सरिता विशेष

बौयकट बालों और छरहरे बदन वाली मंदिरा बेदी अपने स्टाइल और बिंदास अंदाज के लिए जानी जाती हैं. मुंबई के पंजाबी परिवार में जन्मीं मंदिरा ने पढ़ाई के बाद ऐडवरटाइजिंग एजेंसी जौइन की थी. इसी दौरान उन्हें दूरदर्शन के धारावाहिक ‘शांति’ के लिए रोल औफर किया गया. यह उन के जीवन का टर्निंग पौइंट साबित हुआ.

धारावाहिक ‘शांति’ के बाद उन्होंने कई अन्य धारावाहिकों और फिल्मों में भी काम किया. यही नहीं, क्रिकेट में रुचि रखने वाली मंदिरा ने न सिर्फ क्रिकेट कमैंट्री की मेल डोमिनेटेड फील्ड में कदम रखा, बल्कि इस नीरस क्षेत्र में ग्लैमर गर्ल बन कर भी उभरीं. उन का नूडल्स स्ट्रैपी ब्लाउज और साड़ी का अंदाज लोगों को खूब भाया मंदिरा फैशन डिजाइनर भी हैं.

उन्होंने 1999 में वैलेंटाइन डे के दिन बौलीवुड फिल्म डाइरैक्टर राज कौशल से शादी की. शादी के 12 साल बाद 2011 में वे मां बनीं. आज 44 साल की उम्र में एक बच्चे को जन्म देने के बाद भी उन्होंने अपनी खूबसूरती और फिटनैस को पूरी तरह मैंटेन कर के रखा है. एक इवैंट में उन से बातचीत हुई:

मां बनने के बाद क्या काम पर वापस आना कठिन हुआ?

मैं जब प्रैगनैंट थी, तो सोचती थी कि पता नहीं मां बनने के बाद मुझे काम मिलेगा या नहीं. वैसे मैं ने 18 सालों से इस इंडस्ट्री में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई हुई थी. शायद यही वजह रही कि मेरा बच्चा जब 5 माह का था तभी मुझे काम के औफर आने लगे.

1994 की लंबे बालों वाली शांति से आप अब बौयकट बालों में आ गई हैं. इस का राज क्या है?

इस में कोई राज नहीं है. सच तो यह है कि इतने सालों में मैं बहुत स्ट्रौंग हो गई हूं. पहले थोड़ी सहमीसहमी सी रहती थी. अब बिलकुल अपोजिट हूं. शायद इस का असर बालों पर भी नजर आ रहा है.

आप खुद को मोटिवेटेड कैसे रखती हैं?

छोटीछोटी सफलताएं ही आप को और ज्यादा पाने के लिए प्रोत्साहित करती हैं. मान लीजिए मैं वेट लौस जर्नी पर हूं या किसी उद्देश्य की तरफ बढ़ रही हूं, ऐसे में यदि छोटेछोटे ही मगर सकारात्मक परिणाम आते हैं, तो बड़े परिणामों के लिए प्रेरणा मिलती है. छोटी सफलता ही बड़ी सफलता की चाह पैदा करती है.

काम के साथसाथ घरपरिवार कैसे संभालती हैं? पति का कितना सपोर्ट मिलता है?

घरपरिवार एकसाथ संभालने के लिए सपोर्ट सिस्टम की जरूरत होती है. इस मामले में मेरे पति मेरा बहुत साथ देते हैं. आज यदि मैं यहां दिल्ली में हूं और मेरा बेटा मुंबई में है, तो इसलिए क्योंकि वह पिता की देखरेख में है.

यदि एक पिता बच्चे के जन्म के बाद पुन: अपने कैरियर को एक नए मुकाम तक पहुंचा सकता है, तो एक पत्नी क्यों नहीं? मेरी सास अमेरिका में रहती हैं, मेरे मम्मीपापा दिल्ली में हैं, भाई सिंगापुर में, ननद अमेरिका में और हम मुंबई में. जाहिर है मेरे पास पति के सिवा कोई और सपोर्ट नहीं है. वही मेरे सपोर्ट सिस्टम हैं.

आज भी महिलाओं को जीवन में

कई तरह के कंप्रोमाइज करने पड़ते हैं. इतना ही नहीं बच्चे व परिवार की खातिर अपना कैरियर तक छोड़ना पड़ता है? क्या कहेंगी आप?

सामान्य रूप में यदि पति और पत्नी दोनों कामकाजी हैं और परिवार बढ़ा रहे हैं, तो महिला का कैरियर ही बैकसीट पर जाता है. मगर यदि मैं अपनी और अपनी सहेलियों की बात करूं तो स्थिति कुछ अलग है. हम सभी समान रिलेशनशिप में हैं. हमें कभी अपने कैरियर के साथ समझौता नहीं करना पड़ा. हां, मैं चाहती हूं कि मेरी तरह दूसरी महिलाओं को भी यह आजादी मिले.

सरिता विशेष

फिटनैस के लिए आप क्या करती हैं?

अपनी फिटनैस के लिए मैं किसी डाइटीशियन या न्यूट्रिशनिस्ट के पास नहीं जाती. मैं कोई खास डाइट भी नहीं लेती हूं. मुझे पता है कि क्या चीजें मेरे लिए अच्छी हैं और क्या बुरी. कभीकभी अगर खुद से चीट भी कर लेती हूं, तो अगले ही दिन से कवर भी कर लेती हूं. मैं नियमित रूप से व्यायाम करती हूं खासकर सुबह का व्यायाम कभी मिस नहीं करती.

आप की नजर में एक महिला की सब से बड़ी ताकत क्या है?

देखिए, एक महिला की सब से बड़ी ताकत है कि वह मल्टीटास्क कर सकती है. वह एक साथ कई भूमिकाएं निभा सकती है. एक समय में ही वह मां, पत्नी, बेटी, बहू की भूमिकाओं में रह कर अपनी श्रेष्ठता साबित करती है. पुरुष कभी भी मल्टीटास्क नहीं कर सकता.

आप को किस तरह की ड्रैसेज ज्यादा पसंद हैं, वैस्टर्न या इंडियन?

मैं दोनों ही तरह की ड्रैसेज पसंद करती हूं. कुछ खास मौकों पर या औफिशियल मीटिंग्स के दौरान साड़ी पहनती हूं, तो डेटुडे बिजनैस में जींस पहनना पसंद करती हूं.