टीनएजर्स दिखावे के लिए कुछ भी करने को तैयार रहते हैं. खुद के स्टेटस के लिए ऐसे फ्रैंड्स बनाते हैं जो अमीर होते हैं ताकि ग्रुप में सब उन्हें भी पूछें. तभी तो रिंकू ने प्रिया, जो उस की बैस्ट फ्रैंड थी, की खातिर अपनी सारी पौकेटमनी उड़ा दी. यहां तक कि प्रिया पर अपना इंप्रैशन जमाने के लिए अपने बर्थडे गिफ्ट्स तक उसे दे दिए. भले ही पौकेट में पैसे नहीं थे, लेकिन प्रिया की खुशी के लिए दोस्तों से उधार मांग कर उसे महंगे रैस्टोरैंट में डिनर करवाया, मौल्स से शौपिंग करवाई, यहां तक कि उस के लिए अपना कैरियर तक चौपट कर दिया और प्रिया ने एक पल भी नहीं लगाया उस से दोस्ती तोड़ने में.

ऐसा रिंकू के साथ ही नहीं, बल्कि अधिकांश किशोरों के साथ होता है. वे दिमाग से नहीं बल्कि दिल से काम लेते हैं और बेवकूफ बन जाते हैं. इसलिए जरूरी है कि दिखावे के चक्कर में न फंसें और ऐसे फ्रैंड्स बनाएं जो आप की तरह ही हों और शोऔफ के चक्कर में न पड़ते हों.

क्या क्या करते हैं दिखावे के लिए

  • घर की जगह बाहर पार्टी

फ्रैंड्स की देखादेखी कि पिछली बार उन्होंने अपने बर्थडे पर सभी फ्रैंड्स को मूवी दिखाने के साथसाथ महंगे होटल में लंच भी करवाया था तो इस बार हम भी पीछे क्यों रहें. हम इस बार अपना बर्थडे कुछ अलग अंदाज में सैलिब्रेट करेंगे, भले ही इस के लिए मम्मीपापा से लड़ाई करनी पड़े.

इस के लिए वे कई दिन पहले से तैयारी शुरू कर देते हैं और यहां तक कि कई बार तो पार्टी के लिए ड्रैसकोड तक रखते हैं ताकि उन की शान में कोई कमी न आने पाए. पार्टी एकदम धांसू करते हैं कि देखने वाले देखते रह जाएं. भले ही इस के लिए उन की पेरैंट्स से बोलचाल बंद हो जाए. बस, किसी भी कीमत पर उन की इमेज डाउन नहीं होनी चाहिए.

  • महंगे व ब्रैंडेड गिफ्ट्स

भले ही किसी छोटी शौप से गिफ्ट अच्छा व सस्ता मिल जाए, लेकिन वे ब्रैंडेड चीजें ही फ्रैंड्स को गिफ्ट देना पसंद करते हैं. उन की सोच यही होती है कि गिफ्ट पर ब्रैंड नेम होने से ही दोस्त पर इंप्रैशन पड़ेगा और उसे लगेगा कि देखो, मेरे स्पैशल दिन मेरे दोस्त ने कितना कीमती तोहफा दिया है और देखने वालों के बीच भी उस की खूब वाहवाही होगी. ऐसा करते वक्त वे एक बार भी यह नहीं सोचते कि ऐसा कर के सिर्फ उन की जेब ही ढीली होगी.

  • ब्रैंडेड कपड़े

जब फ्रैंड सर्किल हाईफाई हो तो लोकल मार्केट से कपड़े खरीदने का सवाल ही नहीं उठता, तभी तो उन का हमेशा ब्रैंडेड कपड़े खरीदने पर जोर रहता है ताकि जब भी फ्रैंड्स के बीच जाएं तो सब कहें, ‘वाउ क्या शर्ट पहनी है, वाट अ यूनीक शर्ट’ कहे बिना कोई रहे और साथ ही यह भी कहे कि राहुल के ब्रैंडेड कपड़ों का तो जवाब नहीं. इसी तारीफ की खातिर वे ब्रैंडेड कपड़े ही खरीदते हैं.

  • सोशल स्टेटस मैंटेन करने के लिए बार जाना

जब फ्रैंड्स अकसर ग्रुप में यह कहते मिलते हैं कि हम तो कल अपने कजिंस के साथ बार गए थे, ऐसा पहली बार नहीं बल्कि हम तो महीने में 2-3 बार चले ही जाते हैं तो यह सुन कर अकसर टीनएजर्स खुद का सोशल स्टेटस मैंटेन करने के लिए वहां जाना शुरू कर देते हैं, जिस के लिए भले ही उन्हें बाकी चीजों के साथ समझौता करना पड़े, क्योंकि वे अपने फ्रैंड्स से किसी भी कीमत पर यह सुनना पसंद नहीं करते कि यार, बार वगैरा नहीं जाते. यह बात उन की पर्सनैलिटी पर भी विपरीत प्रभाव डालती है.

  • झूठी शान की खातिर सब की हैल्प को तैयार

भले ही जेब में पैसे न हों, लेकिन फिर भी झूठी शान दिखाने के लिए वे सब की हैल्प करने को तैयार रहते हैं और मना करना नहीं जानते. यदि किसी फ्रैंड ने कहा कि यार, मेरा पर्स चोरी हो गया है और आज मुझे शौपिंग करना भी बहुत जरूरी है तो झट से उस की हैल्प के लिए अपनी ट्यूशन फी में से उसे पैसे दे देते हैं ताकि दोस्तों में शान बनी रहे. इस चक्कर में वे अपना ही नुकसान कर बैठते हैं.

  • आउटिंग का प्रोग्राम बनाना

फ्रैंड्स के कहने पर कि इस बार आउटिंग पर बाहर जाएंगे पौकेट अलाउ न करने के बावजूद हामी भर देते हैं और जब पेरैंट्स मना करते हैं तो सीधा सा जवाब देते हैं कि आप तो हमेशा पैसों की कमी का ही रोना रोते रहते हैं. ऐसे में जिद कर के अपना इंप्रैशन जमाने के लिए फ्रैंड्स के साथ आउटिंग पर जाने का प्रोग्राम बना लेते हैं.

  • दिखावे के नुकसान

लेनदेन के चक्कर में रिलेशन पर असर : दिखावे के चक्कर में जब आप दूसरों से लेनदेन कर अपने किसी फ्रैंड को इंप्रैस करने की कोशिश करते हैं तो इस से आप के संबंध मांगने वाले से बिगड़ने लगते हैं, क्योंकि 1-2 बार तो कोई भी खुशीखुशी पैसे दे देता है, लेकिन जब आप उसे आदत बना लेते हैं तो सामने वाला मना करने पर मजबूर हो जाता है जिस से रिश्तों में मनमुटाव आ जाता है.

खुद से ज्यादा दूसरों पर खर्च : हरदम ग्रुप में खुद को अमीर और ऐडवांस्ड दिखाने के लिए किसी ने कहा नहीं कि यार, आज तू पार्टी दे दे या आज तो हम राहुल से ही पार्टी लेंगे. उन की बात मान कर तुरंत अपनी पौकेट ढीली करने के लिए तैयार हो जाएं तो ऐसे में आप दिखावे के चक्कर में खुद से ज्यादा औरों पर खर्च कर बैठते हैं, जिस से अपने बारे में नहीं सोच पाते.

सामने वाले को संतुष्ट करने पर जोर : हरदम सामने वाले को संतुष्ट करने की कोशिश में खुद की पर्सनैलिटी को इंप्रूव करने के बारे में नहीं सोच पाते, जिस से धीरेधीरे हर काम बिगड़ने लगता है, जो भविष्य में आप के लिए घातक साबित होता है.

झूठ का सहारा : अपने दोस्तों को खुश करने के चक्कर में अपनी पूरी पौकेटमनी तो आप पहले ही लुटा बैठे हैं और अब फ्रैंड्स की ख्वाहिशें पूरी करने के लिए यदि आप को घर में झूठ भी बोलना पड़े या फिर पैसों के लिए पापा के पर्स से चोरी की नौबत तक आ जाए तो इस से आप दूसरों के चक्कर में खुद के लिए मुसीबत ही मोल लेते हैं.

लाइफ का मेन पार्ट इग्नोर : हरदम दिखावे में फंसे रहने के कारण आप लाइफ का मैन पार्ट यानी स्टडीज को इग्नोर कर देते हैं और जब समय आप के हाथ से निकलने लगता है तब पछताते हैं कि काश, उस समय कैरियर को संवारने पर ध्यान दिया होता तो आज यह दिन नहीं देखना पड़ता.

बेवकूफ बनाने के ज्यादा चांसेज : सब जानते हैं कि आप से एक बार कहने भर की देर है कि आप झट से किसी भी बात के लिए हामी भर देंगे, तो ऐसे में आप का कोई भी फ्रैंड आप को बड़ी आसानी से बेवकूफ बना देगा. जैसे बाहर जा कर कोई चीज खाने का मन उस का है और नाम आप का लगा कर उसे मंगा ले तो ऐसे में नुकसान हर हाल में आप का ही है.

परिवार से मनमुटाव : जब हम ज्यादा शोऔफ करने लगते हैं तो हमारी इच्छा भी ज्यादा बढ़ जाती है, जिसे पूरा करने के लिए हमारा दबाव हरदम पेरैंट्स पर ही रहता है, जिस से उन की नजरों में गिरने के साथसाथ हमारा उन से मनमुटाव भी हो जाता है.

ऐक्चुअल पर्सनैलिटी नहीं उभरती : हम जो होते हैं वह न दिखा कर खुद को बढ़चढ़ कर दिखाने की कोशिश करते हैं और इस चक्कर में अपने मन की भी नहीं कर पाते, जिस से हमारी ऐक्चुअल पर्सनैलिटी उभर नहीं पाती.

महंगे गैजेट्स का शौक : खुद को बाकी फ्रैंड्स में अलग दिखाने के लिए मार्केट में जो नया गैजेट आया नहीं कि उसे झट से खरीद डालते हैं ताकि फ्रैंड्स के बीच टशन बना रहे और इस चक्कर में खुद की पौकेट पर बोझ पड़ता है.

इंसर्ल्ट के डर से खरीदारी : भले ही आप को बिना ब्रैंड के कपड़े पसंद हों, लेकिन फिर भी फ्रैंड्स क्या सोचेंगे इस चक्कर में आप ब्रैंड्स की चीजें ही खरीदने पर जोर देते हैं, जिस पर लुटते सिर्फ आप ही हैं.

इस तरह दिखावे की यारी आप की जेब पर ही भारी पड़ती है.