्ट करंट की मदद से हेयर फौलिकल्स को नष्ट कर दिया जाता है. इस में ज्यादा समय लगता है, इसलिए अब इस का इस्तेमाल कम होने लगा है.

– थर्मोलाइसिस में आल्टरनेटिंग करंट की मदद से हीट पैदा कर हेयर फौलिकल्स को नष्ट कर दिया जाता है. आजकल इस का इस्तेमाल बहुत हो रहा है, क्योंकि यह बहुत तेज और प्रभावी तरीका है.

– ब्लैंड में हीट और करंट का इस्तेमाल कर गैलवेनिक कैमिकल रिएक्शन को तेज कर दिया जाता है, जिस से हेयर फौलिकल्स नष्ट हो जाते हैं. यह तरीका थर्मोलाइसिस की तुलना में ज्यादा समय लेता है, लेकिन यह ज्यादा प्रभावी है और मुश्किल हिस्सों से भी बाल निकालने में प्रभावी है.

इन में से किसी भी तरीके का इस्तेमाल करने के लिए अनुभवी पेशेवर की मदद लें जो अपने काम में प्रशिक्षित हो और इस के बारे में अच्छी जानकारी रखता हो.

– डा. साक्षी श्रीवास्तव, कंसलटैंट डर्मैटोलौजिस्ट, जेपी हौस्पिटल, नोएडा