सरिता विशेष

‘डांसिंग दिवा’ के रूप में जानी जाने वाली अभिनेत्री माधुरी दीक्षित ने फिल्म ‘अबोध’ से अभिनय कैरियर की शुरुआत की थी. उन्होंने 3 साल की उम्र से कथक डांस सीखना शुरू किया था. हालांकि उसे बचपन से डाक्टर बनने की इच्छा थी, लेकिन नृत्य उनमें इतनी अच्छी तरह रच-बस गया था कि वह उसे छोड़ नहीं पायी, जिस भी मंच पर उन्होंने नृत्य किया, सभी ने उनकी तारीफे की. नृत्य की वजह से ही वह इंडस्ट्री में अपनी एक अलग पहचान बना पायी. 80 और 90 के दशक की वह सबसे चहेती और धक्-धक् गर्ल बनी. “तेजाब”, “खलनायक”, “राम-लखन”, “किशन-कन्हैया”, “दिल”, “प्रहार” आदि सभी माधुरी की सफल फिल्में हैं. कामयाबी के शिखर पर पहुंचकर माधुरी ने अमेरिका में स्टाब्लिशड डॉ. श्रीराम नेने से शादी की और दो बच्चों की मां बनी. कुछ सालों बाद वह फिर से मुंबई आई और अपनी दूसरी पारी शुरू की. इस समय वह फिल्मों से अधिक डांस पर फोकस्ड है, जिसमें उनका साथ दे रहे हैं उनके डॉक्टर पति श्रीराम नेने.   

माधुरी ने कभी भी अपनी डांस और फिटनेस को खोने नहीं दिया आज भी वह उतनी ही फिट हैं और अपने इस डांस के हुनर को पूरे देश में फैलाने की कोशिश कर रही हैं. वीडियोकॉन डी2एच के शो ‘नचले’ ने ‘डांस विथ माधुरी’ के साथ साझेदारी की है. जिसमें भारतीय नृत्य शैली में कथक, भरतनाट्यम, से लेकर वेस्टर्न जैज, कंटेम्पररी, हिप-हॉप, सालसा आदि के साथ बॉलीवुड डांस भी होगा.

इस मौके पर माधुरी कहती है कि “मैंने डांस 3 साल की उम्र से सीखा है और आज मैं जो भी हूं, इस डांस की वजह से हूं. डांस की वजह से मैं फिल्मों में भी आई, क्योंकि मैंने बहुत सारे स्टेज शो और डांस परफॉर्म किये थे, डांस ने मुझे अपने मूड, फिटनेस, आत्मविश्वास आदि सबकुछ बनाये रखने की सीख दी. मेरे हिसाब से हर व्यक्ति को आज के वातावरण में डांस सीख लेना चाहिए. इससे तनाव दूर भागता है. मुझे जब भी तनाव होता है, मैं डांस कर लेती हूं. नृत्य करने से जो आनंद आता है, उसे व्यक्त कर पाना मुश्किल है. ये कला व्यक्ति में जन्म से ही आती है. डांस सिखने की कोई उम्र नहीं होती, अगर कही गाना बजता है तो 6 महीने का बच्चा भी नाचने लगता है”.

इसके आगे माधुरी कहती है कि “एक दिन मैंने अपने पति के साथ बैठकर इस बात पर चर्चा की. कैसे लोगों के घर तक नृत्य पहुचाया जाय, क्योंकि मैं हर माध्यम के साथ जुड़कर पूरे देश में इसे फैलाना चाहती हूं. इस काम के लिए मेरे साथ हर तरह के नृत्य में पारंगत गुरु शामिल है.

माधुरी आज की सबसे अच्छी डांसर प्रियंका चोपड़ा, करीना कपूर, सोनाक्षी सिन्हा, दीपिका पादुकोण आदि को कहती हैं. उनके हिसाब से सभी की डांस फॉर्म एक दूसरे से अलग और अच्छी है. शास्त्रीय नृत्य को डांस का फाउंडेशन कहा जाता है, इसके बावजूद लोग वेस्टर्न डांस पर अधिक जोर देते हैं. माधुरी आगे कहती हैं कि बेसिक ज्ञान नृत्य में होना चाहिए और इसके लिए शास्त्रीय नृत्य पहले सीखना जरुरी है. इसमें फुटवर्क, तत्काल, हाथ की मुद्राएं, बॉडी मूवमेंट, अभिनय आदि सब एक डांस में आ जाती हैं. बेसिक प्रशिक्षण के बाद आप कोई भी ‘डांस स्टाइल’, ‘पिकअप’ कर सकते हैं. बेसिक सेंस ऑफ रिदम, सेंस ऑफ डीसिप्लिन और सेंस ऑफ इमोशन, जो हमारे शरीर को चाहिए वह मिल जाता है. मुझे क्लासिकल डांस बहुत पसंद है. आज भी मैं रोज डांस का रियाज करती हूं. इससे मुझे खुशी मिलती है”.

पहली बार जब माधुरी अभिनय के लिए कैमरे के आगे आईं, तो कभी नर्वस नहीं हुईं, क्योंकि नृत्य में अभिनय पूरी तरह से समाया हुआ होता है. वह कहती हैं कि ‘डांस सीख लेने से आपके जीवन के अर्थ ही बदल जाते हैं. मुझे अच्छा लगता है कि मैंने इस क्षेत्र को ही अपना सबकुछ माना है’.