हिंदी फिल्म ‘रिफ्यूजी’ से ऐक्टिंग के क्षेत्र में कदम रखने वाली ‘बेबो’ यानी करीना कपूर ने फिल्म इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बनाई है. उन्हें हमेशा अलगअलग किरदार निभाने पसंद हैं और वे पूरी जिंदगी ऐक्टिंग ही करना चाहती हैं.

करीना कपूर की कुछ फिल्में बेहद कामयाब रहीं, तो कुछ नहीं चलीं. पर इस बात को वे ज्यादा तवज्जुह नहीं देतीं. फिल्म ‘चमेली’ और ‘जब वी मैट’ उन की बेहतरीन फिल्में मानी जाती हैं.

फिल्म इंडस्ट्री में 16 साल के सफर में करीना कपूर खान ने हर तरह के डायरैक्टर के साथ काम किया है. उन की नई फिल्म ‘की ऐंड का’ को भी पसंद किया गया. पेश हैं, उन से हुई बातचीत के खास अंश:

फिल्म की ऐंड कामें अर्जुन कपूर ने हाउस हसबैंड का किरदार निभाया है. अगर असली जिंदगी में आप के पति सैफ अली खान हाउस हसबैंड बनना चाहें, तो  आप को कोई एतराज तो नहीं होगा?

सैफ पिछले 25 साल से फिल्म इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं. ऐसे में अगर उन्हें कुछ दिनों के लिए ब्रेक चाहिए, तो मुझे कोई एतराज नहीं होगा. वे घर संभालेंगे, तो मुझे खुशी ही होगी.

आप अपने अब तक के फिल्मी सफर को कैसे देखती हैं?

मेरे 16 साल के फिल्मी सफर में ऐसा कोई डायरैक्टर नहीं होगा, जिस के साथ मैं ने काम न किया हो. फिल्म चले या न चले, पर हर डायरैक्टर के साथ अच्छा रिश्ता बन जाता है. रोहित शेट्टी हों या कबीर खान या अभिषेक चौबे हों या फिर आर. बाल्की, मैं ने हर किसी के साथ बेहतरीन काम करने की कोशिश की है. मैं तो हमेशा से ही डायरैक्टर की ऐक्टर हूं. उन की सोच को मैं ऐक्टिंग के रूप में पेश करती हूं.

आप का ड्रीम प्रोजैक्ट क्या है?

मैं हर तरह की फिल्में पसंद करती हूं. कौमेडी, थ्रिलर, रोमांटिक कुछ भी नया और अलग. मैं ने किसी ड्रीम प्रोजैक्ट के बारे में नहीं सोचा है. रोल छोटा हो या बड़ा, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता. मैं हमेशा अच्छी और अलग फिल्म करना पसंद करती हूं. हां, यह ड्रीम जरूर है कि मैं हमेशा फिल्मों में काम करती रहूं.

अभी आप कम फिल्में कर रही हैं. इस की क्या वजह है?

मैं अब अपने हिसाब से काम करूंगी, पर हमेशा काम करना चाहूंगी. मैं उन फिल्मों में काम करूंगी, जिन में मुझे ऐक्टिंग करने में मजा आए. मैं अब साल में 5 फिल्में नहीं करना चाहती, बल्कि 2 फिल्में ही काफी हैं. मुझे किसी भी कलाकार के साथ काम करने में कोई परहेज नहीं है.

आजकल हिंदी सिनेमा में भी बायोपिक फिल्मों का दौर चल पड़ा है. क्या आप भी किसी की बायोपिक फिल्म करना चाहती हैं?

मुझे बायोपिक फिल्में पसंद हैं, पर कहानी में दम होना चाहिए

क्या आप हौलीवुड की फिल्मों में काम करना चाहेंगी?

मैं हिंदी फिल्मों के एक परिवार से हूं. आजकल हिंदी फिल्में हर जगह ‘डब’ की जाती हैं. सभी उन्हें देखते हैं. ऐसे में मैं हिंदी सिनेमा में ही अच्छी फिल्में करना चाहूंगी.