स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और कुछ अन्य बैंक 1 जनवरी से लोन सस्ते कर सकते हैं. इससे लोन लेने वालों की संख्या बढ़ सकती है. नोटबंदी के बाद से लोन लेने वालों की संख्या काफी कम हो गई है. कैश की सप्लाई कम होने के चलते लोग गैर-जरूरी चीजों पर पैसे खर्च नहीं कर रहे हैं. सूत्रों ने बताया कि कार और होम लोन रेट्स में कमी की जा सकती है. नोटबंदी के बाद बैंकों के पास काफी कैश आ रहा है. इससे उनके डिपॉजिट में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन लोन की मांग में कमी आई है.

खासतौर पर कॉरपोरेट सेक्टर से लोन की मांग काफी कम हो गई है. ऐसे में बैंक कार और होम लोन रेट्स कम कर क्रेडिट ग्रोथ बढ़ाने की कोशिश करने जा रहे हैं. इस पर एसबीआई ने कोई नोटीफिकेशन जारी नहीं किया है. सूत्रों के मुताबिक, इंडियन बैंक्स असोसिएशन की पिछले हफ्ते एक मीटिंग में कुछ बड़े बैंकों के सीईओ ने फाइनेंस मिनिस्ट्री से चर्चा के बाद इंट्रेस्ट रेट में कमी पर विचार किया. कुछ बैंकरों का मानना है कि इससे नोटबंदी के बाद कन्ज़्यूमर सेंटीमेंट को सुधारने में मदद मिलेगी.

हालांकि, इस पूरे मामले में सेविंग बैंक रेट में कमी के आसार भी दिख रहे हैं. सेविंग रेट के लिए कोई रेगुलेटरी नियम नहीं है, लेकिन ज्यादातर बैंकों ने इसे 4% रखा है.

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