रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने केंद्र की नई सरकार के कार्यकाल में पहली बार मौद्रिक नीति की घोषणा की और बैंक दरों को यथावत बनाए रखा. ब्याज दरों को पहले की तरह यथावत बनाए रखने के साथ ही उन्होंने बैंकिंग क्षेत्र के लिए अच्छीखासी निधि देने की भी घोषणा की ताकि ऋण का प्रवाह बना रहे. उन की इस नीति का शेयर बाजार ने स्वागत किया और सूचकांक रिकौर्ड 25000 अंक पर बंद हुआ.

हालांकि रुपए को यह रास नहीं आया और रुपया 3 सप्ताह के निचले स्तर पर चला गया. मई के आखिरी सप्ताह में रुपया शुरुआती बढ़त के बावजूद गिरावट पर रहा. 29 मई को डौलर के मुकाबले रुपया लगातार चौथे सत्र में गिरावट पर बंद हुआ.

जून का पहला कारोबारी दिवस शेयर बाजार के लिए उत्साह भरा रहा और बाजार ने 3 सप्ताह में एक दिन में सर्वाधिक 467 अंक की छलांग लगाई. बाजार में यह तेजी वैश्विक बाजार के असर के कारण भी देखने को मिली. विदेशी निवेशकों के साथ ही खुदरा निवेशकों ने बाजार में खूब उत्साह बनाए रखा. यही उत्साह है कि सूचकांक कारोबार के दौरान 25 हजार अंक का रिकौर्ड छू चुका है.