अभिनेत्री सोहा अली खान और अभिनेता कुनाल खेमू बहुत ही सुलझे पति पत्नी हैं. इन दिनों वे हर इवेंट में साथ रहने की कोशिश करते हैं.

पेश हैं, पिछले दिनों उन से हुई मुलाकात के कुछ खास अंश:

आप दोनों का मिलन कैसे हुआ और एकदूसरे की कौनकौन सी खूबियां मन को भा गईं?

सोहा: मुझे कुनाल की स्माइल और आंखें बहुत पसंद आईं. कुनाल को जाननेसमझने में समय लगा. मैं आउट स्पोकेन हूं जबकि कुनाल शांत स्वभाव के हैं. कुछ महीनों बाद ही मैं उन्हें समझ पाई. मैं कुनाल से फिल्म ‘ढूंढ़ते रह जाओगे’ के सैट पर मिली थी. मुझे लगा कि वे औरों से अलग हैं. उस के तुरंत बाद फिल्म ‘99’ की वहां हम ने बातचीत की. मुझे अच्छा लगा कि वे अपनी हर बात पर कायम रहते हैं. उस समय वे 26 वर्ष के थे पर उन की बातें बड़ी मैच्योर थीं. जो कहते थे उसे निभाते भी थे.

कुनाल: मुझे सोहा की आंखें और उस का डाउन टु अर्थ स्वभाव बेहद पसंद आया. उस से बात करने पर पता चला कि मुझे एक अच्छा दोस्त मिल गया है. अब लगता है कि मैं ने अपने करीबी दोस्त से शादी की.

आप दोनों ने आपसी तालमेल बनाए रखने के लिए क्याक्या सीमाएं तय की हैं?

सोहा: किसी भी रिश्ते के स्थायित्व के लिए आपसी तालमेल बहुत जरूरी है. हर व्यक्ति के जीने का अपना अलग स्टाइल होता है. जैसेकि इतने बजे उठना है, काम करना है, घूमने जाना है आदि. ऐसे में अगर आप के जीवन में कोई आए और साथ रहे तो आप को भी थोड़ा बदलना पड़ता है. दोनों की पसंद को ध्यान में रख कर बीच का रास्ता निकालना पड़ता है.

कुनाल: मेरे हिसाब से जब 2 व्यक्ति घर बसाते हैं तो उन्हें एकदूसरे का सम्मान करना आना बहुत जरूरी है. एकदूसरे को सम्मान देना, काम का बंटवारा करना, छोटीछोटी बातों को भी समझना बहुत जरूरी है. जब हमें लगता है कि हमारा रिश्ता हमारे लिए कितना महत्त्वपूर्ण है तब हम सब कुछ करने के लिए राजी हो जाते हैं. मेरे हिसाब से जब व्यक्ति शादी करता है, गृहस्थ जीवन में प्रवेश करता है, तो वह पहले ही यह सोच चुका होता है कि उसे आपस में तालमेल बैठाना है. यही सोच हम दोनों ने भी अपने अंदर लाए.

शादी के लिए पहल किस ने की?

सोहा: हम दोनों 2 साल तक रिलेशनशिप में रहे. दोनों के परिवार वाले चाहते थे कि हम शादी कर लें. मेरी मां तो सब से पहले तैयार थीं. हम दोनों की इच्छा देख कर दोनों परिवार वालों ने खुद ही पहल कर ली और हमारी शादी हो गई.

कुनाल: मेरे परिवार वाले खुश हुए जब मैं ने सोहा की बात उन्हें बताई. खुश होना ही था, क्योंकि मेरी पसंद उन की पसंद रही है.

एकदूसरे की पसंदनापसंद का खयाल कैसे रखते हैं?

कुनाल: हम दोनों की पसंद में काफी समानता है, क्योंकि हम बहुत सालों से साथ हैं. दोनों को ही एकदूसरे की पसंदनापसंद का पता है. जिस में हमारी राय एक होती है उसे हम साथ कर लेते हैं. जो पसंद नहीं उसे अलगअलग करते हैं. सोहा शांत स्वभाव की है और मैं गुस्सैल हूं. पर रूठने पर मनाने की पहल मैं ही करता हूं. उसे मैं कैसे मनाता हूं, इसे मैं सीक्रेट ही रखना चाहता हूं.

सोहा (हंसती हुई): कुनाल गुस्सैल जरूर हैं पर जितनी जल्दी गुस्सा आता है उतनी ही जल्दी शांत भी हो जाते हैं. इसीलिए मैं चुप रहती हूं.

एकदूसरे को गिफ्ट देने में कितना विश्वास करते हैं?

कुनाल: गिफ्ट देना बहुत मुश्किल काम होता है. अब तक हम दोनों बहुत सारी चीजें एकदूसरे को दे चुके हैं. मैं किसी और का इंतजार नहीं करता. जिस भी चीज की सोहा को जरूरत होती है, ला देता हूं. इसी वजह से जब कोई खास मौका आता है तो दोनों ही के पास एकदूसरे को देने को कुछ नहीं होता.

सोहा: मुझे उपहार देना और लेना अच्छा लगता है. कुनाल को कैमरा बहुत पसंद है. इस बार मैं उन के जन्मदिन पर जूम लैंस वाला कैमरा दूंगी.

सोहा, आप की मां ने कैरियर और वैवाहिक जीवन में तालमेल बनाए रखा. क्या आप ने उन से इस संबंध में कुछ सीख ली?

मेरी मां ने हमेशा सीख दी है कि खुशहाल रिलेशनशिप के लिए आप पति के ईगो का सम्मान करो. इसी तरह पति को भी पत्नी की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए. इस से रिश्ता मजबूत बना रहता है. मैं इस का हमेशा ध्यान रखती हूं.

कुनाल आजकल शादियां बहुत जल्दी टूट रही हैं. ऐसे में आप बेहतर शादीशुदा जीवन बिताने के लिए क्या सुझाव देना चाहेंगे?

विवाह की रस्म दोनों की इच्छा से संपन्न होती है. 2 लोगों के एकसाथ रहने पर थोड़ाबहुत मनमुटाव जरूर होता है. ऐसे में अगर किसी बात को शांति से सोचा जाए तो उस का हल मिल जाता है. आज हर चीज फास्ट हो चुकी है. पहले गाने बड़े बनते थे, अब छोटे बनने लगे हैं. लोग सुनना नहीं चाहते. शांत हो कर एकदूसरे को समय दें तो अच्छाई एकदूसरे में दिखने लगेगी. विवाह को बनाए रखना मुश्किल नहीं. बस इसे बचाए रखने की दोनों की कोशिश होनी चाहिए.                     

हाल ही में सोहा की फिल्म ‘घायल वंस अगेन’ और कुनाल की फिल्म ‘गुड्डू की गन’ प्रदर्शित हुईं, पर दोनों को ही दर्शकों ने औसत दर्जा दिया.