5 राज्यों के विधानसभा चुनावों में मतदाताओं ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर जिस तरह से विश्वास किया और भारतीय जनता पार्टी को जबरदस्त जनादेश दिया उस का सीधा असर बौंबे स्टौक एक्सचेंज यानी बीएसई में देखने को मिला. 11 मार्च के बाद से ही बाजार में उछाल है और शेयर सूचकांक आसमान छूने की तमन्ना लिए नजर आ रहे हैं.

वैसे तो चुनावी सर्वेक्षणों में भाजपा की जीत की खबरें आने के बाद से ही बाजार में रौनक बढ़ गई थी लेकिन परिणाम आने के बाद बाजार ने सीधे छलांग लगानी शुरू कर दी और बीएसई का सूचकांक 29,000 अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर से आगे निकल कर 30,000 अंक के रिकौर्ड स्तर की तरफ तेजी से बढ़ रहा है. 30 शेयरों वाला नैशनल स्टौक एक्सचेंज भी रिकौर्ड स्तर की तरफ बढ़ रहा है. उस का सूचकांक 16 मार्च को 16 माह के उच्चतम स्तर को पार कर चुका है.

विदित हो कि शेयर बाजार का मोदी के नेतृत्व पर आम चुनाव के समय से ही विश्वास बढ़ गया था. उन्होंने जिस तरह से चुनाव प्रचार में आक्रामकता दिखाई और देश को बदलने के लिए नई शुरुआत के सपने दिखाए उस को देखते हुए निवेशकों में उस समय से ही उन के प्रति जबरदस्त विश्वास पैदा हो गया था और अब उत्तर प्रदेश तथा उत्तराखंड में उन के नेतृत्व में जो करिश्मा हुआ है उस ने अटल विश्वास पैदा किया है और उसी को देखते हुए बाजार में तेजी है.

निवेशकों को लग रहा है कि देश में मोदी सरकार उत्साहवर्द्धक कारोबारी माहौल तैयार करेगी जिस से देश में आर्थिक तेजी आएगी. बीएसई का सूचकांक 29,728 को पार कर चुका है और निफ्टी 9,180 पर पहुंच चुका है. जानकारों का कहना है कि बाजार में तेजी का यह रुख आने वाले दिनों में भी बना रहेगा.

अमेरिकी फैडरल रिजर्व की समीक्षा के बाद नैशनल स्टौक एक्सचेंज का सूचकांक पहली बार 9,200 अंक के पार, जबकि बंबई शेयर बाजार का सूचकांक 239 अंक चढ़ कर 30 हजार अंक के मनौवैज्ञानिक स्तर को छूने की ओर अग्रसर है.