सरिता विशेष

कनैडियन पौर्न स्टार सनी लियोनी अब बौलीवुड में अपने पैर जमा रही हैं. रिऐलिटी शो ‘बिग बौस’ के बाद वे फिल्म ‘जिस्म 2’, ‘शूट आउट एट वडाला’, ‘जैकपौट’, ‘रागिनी एमएमएस 2’ जैसी फिल्मों में अभिनय कर चुकी हैं. हाल ही में उन की फिल्म ‘एक पहेली लीला’ प्रदर्शित हुई, जिस में वे दोहरी भूमिका में नजर आईं. फिल्म की रिलीज से पहले चर्चाएं थीं कि इस फिल्म के बाद सनी लियोनी की इमेज बदल जाएगी मगर फिल्म देख कर सारे दावे खोखले साबित हुए. इस बाबत उन का इस प्रतिनिधि से कहना है-

मैं ने कभी कोई दावा नहीं किया. मुझे ही नहीं मेरे निर्माताओं को भी पता है कि मैं जिस फिल्म का हिस्सा बनूंगी उसे सैंसर बोर्ड केवल ‘ए’ प्रमाणपत्र ही देगा. मेरी इमेज की चर्चा मीडिया से जुड़े लोग करते रहते हैं. मैं ने अपनी इमेज को ले कर कभी कुछ नहीं कहा. मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहूंगी कि मेरे प्रशंसक मेरे साथ तब से जुड़े हुए हैं जब मैं पौर्न ऐक्ट्रैस थी. बौलीवुड में आने के बाद वे मेरे साथ अब भी जुड़े हुए हैं. मुझे लगता है कि मेरी तरक्की के साथ एक दिन मेरी इमेज बदल जाएगी और मेरे दर्शक भी मेरे साथ बदल जाएंगे लेकिन मैं अपनी इमेज बदलने का कोई प्रयास नहीं कर रही हूं. मैं सिर्फ यह प्रयास कर रही हूं कि लोग मुझे समझ सकें कि मैं एक सशक्त अदाकारा हूं. सिर्फ ग्लैमरस ही नहीं बल्कि चुनौतीपूर्ण किरदार भी कर सकती हूं.

यह उत्तर लचर और बेबुनियाद है. सनी न तो अदाकारा हैं और न ही सशक्त. वे तो सिर्फ पौर्न व ग्लैमरस रोल कर सकती हैं और फिल्मकार भी उन की इसी इमेज को भुना कर अश्लील संवादों व कहानियों पर फिल्में बना रहे हैं.

अपनी सैक्सी इमेज पर वे कहती हैं, ‘‘यह सही है कि मेरी फिल्म में एक किस्म का ग्लैमर और सैक्सीनैस रहती है और रहेगी क्योंकि हर दर्शक फिल्में किन्हीं खास कारणों से ही देखने के लिए जाता है. अगर मैं रितिक रोशन की फिल्म देखने जाती हूं तो मुझे इंतजार रहता है कि वे कब अपनी शर्ट उतार फेंकेंगे. अगर मैं प्रियंका चोपड़ा, दीपिका पादुकोण और जैकलीन की फिल्में देखती हूं तो इसलिए कि वे सुंदर हैं. मैं इंतजार करती हूं कि उन की अगली फिल्म कब आएगी. मुझे लगता है कि दर्शक भी मुझे इसी तरह से देखते हैं.’’

यह ठीक है कि वे पौर्न फिल्मों में बनी रहें तो नाम व पैसा कमा सकती हैं लेकिन अभिनय उन के वश का नहीं. करीब आधा दर्जन फिल्में करने के बाद न तो उन का अभिनय परिपक्व हुआ, न ही डायलौग डिलीवरी. सिर्फ बदन उघाड़ू प्रदर्शन के जरिए आखिर कब तक टिका जा सकता है. बहरहाल, अपनी फिल्मी यात्रा के बाबत वे कहती हैं कि जब वे ‘बिग बौस’ का हिस्सा बनी थीं उस वक्त उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था कि वे बौलीवुड से जुड़ पाएंगी. पर अब स्थिति बदल चुकी है. फिर भी कई ऐसे बड़े प्रोडक्शन हाउस हैं जो नहीं चाहते कि वे बौलीवुड में रहें. उन की फिल्मों को उन के प्रशंसक इतना पसंद करते हैं कि उन्हें दूसरी फिल्में मिल जाती हैं. बौलीवुड की उन की अब तक की जो यात्रा है वह उन के अपने प्रशंसकों की वजह से ही है.

वैसे सनी जिन्हें प्रशंसक समझ रही हैं उन में ज्यादातर बी व सी ग्रेड फिल्मों के शौकीन हैं या फिर वे जो हर शुक्रवार को फिल्म का पोस्टर देख सिनेमाघर में घुस जाते हैं. उन्हें न तो फिल्म की गुणवत्ता से मतलब होता है और न कहानी से. इसीलिए उन की अब तक प्रदर्शित फिल्मों ने कुछ खास नहीं दिया.

सफाई देती हुई सनी कहती हैं कि यह सही है कि अब तक उन्होंने ऐसा काम नहीं किया जो चर्चा लायक हो लेकिन बौलीवुड में हमेशा ही अच्छा काम करने की कोशिश की. लेकिन उन के बारे में तथा उन की परफौर्मेंस को ले कर कभी भी अच्छा नहीं लिखा गया. जिन्होंने उन के खिलाफ लिखा उन से वे नाराज नहीं हैं. उन्हें किसी से कोई शिकायत भी नहीं है. प्रशंसकों ने उन का साथ देते हुए फिल्म ‘रागिनी एमएमएस 2’ को सफल बनाया. आप यकीन नहीं करेंगे. मगर ‘रागिनी एमएमएस2’ को इंटरनैट पर इतने अधिक हिट्स मिले कि वे खुद आश्चर्यचकित रह गईं. ये सब जगजाहिर है.

वैसे सनी जिन सोशल मीडिया में हिट होने का हवाला दे रही हैं वहां इतना ज्यादा कचरा फैला है कि अच्छेबुरे का फैसला करना असंभव है. कई बार किसी सामाजिक संदेश से भरे कंटैंट को कोई फीडबैक नहीं मिलता और कभी गालीगलौज के बेवकूफीभरे वीडियो (जैसे एआईबीरोस्ट) को रातोंरात लाखों हिट्स मिल जाते हैं. यह सनसनी फैलाने का जरिया भले हो लेकिन गुणवत्ता व सफलता का पैमाना बिलकुल नहीं है.

अपनी पौर्न छवि के साथ बौलीवुड में स्वीकार्यता को ले कर सनी का मानना है कि उन्होंने अतीत में एडल्ट स्टार की तरह काम किया पर वह उन का प्रोफैशन था. वे निजी जिंदगी में वैसी नहीं हैं. यह बात बौलीवुड के कुछ लोग आज भी नहीं समझना चाहते. उन के अतीत की वजह से लोग डरते थे, उन के साथ काम करने से कतराते थे. बौलीवुड के कई बड़े स्टार कलाकारों ने उन के साथ महज इसलिए काम करने से इनकार कर दिया क्योंकि उन की पत्नियां नहीं चाहती थीं. अब इन स्टार पत्नियों को कौन समझाएगा कि उन की रुचि उन के पति में नहीं है. उन के पास उन्हें बहुत प्यार करने वाले, उन के हर कदम पर उन का साथ देने वाले उन के पति डैनियल हैं.

बता दें कि उन के पति डैनियल अमेरिकन हैं जो कभी उन के मैनेजर और एडल्ट वीडियो में उन के कोऐक्टर हुआ करते थे. बाद में दोनों ने विवाह कर लिया. तब से दोनों एडल्ट फिल्मों का निर्माण करने वाली सनलस्ट कंपनी में बिजनैस पार्टनर हैं.

सनी मानती हैं, ‘‘डेनियल बहुमुखी प्रतिभा के धनी इंसान हैं. वे बेहतरीन कलाकार और म्यूजीशियन हैं. उन की अपनी एक फैक्टरी और अपना म्यूजिकल बैंड है. अमेरिका में उन का अपना प्रोडक्शन हाउस भी है. इस के बावजूद वे मेरे लिए रोशनी है. जब मां की मौत हुई उस वक्त डैनियल ने साथ दिया था. जब मेरे पिता को कैंसर था तब भी वही मेरा व मेरे पूरे परिवार का खयाल रख रहे थे. वे अपने कैरियर के साथ मेरे कैरियर का भी पूरा खयाल रखते हैं.’’ खुद से जुड़ी विवादित पृष्ठभूमि के बावजूद खुल कर जिंदगी के हर पहलू पर बात करने वाली सनी मानती हैं कि इस की एकमात्र वजह यह है कि उन्होंने कभी भी पाखंडपूर्ण जिंदगी जीना नहीं चाहा. वे बचपन से ही स्वतंत्र व मुंहफट एटीट्यूड के साथ जिंदगी जीती आई हैं. यदि उन्होंने एडल्ट एंटरटेनमैंट की राह पकड़ी, तो यह उन का अपना निर्णय था, गलत रहा हो या सही. उन्होंने कभी नहीं कहा कि यह उन का निर्णय नहीं था. उन्हें उन के प्रशंसकों ने स्वीकार किया.

फिल्म ‘एक पहेली लीला’ में पुनर्जन्म जैसे अंधविश्वास से भरे विषय को बढ़ाचढ़ा कर पेश किया गया है. सनी भी इस पर यकीन करती हैं. वे मानती हैं कि पिछले जन्म में उन की जिंदगी कुछ और रही होगी. वे इस बात में यकीन करती हैं कि पिछले जन्म में उन की एनर्जी कुछ अलग रही होगी.

ये बातें उसी तरह हैं जैसे कई कलाकार सफलता के लिए ज्योतिषों के चक्कर में पड़ कर कभी अपना नाम बदलते हैं तो कभी उलटेसीधे कपड़े और लुक्स अपनाते हैं. जबकि इस से सिवा अंधविश्वास को बढ़ावा मिलने के और कुछ नहीं होता.

फिल्मकार दिलीप मेहता ने उन पर एक डौक्यूमैंट्री फिल्माई है. सनी के मुताबिक, ‘‘यह अच्छी, बुरी और अगली है. हर इंसान की जिंदगी में कुछ अच्छा तो कुछ बुरा होता है. मैं ने अपनी तरफ से इस डौक्यूमैंट्री में अपनी जिंदगी के किसी भी पक्ष को छिपाने की कोशिश नहीं की है. मैं ने इस सच को भी बयां किया है कि मैं ने व मेरे पति डैनियल ने जब अपना प्रोडक्शन हाउस शुरू किया तो हमारे पास बिलकुल पैसे नहीं थे. ‘जीरो’ से शुरुआत की थी. दिलीप मेहता ने मुझ पर 22 हजार घंटे की एक डौक्यूमैंट्री फिल्माई है जिसे अब एडिट कर वे बाजार में लाएंगे.’’

फिल्म कलाकारों के समाजसेवी संस्थाओं से जुड़ने के प्रश्न पर सनी कहती हैं कि वे भी ‘अमेरिकन कैंसर सोसायटी’ के साथ काम कर रही हैं. वे कैंसर से पीडि़त मरीजों व कैंसर की बीमारी के बाद जीवित बचे लोगों की मदद करती हैं. निजी जीवन को ले कर कई कड़े अनुभव झेल चुकी सनी बताती हैं कि जिस शहर में उन का बचपन गुजरा, वहां के लोग उन से नफरत करते हैं. डौक्यूमैंट्री के सिलसिले में जब दिलीप उस शहर में गए तो वहां के लोगों ने उन का काफी विरोध किया.

फिलहाल सनी की इस साल 3-4 फिल्में रिलीज को तैयार हैं जिन में ‘डैंजरस हुस्न’, ‘बेईमान लव’, ‘मस्तीजादे’ और ‘कुछकुछ लोचा है’ प्रमुख हैं.

गौर करने वाली बात यह है कि ये तमाम फिल्में विषयवस्तुओं, गुणवत्ता के लिहाज से सनी लियोनी की पौर्न व ग्लैमर छवि को सस्ते तरीके से भुनाती लगती हैं. फिल्म के नाम पर सनी की पानी में बिकिनी सौंग गाते व थिरकते और द्विअर्थी संवादों के दम पर ऐसी फिल्में रिलीज तो की जा सकती हैं लेकिन अभिनय के मैदान में सनी की पारी लंबी या सफल होगी, यह कहना जल्दबाजी होगी.

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