फैशन और स्टाइल का व्यक्ति से सीधा संबंध है. अगर उस की स्टाइल सैंस सही नहीं है तो फैशन कितना भी करे जंचता नहीं. महंगे कपड़े और भारीभरकम गहने आदि पहन लेने से कोई सुंदर नहीं लग सकता. इस के लिए शरीर की संरचना के साथसाथ अवसर, मौसम का भी खयाल रखना पड़ता है. अगर आप को इस की समझ नहीं है तो फैशन स्टाइलिस्ट के पास जा कर सही ड्रैस सैंस का विकास कर सकती हैं.

व्यक्ति अलग स्टाइल अलग

इस संबंध में मुंबई की इमेज कंसल्टैंट और फैशन स्टाइलिस्ट नेहा गुप्ता बताती हैं, ‘‘मैं 15 सालों से इस क्षेत्र में काम कर रही हूं. फैशन हर साल बदलता है, लेकिन स्टाइल हर व्यक्ति का अलगअलग होता है और यह बदलता नहीं. स्टाइलिंग के लिए व्यक्ति के रंग, उस की शारीरिक संरचना पर अधिक ध्यान देना पड़ता है. चाहे प्लस साइज हो या थिन, सही स्टाइलिंग से व्यक्ति ग्लैमरस और आकर्षक दिखता है. यह जरूरी नहीं कि सुंदर दिखने के लिए महंगे कपड़े पहनें. अगर साधारण सी ड्रैस भी अपने स्टाइल के हिसाब से चुनी है, तो आप अच्छी लग सकती हैं. कोई भी ड्रैस कलर, फैब्रिक और उद्देश्य के आधार पर पहनी जानी चाहिए.’’

यह समझना भी आवश्यक है कि स्टाइल को कैसे बनाए रखें. इस बारे में नेहा का मानना है कि कुछ में मैनर्स नैचुरली होते हैं, लेकिन कुछ की बौडी लैंग्वेज सही नहीं होती. ऐसे में उन्हें अपने कार्यक्षेत्र में आगे बढ़ने का मौका नहीं मिलता. उन्हें बातचीत का सलीका सीखने की जरूरत होती है, ताकि अपने क्षेत्र में सफल हों.

प्रेजैंटेबल बनें

हाउसवाइफ भी इस की शिकार होती हैं. अगर उन्होंने सही तरह से बातचीत करना सीख लिया, तो उन का आत्मविश्वास बढ़ता है. वे खुद को कमतर नहीं समझतीं. वे परिवार में अच्छा वातावरण कायम कर सकती हैं. यह एक तरह का विज्ञान है, जिसे समझना जरूरी है. करीब 90% महिलाएं और पुरुष अपने बारे में नहीं जानते.

नेहा कहती हैं, ‘‘अधिकतर महिलाएं मुझ से पूछती हैं कि उन में क्या कमी है? ऐसे में उन्हें समझाना पड़ता है कि कमी कुछ भी नहीं है, केवल उन्होंने खुद को सही तरह से प्रेजैंट नहीं किया है. वे इसे सीख लेती हैं, तो उन की समझ में आ जाता है और वे आगे बढ़ती जाती हैं. इस के अलावा कई बार महिलाएं या पुरुष सोचते हैं कि उन का लुक खराब है, जबकि ऐसा नहीं होता. इंडस्ट्री के कई ऐसी ऐक्ट्रैसेज और ऐक्टर्स हैं, जो खास लुक्स न होने पर भी सफल रहे हैं. फेस की शेप और बौडी के अनुसार कौंबिनेशन में कपड़े पहनना सही रहता है. सही स्टाइल से मूड बदलता है, अपने काम पर अधिक फोकस कर सकते हैं, स्मार्ट दिख सकते हैं, अच्छा सोच सकते हैं, आत्मविश्वास बढ़ता है और फिर काम करने का तरीका भी बदल जाता है.’’

पहले इमेज को ले कर भारत में इतनी जागरूकता नहीं थी, पर अब सब इस पर ध्यान देते हैं. जब काम के बाद तारीफ मिलती है, तो व्यक्ति को प्रेरणा मिलती है. इसलिए आजकल कई कंपनियां भी इमेज कंसलटैंट हायर करती हैं.

लोगों के सामने प्रेजैंटेबल दिखने की कला ही आप की पहचान बनाती है इसलिए सचेत रहें और स्मार्ट दिखें.

फैशन मिस्टेक्स

नेहा के हिसाब से कुछ गलतियां जो अकसर लोग करते हैं, वे निम्न हैं:

सही फैब्रिक न पहनना.

कपड़े का रंग सही न होना.

पार्टी के अनुसार तैयार न होना.

दूसरों को अपने से अच्छा समझना.

इस में सुधार के निम्न उपाय हैं:

कहीं जाने से 2 दिन पहले कपड़े का चयन करें और उसे ट्राई कर देख लें कि वह ठीक है या नहीं.

गरमी के मौसम में हलके रंग अधिक पहनें तो सर्दी के मौसम में डार्क कलर. मेकअप भी उन के अनुसार ही करें. अगर पोशाक हैवी हो तो गहने कम पहनें. इसी तरह लाइट पोशाक पर हैवी गहने सही लगते हैं.

दिन में हलका रंग और फैब्रिक तो रात में गहरा रंग और हैवी फैब्रिक पहना जा सकता है.