धारावाहिक ‘मधुबाला’ से प्रसिद्धि प्राप्त करने वाली टीवी अभिनेत्री दृष्टि धामी एक मॉडल और डांसर हैं. गुजराती परिवार में जन्मी दृष्टि ने मॉडलिंग और म्यूजिक वीडियो से अपने करियर की शुरुआत की थी. इसके बाद उन्हें धारावाहिकों में काम मिला. वह स्पष्टभाषी और हंसमुख हैं. एक आम महिला की तरह हैं जिसे अपने काम से लगाव है. लेकिन इस बात से नाराज़गी है कि उन्हें लोग कम बोलने वाली समझते हैं, जबकि वह ऐसी नहीं. उनका अपनी टीम और साथी कलाकार के साथ अच्छा ताल-मेल रहता है. काम की सफलता को एन्जॉय करते हुए उन्होंने अपने प्रेमी और व्यवसायी नीरज खेमका से शादी की. वह टीवी जगत की सबसे अधिक मेहनताना लेने वाली अभिनेत्री मानी जाती हैं. इन दिनों वह ‘स्टार प्लस’ पर आने वाले धारावाहिक ‘परदेस में है मेरा दिल’ में मुख्य भूमिका निभा रही है, पेश है उनसे बातचीत के अंश.

प्र. इस धारावाहिक से जुड़ने की वजह क्या है?

मैं इसे ना तो कर ही नहीं सकती थी, क्योंकि कॉम्बिनेशन इतना अच्छा है. जिसमें कहानी, प्रोडक्शन टीम, स्टार प्लस आदि सब अच्छे हैं. इसके अलावा आस्ट्रिया की शूटिंग, क्लिकनिक्सन का सेट ये सब अच्छे हैं. इसलिए ना बोलने की कोई वजह ही नहीं थी. पूरी कहानी बहुत सुंदर है, मैंने 25 दिन का आउटडोर किया, पर एक पल के लिए नहीं लगा कि हमें कोई परेशानी हुई हो. सबकुछ हमने समय से ख़तम किया.

प्र. इसमें आपकी भूमिका क्या है?

में एक मध्यम वर्गीय परिवार की लड़की हूं जो अपने माता-पिता और परिवार की देखभाल करती है. लेकिन वह ‘लूजर’ है और सही व्यक्ति को शादी के लिए ढूंढ रही है. एक समय ऐसा आता है जब दो हारे हुए व्यक्ति एक साथ मिलते हैं और उन्हें वह सब कुछ मिल जाता है जिसकी वे चाहत रखते थे.

प्र. इस चरित्र के साथ अपने आप को कितना जोड़ पाती हैं?

मां के साथ मेरी बोन्डिंग बहुत अच्छी है, इस धारावाहिक के दौरान मैंने जो भी शूट किये, बार-बार मां की याद दिलाते रहे हैं. मां के चरित्र के अलावा मैं किसी और चीज से अपने-आप को जोड़ नहीं सकती, क्योंकि मैं लूज़र नहीं, न तो मैं शादी के लिए किसी को ढूंढ रही हूं. इस धारावाहिक में दिखाए गए हर दृश्य से कोई भी महिला अपने आप को जोड़ सकती है. दृश्य हो या संवाद सारे नेचुरल है. आसपास घटने वाले हैं.

प्र. इसे करने में मुश्किलें कहा आ रही हैं?

अर्जुन के साथ शूट करने की मुश्किलें सबसे अधिक आ रही हैं, क्योंकि मैं उसे सालों से जानती हूं और अब इस तरह की एक्टिंग कर रही हूं. जो अजीब लगता है, इसके अलावा निर्देशक जो बहुत ही सधे हुए हैं, उनके साथ काम करने के लिए बहुत तैयार रहना पड़ता है. इतना ही नहीं ऑस्ट्रिया में एक ख़ास दिन मैं ‘फ़ास्ट’ पर थी और मायनस फाइव डीग्री पर मुझे छोटी ड्रेस में शूट करना पड़ा. सारे प्रोडक्शन टीम ने मुझे संभाला और सहयोग दिया, जिससे अभिनय आसान हुआ.

प्र. आउटडोर शूटिंग में अपने स्किन का ध्यान कैसे रखती हैं?

मैं सनस्क्रीन लगाती हूं इसके अलावा जो समस्या आती है, मेकअप मैन उसे मेकअप के द्वारा ठीक कर देते हैं.

प्र. शादी के बाद जिंदगी कितनी बदली है?

बदलाव कुछ नहीं, पहले मां के पास सोती थी, अब पति के पास. मेरे सास-ससुर मेरा बहुत ख्याल करते हैं. मैं उस घर की बहू नहीं बेटी हूं. डेढ़ साल से कोई समस्या नहीं है.

प्र. पति का कितना सहयोग होता है?

पति का सहयोग बहुत है, नीरज के माता-पिता और मेरे माता-पिता की राजी के बिना ये मैं कर नहीं पाती थी. वह दूसरे क्षेत्र से जुड़े हैं, इसके बावजूद भी मैं उनसे हर बात को डिस्कस करती हूं. कहानी और एसाइनमेंट को साईन करने से पहले उनकी राय अवश्य लेती हूं.

प्र. पति के साथ सामंजस्य कैसे बिठाती हैं?

दिन में कई बार आपस में बातचीत हो जाती है. खाना खाया की नहीं, सेट पर पहुंची की नहीं आदि सभी बातों को वे पूछते रहते हैं और मैं भी पूछती हूं. इस तरह कनेक्ट रहते हैं, घर पर जाकर एक साथ बैठ कर मूवीज देखते रहते हैं. रविवार को जब मेरी छुट्टी रहती है तो हम दोनों दोस्तों से मिलने चले जाते हैं. इसके अलावा छुट्टी लेकर कही घूमने भी जाते हैं.

प्र. करियर का टर्निंग पाइंट किसे मानती हैं?

सारे ही काम लाइफ के किसी न किसी रूप में टर्निंग पॉइंट होते हैं. पहले म्यूजिक वीडियो किया, उससे मेरा चेहर सबको दिखा. फिर ‘मधुबाला’ धारावाहिक मिला. फिर एकता कपूर जैसी प्रोड्यूसर मिली. सबको जोडकर ही यहां तक पहूंची हूं. इतना जरुर है कि मधुबाला की वजह से मेरी पहचान घर-घर में हुई. मुझे ख़ुशी है कि जब मैं ऑस्ट्रिया गई थी वहां भी मेरे फैन मिले. मेलिना नाम की एक महिला जिन्हें मेरी भाषा नहीं आती थी. उन्होंने मेरे शो ‘मधुबाला’ को ‘सबटाइटल’ के सहारे देखा था. म्युनिख से 3 घंटे ड्राइव कर वह मुझसे मिलने आई थी. जो बड़ी बात थी.

प्र. जीवन में कोई मलाल रह गया है?

ऑस्ट्रिया की ट्रिप के बाद हमने जाना कि हमें कैसे जीना है. रिवर राफ्टिंग, स्किइंग आदि सब सीखने की इच्छा पैदा हुई है. समय मिलने पर वह भी सीख लूंगी.

प्र. सुपर पावर मिले तो क्या बदलना चाहती है?

कुछ खास बदलना नहीं चाहती. लेकिन शहर को साफ-सुथरा और भ्रष्टाचार को देश से हटाना चाहती हूं. मुझे जो भी मिला मैं उसी में संतुष्ट हूं.

प्र. जीवन में खुश रहने का मंत्र क्या है?

हमेशा सकारात्मक सोच रखें, जो मिले उसमें खुश रहें. हर दिन को अपने हिसाब से मनाये.