सरिता विशेष

दशहरे से पहले बौंबे स्टौक एक्सचेंज में कभी तेजी तो कभी गिरावट का सामान्य माहौल रहा. दशहरे के अगले सत्र में बाजार में जबरदस्त तेजी आई तथा सूचकांक 2 माह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया. लेकिन अक्तूबर के आखिरी सप्ताह में बाजार में जम कर बिकवाली हुई और सूचकांक लगातार 5 सत्र तक गिरावट पर बंद हुआ. इस सप्ताह की शुरुआत ही गिरावट से हुई और यह सिलसिला आखिरी कारोबारी दिन तक जारी रहा. इसी तरह शेयर सूचकांक 27000 अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे पहुंच गया. नवंबर की शुरुआत भी गिरावट के साथ हुई और सूचकांक 5 माह के निचले स्तर पर पहुंच गया. नैशनल स्टौक एक्सचेंज 8000 अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे उतर गया.

जानकारों का कहना है कि कंपनियों के तिमाही परिणाम कमजोर रहने, अमेरिकी फैडरल रिजर्व की ब्याज दरों में कटौती के संकेत तथा वैश्विक बाजारों से उत्साहपूर्वक संकेत नहीं मिलने के कारण बाजार में गिरावट का माहौल रहा. बाजार का मूड बिगड़ने की वजह एक सर्वेक्षण में औद्योगिक विकास के 22 माह के निचले स्तर पर पहुंचना भी बताया जा रहा है.