सरिता विशेष

तब्बू को 14 साल की उम्र में ‘हम नौजवान’ फिल्म में देव आनंद ने अपनी बेटी के रूप मे लौंच किया था. इस फिल्म में उन्होंने एक रेप विक्टिम की भूमिका निभाई थी. तब्बू के हिसाब से वह एक फिल्मी माहौल में पलीबढ़ी थीं, पर फिल्मों में आने का शौक नहीं था. उन्हें फिल्मों में लाया गया, लेकिन जब काम करने लगीं तो रुचि बढ़ती गई. उन की लगभग सभी फिल्में बौक्स औफिस पर कामयाब रहीं. इस का श्रेय वे दर्शकों को देती हैं, जो उन्हें हर भूमिका में देखना चाहते हैं. 80 और 90 के दशक में तब्बू ने कई हिट फिल्में दीं, जिन में ‘माचिस’, ‘विरासत’, ‘अस्तित्व’, ‘चांदनी बार’, ‘मकबूल’, ‘द नेम सेक’ आदि प्रमुख हैं.

तब्बू आज भी दर्शकों में लोकप्रिय हैं. फिर चाहे फिल्म ‘दृश्यम’ हो या ‘चीनी कम’ अथवा ‘फितूर’ सभी में दमदार अभिनय किया है. तब्बू का निजी जीवन हमेशा सुर्खियों में रहा. पहले उन का नाम दक्षिण के अभिनेता नागार्जुन के साथ जुड़ा. वे शादीशुदा थे और अपनी पत्नी को तलाक नहीं देना चाहते थे. इसलिए तब्बू उन से अलग हो गईं. इस के बाद उन का नाम उपेन पटेल के साथ जुड़ा जो उन से 10 साल छोटा था. लेकिन यह भी अफवाह ही निकली. अभी तब्बू अकेली रहती हैं. अपना पूरा समय घूमने और किताबें पढ़ने में बिताती हैं. 2011 में उन्हें पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया था. स्वभाव से शांत तब्बू से ऐरियल इंडिया द्वारा आयोजित महिला दिवस पर एक कार्यक्रम के दौरान मुलाकात हुई. पेश हैं, उस दौरान की गई बातचीत के खास अंश:

महिला सशक्तीकरण के नाम पर कितना काम हो रहा है और कितना करना जरूरी है?

महिलाएं आजकल आगे आ रही हैं. उन की स्थिति यकीनन बदल रही है पर अभी बहुत काम करने की जरूरत है. जो बदलाव हम शहरों में देखते हैं वे गांवों में नहीं हैं. इस के लिए मां को अपनी बेटियों को वैसे ही बड़ा करना पड़ेगा जैसा बेटों को करती हैं. बच्चे परिवार से ही सीखते हैं. बेटियों को इज्जत देने के लिए बेटों को पहले सिखाना होगा. मेरे परिवार में पुरुष हो या महिला सब की बातें सुनी जाती हैं. यही सीख हर परिवार में होनी चाहिए. मैं ने फिल्में भी अधिकतर महिलाप्रधान ही की हैं. महिला जब पुरुष के लिए उदाहरण बनेगी, तब जा कर और अधिक जागरूकता बढ़ेगी.

पहली फिल्म से अब तक आप अपनेआप में कितना ग्रोथ पाती हैं?

पहले बात करना नहीं आता था. बहुत रिजर्व रहती थी, इंट्रोवर्ट थी. अब सब से बात कर पाती हूं. अच्छा लगता है कि मैं अपनी बातें सही तरह से कह पाती हूं. पहले लोग मेरे बारे में न जाने क्याक्या कहते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं है. मैं ने काफी अलगअलग लोगों के साथ काम किया है. ऐसे में ग्रो होना स्वाभाविक है.

हिंदी सिनेमा जगत में पहले से कितना बदलाव महसूस करती हैं. नए लोगों के साथ काम करने में कितनी सहज होती हैं?

अब पहले से ज्यादा बदलाव आया है. रही नए लोगों के साथ काम करने की बात तो नए लोगों के काम करने का ढंग अलग है लेकिन मुझे अधिक फर्क इसलिए महसूस नहीं होता, क्योंकि पहले जब वे नए थे तो मैं ने उन के साथ काम किया. अब उन के बड़े निर्देशक बनने के बाद भी मैं उन के साथ काम कर रही हूं. इन में विशाल भारद्वाज, मधुर भंडारकर आदि हैं.

आप अपनी जर्नी को कैसे देखती हैं?

कोई जर्नी नहीं महसूस करती. लगता है अभी शुरू हुई है. यह क्षेत्र ऐसा है जहां हर फिल्म के साथ एक नया चैलेंज आता है. मैं फिल्म की कहानी निर्देशक और अपनी भूमिका पर अधिक तवज्जो देती हूं.

आप की खुद की फिल्मों में से कौन सी फिल्म आप के दिल के करीब है?

‘हम साथसाथ हैं’, ‘मकबूल’, ‘विरासत’, ‘चाची-420’, ‘चांदनी बार’ आदि सभी फिल्मों से कुछ न कुछ मैं ने सीखा है. फिल्मों में अभिनय भी मैं ने फिल्मों में काम करते ही सीखा. मैं प्रोडक्शन या डाइरैक्शन में नहीं जाना चाहती. टीवी में जाने का शौक है पर अच्छा औफर नहीं है.

खाली समय में क्या करती हैं?

खली समय में गाने सुनना, किताबें पढ़ना, दोस्तों के साथ फिल्में देखना आदि पसंद है. मैं बड़ेबडे़ नौवल नहीं पढ़ती. पढ़ने का शौक मुझे अपनी नानी से मिला है. मेरी बहन फरहा को भी किताबें पढ़ने का बहुत शौक है.

अगर आप को सुपर पावर मिले तो क्या करना चाहेंगी?

मैं अदृश्य हो कर सभी के घरों में घुस कर जानना चाहती हूं कि वे मेरे बारे में क्या सोचते हैं.

ग्लैमर वर्ल्ड में आने के लिए यूथ को क्या मैसेज देना चाहती हैं?

इस क्षेत्र में आने के लिए मानसिक रूप से स्ट्रौंग होना आवश्यक है. आजकल सभी फिल्म मेनस्ट्रीम में है, क्योंकि मल्टीप्लैक्स अधिक है और दर्शक भी अलगअलग फिल्में देखना पसंद करते हैं.

किसी फिल्म को रिमेक देखना चाहती हैं?

नहीं. रिमेक अच्छा नहीं बनता. सीक्वल अच्छा बनता है. बशर्ते कहानी को सही तरीके से लिखा गया हो.

वैसे हम बता दें कि बौलीवुड में चर्चा है कि मधुर भंडारकर तब्बू की हिट फिल्म ‘चांदनी बार’ का सीक्वल बना रहे हैं, जिस में मुख्य भूमिका में तब्बू ही रहेंगी. इस फिल्म का नाम ‘चांदनी बार 2 रूबी बार’ होगा.