सरिता विशेष

बदलती भौगोलिक दशा और ग्लोबल वार्मिंग के दौर में दुनिया के तमाम युवक प्राकृतिक आपदाओं के शिकार हो रहे हैं. एशिया के दक्षिणपूर्व में बसे फिलीपींस में प्राकृतिक आपदा की शक्ल में आए मौत के तूफान ‘हैयान’ ने हजारों जिंदगियां तबाह कर दीं. 10 हजार से ज्यादा जिंदगियां लील चुका यह चक्रवाती तूफान अब तक आए चक्रवाती तूफानों में सब से ज्यादा घातक साबित हुआ. करीब सवा लाख से ज्यादा लोगों की जिंदगी तहसनहस करने वाला यह तूफान 320 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से 8 नवंबर को मनीला के करीब 600 किलोमीटर दक्षिणपूर्व में सुबह 4 बज कर 40 मिनट पर मध्य द्वीप समर से टकराया. सरकारी आकलनों के मुताबिक, तेज रफ्तार के इस तूफान के रास्ते में आने वाले 70-80 फीसदी घर पूरी तरह तबाह हो गए.

तूफान को शांत हुए भले ही कई दिन बीत गए हैं लेकिन भूख, मातम और सिर से छत गंवा चुके आपदा प्रभावित लोगों के दिलों में आज भी डरावना तूफानी मंजर मौजूद है. बचाव कार्य और राहत सामग्री का मरहम समय के साथ इस हादसे की यादें भले ही धुंधला दे लेकिन इस दर्दनाक वाकए के निशां जल्दी नहीं मिटेंगे.

ऐसे चक्रवाती तूफानों का भविष्य में और विनाशकारी होने की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता. चिंता का सबक सिर्फ फिलीपींस जैसे बाहरी मुल्कों के लिए ही नहीं बल्कि भारत के लिए भी है. क्योंकि देश के समुद्रतटीय राज्यों में मौत के तूफानी चक्रवातों की दस्तक अब सुनने को मिल रही है.