सरिता विशेष

बौलीवुड की हौट, ग्लैमरस, सैक्सी कही जाने वाली अदाकारा बिपाशा बसु एक के बाद एक फिल्मों में आ रही हैं. अभिनय कैरियर को संवारते हुए अपनी निजी जिंदगी को सही जीवनसाथी से खूबसूरत बनाने की बिपाशा कितनी चाह रखती हैं, बता रहे हैं शांतिस्वरूप त्रिपाठी.

बिपाशा बसु सही माने में एक बोल्ड ऐक्ट्रैस हैं. जौन अब्राहम के साथ 10 साल पुराना ‘लिव इन रिलेशनशिप’ का रिश्ता खत्म होने के बावजूद बौलीवुड की हौट व ग्लैमरस अदाकारा बिपाशा बसु के चेहरे पर कभी कोई शिकन नजर नहीं आई. एक तरफ वे अपने अभिनय कैरियर को संवारने में लगी हुई हैं, तो दूसरी तरफ जौन अब्राहम से अलग होने का दावा कर रही हैं कि उन्हें प्रेम की तलाश है. इतना ही नहीं वे शादी करने के लिए एक अच्छे लड़के की तलाश कर रही हैं. कैरियर को संवारने के लिए निजी जिंदगी में डरपोक होते हुए भी उन्होंने ‘राज’, ‘राज 3’ के बाद अब सुपर्ण वर्मा के निर्देशन में हौरर फिल्म ‘आत्मा’ में अभिनय किया है.

आप खुद को बहुत डरपोक बताती हैं पर आप तो एक के बाद एक हौरर फिल्मों में नजर आती हैं?

जब कुछ अलग करने का मौका मिल रहा हो, कलाकार की भूख पूरी करने का अवसर मिल रहा हो, तो डर की कौन परवा करता है? फिर हौरर फिल्म हो या कुछ अन्य, काम करना ही करना है. वैसे तो मैं ‘राज 3’ के दौरान भी बहुत डरी थी. ‘आत्मा’ की शूटिंग के समय भी मैं बहुत डरी थी. पर मेरे इस डर का कोई इलाज नहीं है. सच कहूं तो मुझे बचपन से ही हौरर फिल्मों से काफी डर लगता रहा है. फिल्म ‘आत्मा’ में अभिनय करने की मूल वजह इस की पटकथा और बेहतरीन स्क्रिप्ट है. यह फिल्म इमोशनल कहानी है और एक कलाकार की मेरी जो भूख है, उस भूख के चलते भी मैं ने यह फिल्म की है. मैं हमेशा उन्हीं फिल्मों में अभिनय करना पसंद करती हूं जिन में मनोरंजन के साथसाथ, अभिनेत्री के रूप में कुछ करने का मौका मिल रहा हो. जैसा कि इस फिल्म में मुझे मिला.

लोग कहते हैं कि बिपाशा बसु तो हौरर फिल्मों का चेहरा बन गई हैं?

मुझे भी लगता है कि मैं डरावनी फिल्मों का चेहरा बन चुकी हूं. ‘राज’ व ‘राज 3’ के बाद ‘आत्मा’ में मैं ने ज्यादा स्ट्रौंग किरदार निभाया है. मुझे हर फिल्म में हमेशा चुनौतीपूर्ण किरदार निभाने का मौका मिला. इसलिए मुझे ‘फेस औफ फियर’ कहे जाने पर बुरा नहीं लगता.

आप को और किन चीजों से डर लगता है?

मुझे छिपकली से बहुत डर लगता है. मिठाई खाने से डरती हूं कि कहीं मोटी न हो जाऊं.

आप को फिल्मों में बिकनी पहनने से कभी परहेज नहीं रहा. पर किसिंग सीन से हमेशा परहेज रहा. ऐसा क्यों?

किसिंग सीन और बिकनी पहनना दोनों में जमीनआसमान का अंतर है. इतना ही नहीं प्रेमपूर्ण दृश्यों को निभाना और किसिंग करना दोनों अलगअलग बातें हैं. प्रेमपूर्ण दृश्यों को निभाते समय हम चीटिंग करते हैं. पर किसिंग सीन में ऐसा संभव नहीं है. फिल्म ‘बचना ए हसीनो’ में मैं ने रणबीर कपूर के साथ किसिंग सीन किया था. उस के बाद पूरे 1 माह तक मैं सो नहीं पाई. तो ऐसा काम क्यों किया जाए. जबकि मैं ने इस फिल्म की शूटिंग के दौरान आदित्य चोपड़ा से कहा था कि वे किसिंग सीन को हटा दें पर वे माने नहीं.

पर आप को सैक्सी कहलाने में कभी कोई एतराज नहीं हुआ?

मुझे सैक्सी कहलाने से कभी कोई समस्या नहीं हुई. जब से मैं ने बौलीवुड में कदम रखा है तब से लोग मुझे ‘हौट’ या ‘सैक्सी’ ही कहते आए हैं. एक औरत होने की वजह से मैं किसी भी तरह के नामों से परहेज नहीं करती.

आप खुद को कितना बेहतरीन कलाकार मानती हैं?

मैं ने बहुत कम उम्र में कैरियर की शुरुआत की थी. तब से ले कर अब तक मैं फिल्मों व अभिनय के बारे में काफी कुछ समझ चुकी हूं. अब मैं एक बेहतरीन अभिनेत्री बन चुकी हूं.

लोग कहते हैं कि आप बहुत ही ज्यादा प्रोफैशनल हैं?

मैं चाहती हूं कि लोग अपना काम पूरी ईमानदारी के साथ और बेहतरीन तरीके से करें. मैं खुद प्रोफैशनल कलाकार हूं पर  हिटलर नहीं हूं.

अपने स्वभाव को ले कर आप क्या कहेंगी?

सच कहूं तो मैं बहुत खुले विचारों वाली औरत हूं. अतीत की कुछ चीजों से हम अपने वर्तमान को समृद्ध करने की कोशिश करते हैं. कई बार हम भटक भी जाते हैं. पर फिर हम सही रास्ते पर आ जाते हैं.

कहा जाता है कि आप सैट पर निर्देशक को तमाम सलाह देती रहती हैं?

मेरा मानना है कि कलाकार व निर्देशक के बीच अच्छा तालमेल होना चाहिए. ऐसा तालमेल जिस से कलाकार और निर्देशक आपस में अपनेअपने विचारों का आदानप्रदान कर सकें. इस से फिल्म बेहतर बनती है.

आप की नजर में प्यार के माने?

मेरे लिए प्यार ही सबकुछ है. आज की तारीख में मेरी पहली प्राथमिकता प्यार है. मुझे सिर्फ एक अच्छे जीवनसाथी की ही तलाश नहीं है बल्कि मुझे अपने परिवार के हर सदस्य और हर सह कलाकार से प्यार की चाहत है. फिलहाल मैं अकेली हूं. हर किसी के आकर्षण का केंद्र बन कर अच्छा लग रहा है.

इन दिनों आप किस के साथ अपने रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिए सोच रही हैं?

सच यह है कि मैं अपने रिश्तों की बातें सुनसुन कर थक चुकी हूं. लोगों ने अब तक तमाम कलाकारों के साथ मेरे रिश्ते जोड़े हैं. जबकि सभी को पता है कि मैं ने कभी भी अपने किसी रिश्ते को छिपाया नहीं है. किसी से प्यार करना तो जिंदगी का एक हिस्सा है पर हर किसी के लिए एक सही इंसान की तलाश बहुत जरूरी है. कई बार हमें सही इंसान मिल जाता है, पर चीजें आगे चल कर बिगड़ जाती हैं.

आप का जीवनसाथी कैसा हो?

खूबसूरत, चुस्तदुरुस्त, एक अच्छी जीवन शैली, कपड़े पहनने का अच्छा सलीका हो और व्यवहारकुशल हो.

लगता है कि जौन अब्राहम के साथ रिश्ते खत्म होने के बाद आप ज्यादा खुश हैं?

मैं ने पहले ही कहा कि मैं किसी रिश्ते के लिए इंतजार करने की बजाय आगे बढ़ने में यकीन करती हूं. मैं बहुत आगे निकल चुकी हूं. मैं अपने निजी जीवन में बहुत खुश हूं.