सरिता विशेष

हाल ही में खबर आई कि कार निर्माता मारुति सुजूकी ने अपनी मारुति 800 कार के पहले मौडल की पहली कार को ग्राहक से वापस लेने का फैसला किया है. यह कार करीब 32 साल पहले बनी थी और इस पर कार निर्माता और खरीदार दोनों का प्यार इस कदर उमड़ा कि इस मौडल को खरीदार ने सुरक्षित रखा हुआ है और अब कंपनी ने इस कार को खरीद कर शायद अपने एंटीक शोरूम में रखने का निर्णय ले लिया है. इसी तरह से बजाज आटो ने स्कूटर निर्माण का कार्य बंद करने का फैसला कर लिया है. इन दोनों वाहनों का जिक्र इसलिए कर रहे हैं कि ये दोनों वाहन अपने समय में हमारे समाज का हिस्सा बन गए थे और सामान्य आदमी सिर्फ इन दोनों मौडलों को ही देश का एकमात्र वाहन समझता था. इसी वजह से मारुति 800 और बजाज का स्कूटर कभी लोगों का सपना हुआ करता था. इन दोनों वाहनों के लिए बुकिंग करानी पड़ती थी और काफी दिन इंतजार के बाद नंबर आ पाता था. ‘हमारा बजाज’ का नारा तो हर जबान का हिस्सा बन चुका था, लेकिन आज दोनों वाहन सड़कों से गायब हो चुके हैं. बाजार में वाहनों की भीड़ बढ़ गई है. आएदिन नए मौडल आ रहे हैं और पुराने मौडल कबाड़े का हिस्सा बन रहे हैं. विभिन्न कंपनियों के कितने ही मौडल हर साल आते हैं और कितने ही लोग इन्हें खरीद कर उन की सवारी का आनंद उठाते हैं. एक समय था जब मारुति 800 और बजाज का स्कूटर जब कोई खरीदता तो पूरे महल्ले में यह खबर फैल जाती थी. अजीब किस्म का लगाव लोगों का इन दोनों वाहनों के प्रति रहा है. भविष्य में शायद ही कोई तिपहिया या चौपहिया वाहन इस तरह की भावुक लोकप्रियता हासिल कर सके. सामाजिक परिवेश और माहौल भी अब बदल रहा है, इसलिए इन दोनों वाहनों की याद पुरानी होती पीढ़ी को आती रहेगी.