सरिता विशेष

मुंबई की रहने वाली गुरुदीप ने अपने अभिनय कैरियर की शुरुआत मौडलिंग से की. उन को पहचान मिली ‘संजीवनी’, ‘सिंदूर तेरे नाम का’, ‘नच बलिए’ व ‘दिया और बाती हम’ सीरियलों से. गुरुदीप ने फिल्म ‘राउडी राठौर’ में भी काम किया. गुरुदीप  ने ‘संजीवनी’ के साथी कलाकार अर्जुन पुंज से साल 2006 में शादी की. 2010 में उन की बेटी मेहर हुई. अर्जुन और गुरुदीप दोनों ने एकसाथ ‘दिया और बाती हम’ में काम किया है. पेश हैं उन से हुई बातचीत के खास अंश :

शादी से पहले और शादी के बाद अपने कैरियर में क्या बदलाव महसूस करती हैं?

शादी से पहले हमारा ध्यान केवल कैरियर पर होता है. शादी के बाद हमें पति, परिवार और बच्चे सभी पर ध्यान देना पड़ता है. यह सब बहुत मजे से व्यवस्थित हो जाता है. हमें यह महसूस नहीं होता कि कैरियर के चक्कर में हमें क्या गंवा देना पड़ा. काम के बाद अपने परिवार के साथ समय गुजार कर बहुत अच्छा लगता है. काम का सारा बोझ, तनाव बच्चों की एक मुसकान मात्र से दूर हो जाता है.

एक सोच होती थी कि शादी और उस पर बच्चे होने के बाद अभिनय के कैरियर में ब्रेक  लग जाता था?

अब ऐसा नहीं होता. शादी और बच्चों के बाद भी कैरियर को आगे बढ़ाया जा सकता है. टीवी ही नहीं, फिल्मों में भी ऐसे तमाम उदाहरण मौजूद हैं जब कलाकारों ने कैरियर के ऊंचे शिखर पर शादी की है. शादीके बाद भी लोग उन को पसंद करते हैं. टीवी की दुनिया में ऐसे बहुत उदाहरण हैं. शादी और बच्चों को कैरियर पर ब्रेक मानने वाली बात मुझे बेमानी लगती है.

क्या इस की वजह यह नहीं है कि आज की औरत शादी और बच्चों के बाद भी अपने को फिट रख सकती है?

सही बात है. आज औरतों को अपने को फिट और सुंदर बनाए रखने की कला आती है. वे अपने पर पहले से अधिक ध्यान देती हैं. वे महिलाएं ही नहीं जो फिल्मी कैरियर में हैं. आम महिलाएं भी आज अपनी सेहत और सुंदरता के प्रति बहुत जागरूक हैं.

आप और आप के पति दोनों ही अभिनय के क्षेत्र से हैं. एक ही फील्ड में काम करने में कोई परेशानी तो नहीं होती?

मुझे तो इस में कोई परेशानी नहीं होती है. मुझे तो लगता है कि एक फील्ड में काम करने का लाभ ही होता है. पतिपत्नी के बीच अनबन तो हर उस जगह हो सकती है जहां आपसी प्यार और सहयोग नहीं होगा. हम ने कई बार एकदूसरे के साथ वाले रोल किए हैं. ‘दिया और बाती हम’ में हम एकदूसरे के अपोजिट भूमिका की. परदे पर हम भले ही अलगअलग हों पर घर में साथसाथ होते हैं. परदे पर काम करते समय हमें यह भूलना पड़ता है कि हम पतिपत्नी हैं. हम अपने अभिनय पर आपस में बात करते हैं. हम जानते हैं कि सब से अच्छी सलाह हमें आपसी बातचीत के बाद ही पता चल सकेगी.

आप की बेटी करीब 4 साल की है. वह अपनी ‘स्टार मौम’ को कैसे देखती है?

बच्चे हमें देखते बडे़ होते हैं. वे धीरेधीरे सबकुछ समझ लेते हैं. कई बार हम बेटी को शूटिंग पर ले जाते हैं. अब वह स्कूल जाने लगी है. हमें सब से ज्यादा परेशानी उस के साथ स्कूल जाने में होती है. सब हम लोगों से मिलने के चक्कर में लग जाते हैं. हमारी बेटी को अपनी स्टार मौम और डैड दोनों से बहुत प्यार है.

आप की दूसरी हौबीज क्या हैं?

मुझे तरहतरह के खाने बनाने का शौक है. इस के लिए मैं पत्रिकाओं में प्रकाशित होने वाले रेसिपी के लेख बहुत पढ़ती हूं. गृहशोभा व सरिता में प्रकाशित होने वाली रेसिपी हम ने बहुत पढ़ी हैं. इन से बहुत सीखने को मिला है. एक टैलीविजन चैनल पर कुकिंग प्रोग्राम ‘बच्चा पार्टी’ और एबीसी (औल बाउट कुकिंग) होस्ट किए. मेरे पति तो एक रेस्तरां भी चलाते हैं. पंजाबी फूड खासतौर पर पसंद है. मुझे घूमना भी बहुत पसंद है.

नैगेटिव रोल करने के बाद क्या कैरियर पर किसी तरह का नैगेटिव प्रभाव पड़ता है?

मेरा मानना है कि कलाकार को हर तरह के रोल करने चाहिए. इस से ऐक्ंिटग के तमाम शेड्स करने को मिलते हैं. मुझे ऐसे रोल करने में कोई परेशानी नहीं होती. इस को मैं चैलेंज के रूप में लेती हूं. मुझे सब से ज्यादा मुश्किल वैसे रोल निभाने में आती है जहां मुझे पुरुष का किरदार निभाने को कहा जाता है. ‘दिया और बाती हम’ में मुझे एक सीन में दाढ़ीमूंछ लगा कर पुरुष बनना पड़ा था.

शादी के बाद अपने को फिट कैसे रखें?

आप अपने से प्यार करना शुरू कर दीजिए. अपने को फिट रखने में केवल थोड़ी सी जागरूकता और ऐक्सरसाइज की जरूरत है. खानपान का ध्यान रखें. फैट बढ़ाने वाली चीजें न खाएं. ऐसी चीजें टेस्टी जरूर लगती हैं पर इन से बचना पडे़गा. सब से जरूरी चीज स्किन केयर होती है. इस के लिए पानी खूब पिएं. अपने फिगर को ध्यान में रख कर अपने लिए ड्रैस का चुनाव करें. इस के अलावा मेकअप का प्रयोग जरूरत के हिसाब से ही करें.