सरिता विशेष

‘हीरोपंती’ और ‘बागी’ जैसी सफल एक्शन फिल्में निर्देशित करने के बाद अब सब्बीर खान म्यूजिकल रोमांटिक फिल्म ‘‘मुन्ना माइकल’’ लेकर आए हैं. जिसमें टाइगर श्राफ व नवाजुद्दीन सिद्दिकी जैसे कलाकारों के साथ नवोदित अभिनेत्री निधि अग्रवाल ने अभिनय किया है. अभिनेता टाइगर श्राफ के साथ सब्बीर खान की यह लगातार तीसरी फिल्म है. इतना ही नही इस फिल्म के शुरू  होने पर सब्बीर खान की पिछली फिल्म ‘‘बागी’’ की ही भांति इस फिल्म को लेकर भी कुछ विवाद हुए थे.

क्या वजह है कि आपकी फिल्मों के साथ विवाद जरुर उठते हैं?

एक ही वाक्य में कहना चाहूंगा कि विवाद उठे, लेकिन हाईकोर्ट ने हमें सही साबित किया. वास्तव में हमारे यहां एक चलन सा बन गया है कि दूसरी फिल्मों के खिलाफ अदालत में मुकदमा करो. कुछ दिन पहले ‘राब्टा’ के खिलाफ ‘मगधीरा’ वालों ने अदालत में गुहार लगायी, फिर खुद ही अपनी शिकायत वापस भी ले ली.

सवाल यह है कि आखिर इस तरह की चीजें क्यों हो रही हैं?

यह एक ट्रेंड है. लोग कुछ समय के लिए इसी बहाने शोहरत पाना चाहते हैं. फिल्म इंडस्ट्री में कुछ लोग गंभीरता से अपना काम कर रहे हैं, तो कुछ लोग इस ढंग का काम कर रहे हैं. अब इससे उन्हें क्या हासिल होता है, मुझे नहीं पता. मुझे लगता है कि हर क्षेत्र में, चाहे वह क्रिकेट हो या फिल्म हो, कुछ लोग दिन रात काम कर रहे हैं. जो लोग काम नहीं कर रहें हैं, वह इस ढंग की हरकतें कर रहे हैं.

इस फिल्म में नवाजुद्दीन सिद्दिकी को जोड़ने की वजह क्या रही?

कई बार हम फिल्मकार कुछ ऐेसे किरदार लिख जाते हैं, जो कि कलाकार को उनके कम्फर्ट जोन से बाहर निकालते हैं. जब हम यह फिल्म लिख रहे थे, तो महेंद्र फौजी के किरदार में हमें नवाजुद्दीन दिख रहे थे. पटकथा खत्म होते होते मुझे यकीन हो गया था कि यह किरदार नवाजुद्दीन के लिए कमाल का होगा. मैंने सोचा था कि इस किरदार को सुनते ही नवाजुद्दीन खुश हो जाएंगे या कहेंगे कि पागल हो गया है, मैं यह किरदार नहीं करुंगा. मैंने उनको कहानी सुनायी. कहानी खत्म होने से पहले ही उन्होंने खड़े होकर कहा कि, ‘बाकी बातचीत बाद में कर लेंगे, पर मैं महेंद्र का किरदार निभाना चाहता हूं.’ तो मेरी सोच बहुत सही थी. उन्होंने कबूल किया कि उन्होंने अब तक इस तरह का कोई किरदार नहीं निभाया है. महेंद्र फौजी गैंगस्टर है, जिसने अपनी जिंदगी में कभी डांस नहीं किया, पर वह किसी वजह से डांस सीखना चाहते हैं और अंत में सीख भी लेते हैं.

हम अपनी इस माध्यम से एक संदेश देना चाहते हैं कि डांस एक ऐसी कला है, जिसे उम्र के किसी भी पड़ाव पर सीखा जा सकता है. मान लीजिए, हम आफिस में काम कर रहे हैं और हमें संगीत या डांस का शौक है, तो हम शर्म क्यों करें? हर इंसान को अपनी खुशी के लिए इस तरह के शौक पूरे करने चाहिए.

हीरोइन के तौर पर दिशा पटनी सहित कई हीरोइनों के नाम चर्चा में थे. पर अंत में आपने नई लड़की निधि अग्रवाल को चुना?

देखिए, सबसे बड़ा सच यह है कि मुझे अपनी इस फिल्म के लिए एक नई हीरोइन चाहिए थी. मैंने अब तक अपनी हर फिल्म में नए कलाकार या नए तकनीशियन को पहली बार काम करने का मौका दिया है. क्योंकि मैं यह कभी नहीं भूलता कि मुझे भी किसी ने पहली बार काम करने का मौका दिया था. अब हीरो तय था, इसलिए हमें नई प्रतिभाशाली अभिनेत्री चाहिए थी. आडीशन करते करते हमने निधि अग्रवाल को चुना. मैंने किसी दूसरी अभिनेत्री के बारे में सोचा ही नहीं था. मुझे नहीं पता कि दिशा पटनी या किसी अन्य का नाम कैसे चला. पर मैं देख रहा हूं कि जिस फिल्म में टाइगर श्राफ अभिनय करने वाले होते हैं, उस फिल्म के साथ सबसे पहले दिशा पटनी का नाम आ जाता है. अब यह कौन करवाता है, मुझे नहीं पता.

निधि और टाइगर श्राफ के किरदारों को लेकर क्या कहेंगे?

निधि अग्रवाल ने डाली का किरदार निभाया है, जो कि छोटे शहर की लड़की है. बचपन से ही डांस करती आयी है. उसकी तमन्ना मशहूर डांसर बनने की है. इस बात से उसके माता पिता खुश नहीं है. क्योंकि यह एक मध्यमवर्गीय परिवार है. पिता कहीं नौकरी करते हैं. पर डाली अपने पिता को एक दिन गर्वांवित महसूस करवाने के मकसद से एक दिन घर छोड़ कर मुंबई पहुंच जाती है. जहां उसकी मुलाकात मुन्ना से होती है. मुन्ना के किरदार में टाइगर हैं. मुन्ना मुंबई के तीन बत्ती इलाके में रहने वाला स्ट्रीट स्मार्ट लड़का है. वह बहुत अच्छा डांसर है. लेकिन किन्ही तकलीफों की वजह से वह डांस नहीं करता. तो यह फिल्म उन दो लोगों के बारे में है, जिनमें से एक अपने सपने को पूरा करना चाहता है, दूसरा नहीं करना चाहता. इनके बीच में त्रिकोण हैं महेंद्र फौजी.

क्या टाइगर श्राफ के किरदार में कहीं जैकी श्राफ का अंश है?

ऐसा नहीं है. मुन्ना यानी कि यह एक टपोरी किस्म का लड़का. इस तरह के किरदार जैकी श्राफ, अनिल कपूर, आमिर खान सहित तमाम कलाकारों ने निभाया है. अब हमारी फिल्म की कहानी तीन बत्ती इलाके से शुरू होती है. तो कहीं न कहीं जैकी श्राफ की झलक आ सकती है. जैकी श्राफ कभी तीन बत्ती इलाके में रहते थे.

लगता है आपने टाइगर श्राफ के साथ जोड़ी बना ली है?

वह मेरे छोटे भाई जैसा है. जब हमने एक साथ पहली फिल्म ‘‘हीरोपंती’’ की थी, उस वक्त दूसरी फिल्म करने की हमारी कोई योजना नहीं थी. यह फिल्म लोगों को पसंद आयी और हिट हो गयी. तो लोगों ने चाहा कि हम दूसरी फिल्म एक साथ करें, इसलिए हमने ‘बागी’ की. यह भी पसंद कर ली गयी. तो अब लोगों की इच्छा का सम्मान करते हुए हमने तीसरी फिल्म ‘‘मुन्ना माइकल’’ की है. सच यह है कि ‘बागी’ के बाद मैं छुट्टी मनाने जा रहा था. तभी टाइगर श्राफ का फोन आया कि आपने ‘हीरोपंती’ के समय एक कहानी सुनायी थी, तो क्यों न उस पर फिल्म बनाएं. मैंने उससे कहा कि मैं छुट्टी मनाने स्पेन जा रहा हूं और आइफा भी जाउंगा. वहां से वापस आने के बाद हम मिलेंगे, तब इस पर बात करेंगे. जब मैं वापस आया, तो टाइगर मेरे पास आए. बात करते करते फिल्म बन गयी. अब यह फिल्म प्रदर्शित हुई है. पर हमने अगली फिल्म की कोई योजना नहीं बनायी है.

‘‘बागी 2’’ के बनने की चर्चा हो रही है?

जी हां! ‘‘बागी 2’’ बन रही है. पर मैं उसे निर्देशित नहीं कर रहा. मैं ‘मुन्ना माइकल’ मे व्यस्त था, तो ‘बागी 2’ के लिए किसी अन्य को निर्देशक लिया है.

सिनेमा में आ रहे बदलाव को किस तरह से देखते हैं?

मेरी राय में हिंदी सिनेमा का यह स्वर्ण काल चल रहा है. इन दिनों खूबसूरत फिल्में बन रही हैं. एक तरफ ‘बाहुबली’ जैसी बड़े बजट की फिल्म सफलता पा रही है. तो दूसरी तरफ ‘पिंक’, ‘मसान’, ‘कपूर एंड संस’ जैसी फिल्में भी पसंद की जा रही हैं. आज वह दौर है, जहां यदि आप एक अच्छी कहानी सलीके से कहेंगे, तो वह जरूर पसंद की जाएगी.

हालीवुड जिस तरह से बालीवुड को टक्कर दे रहा है. उससे कैसे निपटेंगे?

हमारे पास एक ही रास्ता है कि हम हालीवुड से बेहतर फिल्में बनाएं. ‘बाहुबली’ को पूरे विश्व के लोगों ने सराहा.