सरिता विशेष

मौनसून के आते ही जहां चारों तरफ खुशियां छा जाती हैं, वहीं कुछ बीमारियां भी साथ आती हैं. कई दूसरी बीमारियों के साथसाथ आंखों की बीमारी भी इस मौसम में अधिक होती है. मगर आंखों की सही देखभाल से इस मौसम का आनंद उठा सकते हैं.

इस बारे में मुंबई के मेहता इंटरनैशनल आई हौस्पिटल की आई स्पैशलिस्ट ऐंड सर्जन पद्मश्री डा. केकी मेहता कुछ टिप्स देती हैं:

बाहर से घर पहुंचने पर चेहरा, हाथपांव धोना न भूलें. यदि संभव हो तो हलके गरम पानी से नहाएं.

अपने हाथों को, जब भी कोई काम करें, अवश्य धोएं. आंखों को साफ पानी से धोएं.

हमेशा चेहरे और आंखों को पोंछने के लिए टिशू पेपर या फेस टौवेल रखें. शरीर को साफ करने वाले टिशू या टौवेल से आंखों को कभी न पोंछें वरना आंखों में संक्रमण होने का डर रहता है.

बारिश में निकलने से पहले यह देख लें कि चश्मा अच्छी तरह साफ हो. अगर कौंटैक्ट लैंस लगाती हैं और तेज हवा से बारिश का पानी आंखों में चला गया तो देखने में परेशानी हो सकती है. इसलिए कौंटैक्ट लैंस की एक अतिरिक्त जोड़ी, लैंस केस और लैंस लोशन अपने साथ अवश्य रखें.

जो ज्यादा नंबर के चश्मे पहनते हैं उन्हें एक अलग चश्मा अपने साथ अवश्य रखना चाहिए.

चेहरे पर बारिश की बूंदों का आनंद लेने के लिए आंखें खुली न रखें, क्योंकि वे वायुमंडलीय प्रदूषण को अवशोषित कर सकती हैं, जो उन के लिए हानिकारक हो सकता है. इस के अलावा वर्षा का पानी आंखों की ‘टियर फिल्म’ को बहा सकता है, जो आंखों की प्राकृतिक सुरक्षाकवच होती है.

बच्चों को अधिकतर जल भराव वाली जगह पर छपछप करने या छींटे उड़ाने की इच्छा होती है, जो खतरनाक साबित हो सकता है, क्योंकि जलजनित बैक्टीरिया की वजह से कंजक्टिवाइटिस जैसा संक्रमण हो सकता है. यह इस मौसम की एक बड़ी बीमारी है. बच्चों को इस के बारे में बताएं और बारिश के गंदे पानी से दूर रखें.

वैसे तो बारिश का पानी साफ होता है, लेकिन पेड़ या इमारत की छतों से निकल कर आने वाला पानी बड़ी संख्या में जर्म्स लिए होता है. अत: जब आप इन स्थानों से गुजर रही हों तो खयाल रखें कि वहां का पानी आंखों में न जाए. अगर किसी कारणवश चला जाए तो पहले आंखों को सुखा लें, फिर घर जा कर साफ पानी से धो लें.

सड़क पर छितराए पानी में हमेशा कीचड़ और गंदगी रहती है. ऐसे में अगर सड़क का पानी आंखों में चला जाए तो रुक कर आंखों को धोएं. भले इसके लिए आप को पानी की बोतल खरीदनी पड़े. संक्रमण की रोकथाम हमेशा ही संक्रमण का इलाज करने से अच्छी होती है.

आंखों की कोई दवा लेने से पहले डाक्टर की सलाह अवश्य लें. अपनेआप या फिर कैमिस्ट की सलाह पर दवा न लें. अगर दवा लेने के बाद खुजली या इरिटेशन महसूस हो, तो भी डाक्टर के पास जाएं.

अगर आंखों का औपरेशन हुआ हो या सर्जरी करवाई हो तो उस स्थिति में और भी सावधानी बरतने की जरूरत होती है, क्योंकि औपरेशन की गई आंखों में जल्दी संक्रमण होने का खतरा रहता है.