सरिता विशेष

हर इंसान के अपने कुछ शौक होते हैं, जिन्हें वह गाहे बगाहे पूरा करते रहते हैं. इसमें बॉलीवुड कलाकार भी पीछे नहीं हैं. हमने कुछ माह पहले आपको बताया था कि किस तरह अभिनेता अमित साध साइकल व बाइक पर यात्राएं करते रहते हैं. पर उनकी यात्राएं भारत तक ही सीमित है.

मगर बॉलीवुड के अपने समय के मशहूर अभिनेता शम्मी कपूर के बेटे आदित्य राज कपूर 5 जून से बाइक पर विश्व यात्रा पर निकल रहे हैं.

कौन हैं आदित्य राज कपूर

मशहूर अभिनेता स्व. शम्मी कपूर के बेटे और स्व. राज कपूर के भतीजे आदित्य राज कपूर अभिनेता व पूर्व व्यवसायी के साथ साथ बाइकर हैं. 17 साल की उम्र में बतौर सहायक निर्देशक राज कपूर व रणधीर कपूर के साथ काम करते हुए ‘बॉबी’, ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ व ‘धरम करम’ में सहायक निर्देशक रहे. फिर दूसरे क्षेत्र में नौकरी की. उसके बाद खुद व्यवसायी बन गए. लोनावाला, महाराष्ट्र में अम्यूजमेटं पार्क स्थापित किया. यूएई में एक टीवी चैनल ‘चैनल सेवन टू नाइन’ शुरू किया था. कुछ अन्य व्यवसायों से जुड़े रहें. उसके बाद ‘दिल तो बच्चा है जी’, ‘से यस टू लव’, ‘दिवानगी ने हद कर दी’ जैसी फिल्मों व टीवी सीरियल ‘एवरेस्ट’ में अभिनय किया.

उन्हे यात्राएं करने का शौक रहा है. उन्होंने एक ट्रौवलॉग ‘‘बाइक ऑन ए हाइक’ नामक किताब भी लिखी है, जिसे ‘ऐमेजॉन डॉट इन’ से खरीदा जा सकता है. वह अब तक मुंबई से चेरापूंजी, मुंबई से शोजा और वापसी 5500 किलोमीटर की यात्रा बाइक पर महज 25 दिन में तथा भारत, भूटान व नेपाल की 12820 किलोमीटर की यात्रा 73 दिनों में के अलावा अपनी पत्नी प्रीती कपूर के संग मुंबई से धर्मशाला 5022 किलोमीटर की यात्रा कर चुके हैं.

बाइक पर विश्व की यात्रा शुरू करने से पहले आदित्य राज कपूर ने हमसे बात की, जो इस प्रकार रही.

आदित्य राज कपूर की बाइक यात्रा पांच जून को मुंबई से शुरू होगी. जो कि रूस से यूरोप होते हुए भारत वापस आएगी. खुद आदित्य राज कपूर कहते हैं, ‘‘हम 5 जून 2017 को दोपहर बारह बजे मुंबई के जुहू इलाके में स्थित पृथ्वी थिएटर से रवाना होंगे. मुंबई से दिल्ली और दिल्ली से मास्को पहुंचेंगे. मास्को से वलाडिवोस्टॉक व यूरोप होते हुए पूरा विश्व भ्रमण कर वापस भारत आउंगा. यह पूरी यात्रा 45000 किलोमीटर की है,जिसे हम आठ से दस माह के अंदर पूरी करेंगे. मुझे खुशी है कि इस यात्रा का खर्च वहन करने के लिए कुछ स्पांसर्स तैयार हो गए हैं.’’

वह बताते हैं कि ‘‘मेरे पास दो बाइक हैं. एक बाइक ‘रॉयल इन्फील्ड क्लासिक 500 सीसी’ है, जिसे मैंने ‘बेबी ब्लू’ नाम दिया है. दूसरी बाइक ‘ट्म्फि बोन्नेविल्ले टी 100’ है, जिसे ‘सनबीम’ नाम दिया है.’’

बाइक पर विश्व भ्रमण के पीछे की अपनी सोच का जिक्र करते हुए आदित्य राज कपूर ने कहा, ‘‘मेरी इस यात्रा के पीछे एकमात्र सोच पूरे विश्व को जमीनी स्तर पर जानना व समझना है. हम विश्व के कुछ देशों में हवाई यात्रा करके गए हैं. यूएई सहित कुछ देशों में कुछ समय मैं रहा हूं. अन्य देशों के बारे में हमने किताबों या टीवी से कुछ जानकारी पायी है. पर हमने सोचा कि विश्व को नजदीक से समझा जाए. बाइक से यात्रा करने के पीछे मूल मकसद यही है कि बाइक पर सवारी करते हुए हम जमीन पर ही रहते हैं. हम चीजों को नजदीक से देख व समझ सकते हैं.’’

बाइक पर यात्रा करते समय किन लोगों से मिलना चाहेंगे?

इस सवाल पर उन्होने कहा, ‘‘हमारी इस यात्रा में हमारी मुलाकात हर तबके व हर तरह के इंसानों से होने वाली है. मैं दूसरे देश में रह रहे सिर्फ भारतीयों से ही नहीं मिलूंगा, बल्कि उन देशों के मूल निवासियों के संग भी बात करुंगा. हम आम इंसानों के साथ कुछ सेलेब्रिटी से भी मिलेंगे. कुछ देशों के मंत्री व राजनीतिज्ञों से भी हमारी मुलाकात होगी. कई देश के कुछ संगठनों की तरफ से हमें निमंत्रण मिला है. विश्व के लगभग हर देश के बाइकर संगठनों से हमें निमंत्रण मिला है. कुछ बाइकर हमारे साथ कुछ दूर की यात्रा भी करना चाहते हैं.’’

वह आगे कहते हैं, ‘‘यूं तो बाइक पर विश्व भ्रमण की यात्रा में में भारत से अकेले ही निकल रहा हूं लेकिन रास्ते में हमें कुछ बाइकर मिलेंगे, जो कुछ दूर तक हमारा साथ देंगे. कुछ लोगों ने पहले से ही हमारे साथ इस यात्रा में कुछ समय के लिए हमारा साथ देने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं. इस तरह मैं अपनी इस यात्रा में कभी अकेले चलूंगा, तो कभी मेरे साथ दूसरे देश के पांच छह बाइकर भी होंगे.’’

इस यात्रा के मकसद पर रोशनी डालते हुए आदित्य राज कपूर ने स्पष्ट शब्दों में कहा, ‘‘मैं किसी इंसान या किसी देश के निवासी से कुछ कहने या कोई संदेश देने के मकसद से यह यात्रा नहीं कर रहा हूं, बल्कि हमारा मकसद विश्व के हर कोने के लोगों को सुनना है. हम जिस देश के अंदर प्रवेश करेंगे, उस देश की सभ्यता व संस्कृति पर उस देश के मूल निवासियों की बात सुनने के साथ ही लोगों की समस्याओं, उनकी इच्छाओं, उनके सपने, उनके शौक आदि के बारे में उनकी मुंह जबानी बातें सुनूंगा. इस बाइक यात्रा के दौरान हमें हर देश के इतिहास, भूगोल, वहां की सभ्यत संस्कृति, धर्म व स्प्रिच्युआलिटी को समझने का अवसर मिलेगा.’’