छोटे परदे पर स्टार बनने के बाद गुरमीत चौधरी ने महेश भट्ट के बैनर की फिल्म ‘‘खामोशियां’’ से बौलीवुड में कदम रखा, जो कि एक हॉट व सेक्सी फिल्म थी. अब गुरमीत चौधरी विशाल पंड्या लिखित व निर्देशित तथा टीसीरीज निर्मित ईरोटिक फिल्म ‘‘वजह तुम हो’’ में वकील के किरदार में नजर आने वाले हैं. पेश है उनसे हुई बातचीत के अंश..

आपको नहीं लगता कि आपने टीवी से फिल्मों की तरफ कदम बढ़ाने में काफी देर कर दी?

– मुझे ऐसा नहीं लगता. बल्कि मैं अपने आपको बहुत भाग्यशाली मानता हूं कि बहुत जल्द मैं टीवी का स्टार कलाकार बन गया. इसकी एक वजह यह भी रही कि मैंने 5-6 साल लंबे चलने वाले डेली सोप में अभिनय नहीं किया. मेरे ज्यादातर शो एक साल के ही थे. रियालिटी शो ‘झलक दिखला जा’ जीता. ‘नच बलिये’ और ‘खतरों के खिलाड़ी’ में ‘रनरअप’ रहा. तो टीवी ने मुझे रातों रात स्टार बना दिया. अब तो टीवी बहुत बड़ा हो गया है. मेरे पास प्रशंसकों की इतनी लंबी चौड़ी संख्या है कि बालीवुड के चंद बडे़ कलाकारों के अलावा किसी के पास नहीं होंगे.

देखिए, मैं रातों रात टीवी स्टार बन गया. पर मैं हमेशा से फिल्मों में अभिनय करना चाहता था. मैंने पहले से तय कर लिया था कि 2015 में मैं फिल्मों से जरूर जुडूंगा. मगर मैं कोई भी फिल्म किसी भी निर्माता या निर्देशक के साथ नहीं करना चाहता था. मैंने सोच रखा था कि जब हम फिल्मों में काम करते हैं, तो फिल्म ऐसी होनी चाहिए, जो सही ढंग से ज्यादा से ज्यादा दर्शकों तक पहुंच सके. जब मैंने सीरियल ‘‘रामायण’’ में अभिनय करना शुरू किया था, तभी से मेरे पास फिल्मों के ऑफर आने लगे थे. पर मुझे कभी निर्माता पसंद नहीं आता, तो कभी निर्देशक नहीं, तो कभी कहानी पसंद नही आती.

फिल्मों के ऑफर मिल रहे थे, इसलिए मैंने टीवी छोड़ने का कदम नहीं उठाया. टीवी के कलाकार अक्सर गलती यह करते हैं कि एक सीरियल में अभिनय करते हुए शोहरत मिलते ही टीवी को अलविदा कह फिल्मों के लिए संघर्ष करना शुरू कर देते हैं. ऐसे में उन्हें बडे़ निर्माता निर्देषशकों की फिल्में मिलती नहीं है. आखिरकार बेचारे ना टीवी के रहते हैं और ना फिल्म के. मैंने यह गलती नहीं की. मैंने पूरी योजना बनाकर काम किया. जब मुझे महेश भट्ट ने ‘विशेष फिल्म्स’ की फिल्म में काम करने का ऑफर दिया, तो मैंने स्वीकार कर लिया. बालीवुड में इससे बड़ी लांचिंग हो भी नहीं सकती. दूसरी फिल्म ‘वजह तुम हो’ टीसीरीज के साथ की है.

आपने ‘‘खामोशियां’’ के बाद दूसरी फिल्म भी ईरोटिक फिल्म ‘‘वजह तुम हो’’ चुनी?

– इरोटिक का नाम आते ही लोग मान लेते हैं कि सेक्स फिल्म है. जबकि इस फिल्म की कहानी सेक्स को लेकर नहीं है. इसलिए मुझे इस फिल्म को करने में कोई बुराई नजर नहीं आयी. मैं फिल्मों का चयन करते समय निर्माता, निर्देशक, पटकथा व अपने किरदार पर गौर करता हूं. मेरे इस तर्क पर यह फिल्म खरी उतरी. दो सफलतम फिल्मों के निर्देशक विशाल पंड्या ने जब मुझे इस फिल्म का कांसेप्ट सुनाया, तो मुझे काफी रोचक लगा. ‘वजह तुम हो’ अंत तक दर्शकों को पंसद आएगी. इसमें एक सेटेलाइट चैनल को हैक कर उस पर लाइव मर्डर होते हुए प्रसारित किया जाता है. इस फिल्म का कंटेट बहुत सशक्त है. सोशल मीडिया पर हमारी फिल्म के ट्रेलर को जबरदस्त हिट्स मिल रहे हैं.

ट्रेलर को सोशल मीडिया पर जो हिट्स मिलते हैं, वह बाक्स आफिस पर कितना लाभ देता है?

– यह मान लेना कि सोशल मीडिया पर मिले हिट्स दर्शकों की संख्या में परिवर्तित हो जाएंगे, यह गलत है. पर हिट्स मिलने का मतलब यह होता है कि फिल्म के प्रति दर्शकों की उत्सुकता जागी है. यह रिकार्ड है कि जिस ट्रेलर को लोगों ने रिजेक्ट किया, वह फिल्म बाक्स आफिस पर नहीं चली. पर हमारी फिल्म का ट्रेलर पसंद किया गया. इसलिए हमें उम्मीद है कि हमारी फिल्म चलेगी. हर निर्माता चाहता है कि उनकी फिल्म का ट्रेलर हिट हो. वैसे हमारी फिल्म में सारे मसाले हैं. इसमें एक्शन, ड्रामा, इरोटिक सीन, सेक्स, गाने, अच्छी लोकेशन, अच्छे कलाकार सब कुछ है.

पर मेरे पास वह आंकड़े भी हैं, जहां हिट्स बहुत बड़ी संख्या में हुए, पर  फिल्म नहीं चली?

– मैंने पहले ही कहा कि हिट्स को सफलता की गारंटी नहीं मानना चाहिए. पर लोगों की नजर में फिल्म आ गयी, यह तय हो जाता है. फिल्म की सफलता के लिए अच्छी कहानी होनी चाहिए. आपको पता होगा कि सोशल मीडिया पर पहले शो होते ही दर्शकों की प्रतिक्रिया आ जाती है. यदि किसी दर्शक ने भी लिख दिया कि फिल्म बेकार है, तो जिन्होंने ट्रेलर को पसंद किया था, वह भी फिल्म देखने नही जाते.

पर ‘खामोशियां’ के बाद ‘वजह तुम हो’ कर आप एक खास ईमेज में नहीं बंधते जा रहे हैं?

– ऐसा बिलकुल न कहें. दोनो फिल्मों के किरदार काफी अलग हैं. इसके बाद मैं दो फिल्में कर रहा हूं, उनमे भी मेरे किरदार काफी अलग हैं. यह फिल्में अलग जानर की हैं. मैं बहुत योजनाबद्ध तरीके से काम कर रहा हूं. मैं डर कर काम नहीं करता. यदि ईमेज में बंधने का डर मुझे सताता, तो मैं धार्मिक सीरियल ‘‘रामायण’’ में राम का धार्मिक पात्र निभाने से दूर रहता. मुझसे पहले और बाद में कई लोग धार्मिक सीरियलों से जुड़ने के बाद उससे बाहर नहीं निकल पाए. यदि आप मेरे करियर पर नजर दौड़ाएंगे, तो पाएंगे कि मैंने ‘राम’ के किरदार को निभाने से लेकर ‘वजह तुम हो’ में वकील रणवीर बजाज का किरदार निभाने तक अपने आपको कई बार अलग अलग किरदारों में पेश किया है. मैंने रियालिटी शो भी किए.

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