स्पेन के सुप्रीम कोर्ट ने कर चोरी के मामले में लियोनेल मेस्सी की 21 महीने की जेल और 20 लाख 25 हजार डॉलर जुर्माने (करीब 15 करोड़ रुपये) की सजा बरकरार रखी है. हालांकि सर्वश्रेष्ठ फुटबॉलरों में शुमार मेस्सी को स्पेन के कानून के तहत शायद ही जेल जाना पड़े.

दस साल पुराना मामला

अर्जेटीना के फुटबॉलर मेस्सी और उनके पिता जॉर्ज होरासियो मेस्सी को जुलाई 2016 में करीब 40 लाख यूरो कर बचाने के लिए बेलिजे, ब्रिटेन, स्विट्जरलैंड और उरुग्वे की कंपनियों के इस्तेमाल का दोषी पाया गया था. यह कर 2007-09 के दौरान मेस्सी को तस्वीरों के इस्तेमाल से होने वाली कमाई पर लगाया गया था. बार्सिलोना से खेलने वाले मेस्सी ने इस धोखाधड़ी में सजा के खिलाफ अपील की थी.

मेस्सी ने आय छिपाई

पांच बार के फीफा के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुने गए 29 साल के मेस्सी पर प्रायोजकों डानोने, एडिडास, पेप्सी-कोला, प्रॉक्टर एंड गैम्बल और कुवैती खाद्य कंपनी के साथ अनुबंधों के आधार पर मिले करोड़ों रुपये की आय और टैक्स जानकारी छुपाने का आरोप है. जहां अदालत ने मेस्सी की सजा बरकरार रखी वहीं उनके पिता की सजा इस आधार पर कम करके 15 महीने कर दी कि फुटबॉलर ने आयकर अधिकारियों के पास धोखाधड़ी से बचाई रकम जमा करा दी.

कैसे की टैक्स चोरी

मामला 2007 से 2009 के बीच का है. इस दौरान मेस्सी ने कमाई का बड़ा हिस्सा दूसरे देशों में रखा और टैक्स नहीं चुकाया. जून, 2015 में यह मामला सामने आया.

फर्जी कंपनियों का इस्तेमाल

मेस्सी और उनके पिता जार्ज को 41 लाख 60 हजार यूरो टैक्स से बचाने के लिए कई फर्जी कंपनियों के उपयोग का दोषी पाया गया.

आगे की कहानी पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

डिजिटल

(1 साल)
USD10
 
सब्सक्राइब करें

डिजिटल + 24 प्रिंट मैगजीन

(1 साल)
USD79
 
सब्सक्राइब करें
और कहानियां पढ़ने के लिए क्लिक करें...