दुनियाभर में इन दिनों फीफा वर्ल्ड कप की खुमारी छाई हुई है. जिन मुल्कों की टीमों ने फीफा में शिरकत की है वे तो लुत्फ उठा ही रहे हैं, भारत जैसे कई मुल्क बिना अपने देश की टीमों की परवा किए फुटबाल के इस कार्निवाल में पूरी तरह से रमे हुए हैं.

इस दिलचस्प मुकाबले में बड़े उलटफेर के साथसाथ कुछ हरकतें भी ऐसी हुईं कि जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. उरुग्वे और इटली के बीच दिलचस्प मुकाबला चल रहा था, प्रशंसक यह तय नहीं कर पा रहे थे कि जीत किस की होगी. इसी बीच उरुग्वे के लुईस सुआरेज ने इटली के डिफैंडर जार्जियो चेलिनी के कंधे पर दांत गड़ा दिए. मैच के दौरान रैफरी से तो सुआरेज बच गए लेकिन कैमरे से नहीं बच पाए. फीफा ने इसे गंभीरता से लेते हुए सुआरेज पर 9 मैच और 4 महीने के लिए फुटबाल की गतिविधियों में हिस्सा लेने पर रोक लगा दी. मजेदार बात तो यह है कि भले ही ज्यादातर प्रशंसकों को मालूम नहीं होगा लेकिन यह बात सट्टेबाजों को मालूम जरूर थी क्योंकि सट्टेबाज पहले ही सट्टा लगा चुके थे कि इस बार सुआरेज का शिकार कौन होगा.

हालांकि फीफा वर्ल्ड कप में इस तरह की घटनाएं पहले भी होती रही हैं. वर्ष 2010 में औटमन बक्कल उस के बाद ब्रैनिस्लाव इवानोविच के साथ भी ऐसा ही हुआ था. दांत गड़ाने के अलावा वर्ष 2006 में फ्रांस के कप्तान जिनेदिन जिदान ने इटली के मार्को मातेरात्जी की छाती पर अपना सिर दे मारा था.  इसी तरह वर्ष 1990 में वर्ल्ड कप के दौरान नीदरलैंड के फ्रैंक रिकौर्ड ने पश्चिमी जरमनी के रूडी वौलर पर थूक दिया था. वर्ष 2010 में फाइनल मुकाबले में नीदरलैंड के खिलाड़ी नाइजेल डी जोंग को स्पेन के साबी एलोंसो पर छाती के बराबर किक करने के लिए पीला कार्ड दिखा कर बाहर कर दिया गया था. ऐसी एक नहीं कई घटनाएं घट चुकी हैं.

बहरहाल, भले ही उरुग्वे ने वह मैच जीत लिया लेकिन सुआरेज की हरकत ने फीफा को कहीं न कहीं फीका तो जरूर कर ही दिया क्योंकि उस जीत की चर्चा कम और सुआरेज की हरकत की चर्चा कुछ ज्यादा ही रही

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