सरिता विशेष

भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच रवि शास्त्री अब सचिन तेंदुलकर को टीम इंडिया का सलाहकार बनाना चाहते हैं, बशर्ते यह हितों के टकराव का मामला न हो.

शास्त्री ने बीसीसीआई की स्पेशल मीटिंग में कार्यकारी अध्यक्ष सीके खन्ना, सीईओ राहुल जोहरी, कार्यकारी सचिव अमिताभ चौधरी और प्रशासक कमिटी की सदस्य डायना एडुलजी के सामने अपनी यह इच्छा जाहिर की है.

तेंदुलकर क्रिकेट अडवाइजरी कमिटी (सीएसी) के सदस्य हैं. इसी कमिटी ने शास्त्री को बतौर टीम इंडिया का मुख्य कोच चुना है. स्पेशल कमिटी ने यह साफ कर दिया है कि राष्ट्रीय टीम के साथ किसी भी भूमिका में जुड़ने से पहले हितों के टकराव का कोई मामला नहीं होना चाहिए.

कमिटी के एक सदस्य ने पहचान सार्वजनिक न किए जाने की शर्त पर बताया, 'रवि ने सचिन को बहुत कम वक्त के लिए टीम का सलाहकार बनाए जाने का आइडिया दिया है. लेकिन कमिटी ने फौरन उन्हें हितों के टकराव की बात याद दिला दी.'

सदस्य ने कहा, 'अगर तेंदुलकर इस भूमिका को स्वीकार कर लेते हैं तो उन्हें आईपीएल सहित कई समितियों की सदस्यता छोड़नी होगी. और किसी को बहुत थोड़े वक्त के लिए साथ आने को कहना और इतनी सारी अन्य व्यावसायिक समितियों को छोड़ने को कहना, कुछ ज्यादा ही हो जाएगा.'

जहीर खान के साथ भी ऐसा ही कुछ मामला है. जहीर टीम के साथ साल में करीब 25 दिन ही रहना चाहते हैं. आईपीएल सहित उनकी कई अन्य प्रतिबद्धताएं हैं. सदस्य ने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि साल में 25 दिन के अनुबंध के लिए आप अन्य प्रतिबद्धताओं को छोड़ना चाहेंगे.'

रवि शास्त्री के सपोर्ट स्टाफ की घोषणा कर दी गई लेकिन टीम के साथ जहीर और द्रविड़ की भूमिका लेकर अब भी स्पष्टता का अभाव है. द्रविड़ फिलहाल इंडिया ए और अंडर-19 टीम के कोच हैं.

अरुण भगत एक बार फिर टीम इंडिया के गेंदबाजी कोच बन गए हैं इसलिए हितों के टकराव के चलते अब वह आईपीएल टीम रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और टीएनपीएल की टीम वीवी तिरुवल्लुर वीर के कोच नहीं बने रह पाएंगे. सपोर्ट स्टाफ में सहायक कोच संजय बांगड़ और फील्डिंग कोच आर. श्रीधर 2019 वर्ल्ड कप तक टीम इंडिया के कोच बने रहेंगे.