‘‘मिस इंडिया’’ का खिताब हासिल करने के बाद अस्सी के दशक के अति लोकप्रिय सीरियल ‘‘ये जो है जिंदगी’’ में अपने अभिनय का जलवा बिखेरते हुए सफलतम अभिनेत्री बन जाने वाली अदाकारा स्वरूप संपत ने कई सफल फिल्मों में भी अपने अभिनय का डंका बजाया था. मगर स्वरूप संपत ने उस वक्त अभिनेता परेश रावल के साथ विवाह कर लिया था, जब उनका करियर उंचाइयों पर था. शादी के बाद वह फिल्मों से दूर होकर घर परिवार की जिम्मेदारियों को संभालने के साथ ही एज्यूकेशन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण काम करती आयी हैं. पर थिएटर में यदा कदा काम करती रही. उन्होने  ‘‘द रोल आफ ए ड्रामा इनहैंसिंग लाइफ स्किल्स इन चिल्ड्रेन’’ विषय में पीएचडी कर रखी है. लगभग तीन वर्ष पहले वह गुजराती फिल्म ‘‘सप्तपदी’’ में नजर आयी थी. अब वह एक अप्रैल को रिलीज हो रही फिल्मकार आर बालकी की फिल्म ‘‘की एंड का’’ में एक समाज सेवक और करीना कपूर की मां के किरदार में नजर आने वाली हैं.

बौलीवुड में चर्चाएं गर्म है कि स्वरूप संपत जिस तरह से निजी जिंदगी में एक सफल मां और सफल समाज सेविका हैं, उसी तरह का किरदार उन्होने आर बालकी की फिल्म ‘‘की एंड का’’ में निभाया है. मगर स्वरुप संपत इस बात से इत्तफाक नहीं रखती हैं. वह साफ साफ कहती हैं-‘‘फिल्म ‘की एंड का’ के किरदार और मेरी निजी जिंदगी में कोई समानता नहीं है. दोनों बहुत ही अलग हैं. फिल्म में मेरा किरदार अलग तरह की समाज सेवा करता है. जबकि निजी जिंदगी में मेरी समाज सेवा बहुत अलग है. निजी जिंदगी में मैं इस फिल्म की मां से काफी अलग हूं. निजी जिंदगी में मैं दो बेटो की मां हूं, जबकि फिल्म में मेरा किरदार करीना कपूर की मां का है. मुझे निजी जिंदगी में कूकिंग करना पसंद है, जबकि फिल्म के किरदार को पसंद नही है.

वह एनजीओ किस्म की समाज सेवा करती है. मैं निजी जिंदगी में यथार्थ के धरातल व जमीनी सतह से जुड़कर काम करती हूं. मैं शहर नहीं बल्कि गांवों में जाकर बच्चों को सिखाती हूं. तो फिल्म का किरदार मेरी निजी जिंदगी से काफी अलग है. निजी जिंदगी में मैं दूर दराज के गांवों में पल बढ़ रहे बच्चों की जिंदगी बदलना चाहती हूं. मेरा किरदार शिक्षा को लेकर पॉलिसी मेकिंग में भी इनक्रेडीबल है. मैं सेंट्ल एडवाजरी बोर्ड आफ एज्यूकेशन’ और बोर्ड आफ गवर्निंग कमेटी आफ चाइल्ड इंटरनेशनल’’ से जुड़ी हुई हूं, जो पालिसी बनाने में माहिर हैं. और हर उसमें मैं बेहतर हूं. मैं वही काम करती हूं, जो कि मैं अच्छा कर सकती हूं.’’